सावन 2026: चार सोमवार के साथ 28 अगस्त को रक्षाबंधन, गोरखपुर के शिवालयों में तैयारियां शुरू

भोलेनाथ की भक्ति का पावन महीना शुरू होने को तैयार

भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र महीना सावन इस वर्ष श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व लेकर आ रहा है। गोरखपुर सहित पूरे पूर्वांचल में शिवभक्तों ने सावन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंदिरों में साफ-सफाई, सजावट और विशेष पूजा-अर्चना की तैयारियां जोरों पर हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष सावन में चार सोमवार पड़ेंगे। सावन का समापन रक्षाबंधन पर्व के बाद होगा, जिसे इस वर्ष 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। सावन के दौरान भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, कांवड़ यात्रा और सोमवार व्रत का विशेष महत्व माना जाता है।

इस बार सावन में पड़ेंगे चार सोमवार

पंचांग के अनुसार इस वर्ष सावन मास में चार प्रमुख सोमवार पड़ रहे हैं। इन दिनों भगवान शिव की पूजा, व्रत और जलाभिषेक का विशेष फल बताया गया है।

सावन सोमवार की तिथियां

  • पहला सोमवार – 3 अगस्त 2026
  • दूसरा सोमवार – 10 अगस्त 2026
  • तीसरा सोमवार – 17 अगस्त 2026
  • चौथा सोमवार – 24 अगस्त 2026

इन चारों सोमवार को गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर, झारखंडी महादेव, मुक्तेश्वरनाथ, मानसरोवर शिव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

रक्षाबंधन के साथ होगा सावन का समापन

इस वर्ष रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और रक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पर्व सावन पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।

ज्योतिषीय जानकारी के अनुसार 2026 में रक्षाबंधन के दिन पड़ने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में सूतक का प्रभाव नहीं माना जाएगा और श्रद्धालु सामान्य रूप से राखी बांध सकेंगे।

गोरखपुर के शिवालयों में बढ़ी तैयारियां

सावन को देखते हुए गोरखपुर के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर समितियां श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, सुरक्षा, बैरिकेडिंग और दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने में जुटी हैं।

$सावन के दौरान हर सोमवार हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष योजना तैयार कर रहा है।

सावन का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। मान्यता है कि इस पूरे महीने श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

श्रद्धालु इस दौरान शिवलिंग पर जल, दूध, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित करते हैं।

साथ ही “ॐ नमः शिवाय” तथा महामृत्युंजय मंत्र का जाप

विशेष फलदायी माना जाता है। सावन सोमवार का व्रत विशेष रूप से

अविवाहित युवतियों, विवाहित महिलाओं और शिव भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

प्रशासन भी रहेगा अलर्ट

सावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिरों में पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस भी

विशेष व्यवस्था करेगी। प्रमुख शिवालयों के आसपास सुरक्षा, पार्किंग, ट्रैफिक नियंत्रण और चिकित्सा

सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

निष्कर्ष

सावन 2026 भगवान शिव के भक्तों के लिए विशेष आस्था और भक्ति का महीना होगा।

इस बार सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं और 28 अगस्त को

रक्षाबंधन के साथ इस पावन मास का समापन होगा। गोरखपुर के शिवालयों में

तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

यदि आप भी सावन में भगवान शिव की

पूजा और जलाभिषेक की योजना बना रहे हैं, तो समय से तैयारी कर सकते हैं।

FAQ

प्रश्न 1: सावन 2026 में कितने सोमवार पड़ेंगे?
उत्तर: इस वर्ष सावन में चार सोमवार पड़ेंगे।

प्रश्न 2: रक्षाबंधन 2026 कब मनाया जाएगा?
उत्तर: रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा।

प्रश्न 3: गोरखपुर में सावन के दौरान कौन-कौन से प्रमुख शिव मंदिरों में भीड़ रहती है?
उत्तर: गोरखनाथ मंदिर, झारखंडी महादेव, मुक्तेश्वरनाथ और अन्य प्रमुख शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

प्रश्न 4: सावन सोमवार का क्या महत्व है?
उत्तर: सावन सोमवार को भगवान शिव की पूजा, व्रत और जलाभिषेक करने से सुख,

समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति होने की धार्मिक मान्यता है।

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