रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का असर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर देखने को मिला है। तुर्किये से रूस जा रहे एक मालवाहक जहाज पर ब्लैक सी (काला सागर) में हुए ड्रोन हमले में उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी और मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता (30) की मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद उनके परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजन अब उनके पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
तुर्किये से रूस जा रहा था मालवाहक जहाज
जानकारी के अनुसार सागर गुप्ता मर्चेंट नेवी में चीफ ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। वह जून में घर से ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे और तुर्किये से रूस जाने वाले मालवाहक जहाज MV OMORFI पर तैनात थे। यात्रा के दौरान परिवार से उनकी नियमित बातचीत होती रही, लेकिन 18 जुलाई को ब्लैक सी में हुए हमले के बाद उनका संपर्क टूट गया। बाद में उनके साथी क्रू सदस्यों ने परिवार को उनके निधन की सूचना दी।
परिवार को अब भी पार्थिव शरीर का इंतजार
सागर गुप्ता की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार गहरे सदमे में है। परिजन कई दिनों से उनके पार्थिव शरीर के भारत लाए जाने का इंतजार कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी गई है और संबंधित एजेंसियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने भी परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
पत्नी और बेटी का इंतजार बना भावुक कहानी
सागर गुप्ता की पत्नी को अब भी इस दुखद घटना पर विश्वास नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है कि वह कई बार उनके मोबाइल नंबर पर कॉल करती हैं, इस उम्मीद में कि दूसरी तरफ से पति की आवाज सुनाई देगी। वहीं उनकी छोटी बेटी अपने पिता के पुराने वीडियो देखकर उनसे जुड़ी यादों को संजोए हुए है। परिवार का यह दर्द पूरे शहर को भावुक कर रहा है।
भारत सरकार ने जताई चिंता
ब्लैक सी में वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमले को लेकर भारत सरकार ने भी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर नागरिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है और कहा है कि वाणिज्यिक जहाजों पर इस तरह के हमले स्वीकार्य नहीं हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध का समुद्री व्यापार पर असर
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष का प्रभाव अब केवल जमीनी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है।
ब्लैक सी में लगातार बढ़ते हमलों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नागरिक जहाजों की सुरक्षा पर भी
गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के कारण वैश्विक व्यापार,
आपूर्ति श्रृंखला और समुद्री परिवहन पर भी जोखिम बढ़ता जा रहा है।
कानपुर में शोक का माहौल
सागर गुप्ता के निधन की खबर से कानपुर के शास्त्री नगर क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग,
रिश्तेदार और परिचित परिवार के घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से
परिवार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
निष्कर्ष
ब्लैक सी में हुए इस ड्रोन हमले ने एक भारतीय परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है।
कानपुर के युवा मर्चेंट नेवी अधिकारी सागर गुप्ता की मौत ने
अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और युद्ध के बढ़ते प्रभाव को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
अब सभी की नजरें पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया और आगे की आधिकारिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
FAQ
Q1. सागर गुप्ता कौन थे?
उत्तर: सागर गुप्ता कानपुर निवासी मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर थे, जो मालवाहक जहाज MV OMORFI पर तैनात थे।
Q2. घटना कहाँ हुई?
उत्तर: यह घटना ब्लैक सी (काला सागर) में तुर्किये से रूस जा रहे मालवाहक जहाज पर ड्रोन हमले के दौरान हुई।
Q3. परिवार को घटना की जानकारी कैसे मिली?
उत्तर: जहाज के एक क्रू सदस्य ने परिवार को फोन कर सागर गुप्ता के निधन की सूचना दी।
Q4. क्या भारत सरकार ने प्रतिक्रिया दी है?
उत्तर: विदेश मंत्रालय ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमले की निंदा करते हुए समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
Q5. फिलहाल परिवार की क्या स्थिति है?
उत्तर: परिवार पार्थिव शरीर के भारत आने का इंतजार कर रहा है और प्रशासन ने सहायता का आश्वासन दिया है।