चुलकाना धाम में श्याम बाबा के दानपात्रों से निकले 1.41 करोड़ रुपये, गिनती अभी जारी
हरियाणा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल चुलकाना धाम स्थित श्याम बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था एक बार फिर देखने को मिली है। मंदिर के दानपात्रों की गिनती के दौरान अब तक लगभग 1.41 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। इसके साथ ही सात विदेशी मुद्राएं और चांदी के आभूषण भी दानपात्रों से निकले हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार इस बार दानपात्रों की गिनती पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था के तहत की जा रही है। प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न हो रही है, जिससे श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत हुआ है। श्राइन बोर्ड के गठन के बाद पहली बार इस तरह व्यवस्थित तरीके से दानराशि की गणना की जा रही है।
दानपात्रों से लगातार निकल रही करोड़ों की राशि
मंदिर प्रशासन के अनुसार अब तक आठ दानपात्रों की गिनती पूरी हो चुकी है। सबसे बड़े दानपात्र संख्या छह से दो दिनों तक चली गिनती के बाद 44.30 लाख रुपये प्राप्त हुए। इसके अलावा दानपात्र संख्या पांच से 25.90 लाख रुपये, दानपात्र संख्या सात से 12.80 लाख रुपये, दानपात्र संख्या एक से 18.72 लाख रुपये, दानपात्र संख्या दो से 26.10 लाख रुपये तथा दानपात्र संख्या आठ, नौ और दस की संयुक्त गिनती में 13.70 लाख रुपये मिले हैं। इन सभी दानपात्रों से प्राप्त कुल राशि अब लगभग 1.41 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इसके अतिरिक्त विदेशी मुद्रा और चांदी के आभूषण भी श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमाण माने जा रहे हैं।
अभी 14 दानपात्रों की गिनती बाकी, बढ़ सकती है कुल राशि
मंदिर के प्रशासक एवं बीडीपीओ शक्ति सिंह ने बताया कि मंदिर परिसर में कुल 22 दानपात्र स्थापित हैं। इनमें से अभी तक केवल आठ दानपात्रों की गिनती पूरी हुई है, जबकि 14 दानपात्रों की गिनती अभी बाकी है। प्रशासन का अनुमान है कि शेष दानपात्रों की गिनती पूरी होने के बाद कुल दानराशि में और बड़ा इजाफा हो सकता है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक चरण की वीडियो रिकॉर्डिंग और सीसीटीवी निगरानी की जा रही है ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
श्राइन बोर्ड की रसीद व्यवस्था शुरू करने की मांग
चुलकाना गांव के सरपंच सतीश छौक्कर ने प्रशासन से दानपात्रों की गिनती में तेजी लाने की मांग की है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में दिए जाने वाले दान के लिए श्राइन बोर्ड की आधिकारिक रसीद (पर्ची) जारी करने की व्यवस्था शुरू की जाए। उनका मानना है कि इससे दान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि श्राइन बोर्ड बनने के बाद मंदिर प्रबंधन में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं और भविष्य में मंदिर के विकास कार्यों को भी इससे नई गति मिलेगी।
देशभर से पहुंचते हैं लाखों श्रद्धालु
चुलकाना धाम स्थित श्याम बाबा मंदिर हरियाणा ही नहीं बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रत्येक वर्ष लाखों भक्त यहां दर्शन करने और अपनी मनोकामना पूरी होने पर दान अर्पित करने आते हैं। मंदिर में लगातार बढ़ रही दानराशि यह दर्शाती है कि श्रद्धालुओं का विश्वास वर्षों से लगातार मजबूत हो रहा है। प्रशासन का कहना है कि दानराशि का उपयोग मंदिर के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और अन्य धार्मिक कार्यों में किया जाएगा।
निष्कर्ष
चुलकाना धाम स्थित श्याम बाबा मंदिर में दानपात्रों से अब तक प्राप्त 1.41 करोड़ रुपये, विदेशी मुद्राएं और चांदी के आभूषण श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक हैं। अभी 14 दानपात्रों की गिनती बाकी है, इसलिए अंतिम राशि और अधिक बढ़ने की संभावना है।
प्रशासन द्वारा पारदर्शी व्यवस्था अपनाने से श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत हुआ है तथा
उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में मंदिर प्रबंधन और भी अधिक व्यवस्थित तरीके से कार्य करेगा।
FAQ
1. श्याम बाबा मंदिर में अब तक कितनी दानराशि मिली है?
अब तक दानपात्रों की गिनती में लगभग 1.41 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं।
2. दानपात्रों से और क्या मिला है?
सात विदेशी मुद्राएं और चांदी के आभूषण भी दानपात्रों से मिले हैं।
3. मंदिर में कुल कितने दानपात्र हैं?
मंदिर परिसर में कुल 22 दानपात्र हैं, जिनमें से अभी 14 की गिनती बाकी है।
4. दानपात्रों की गिनती कैसे की जा रही है?
प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न की जा रही है।
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