राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की रेस तेज, तीन पूर्व IAS समेत कई दिग्गज उम्मीदवारों का इंटरव्यू

अयोध्या में शुरू हुई CEO चयन की अहम प्रक्रिया

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के चयन की प्रक्रिया अब महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। मंगलवार, 11 अगस्त से shortlisted उम्मीदवारों के साक्षात्कार शुरू हुए। इस चयन प्रक्रिया में प्रशासनिक अनुभव रखने वाले कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए हैं।

तीन पूर्व IAS और एक पूर्व IPS अधिकारी भी दौड़ में

CEO पद के लिए आयोजित साक्षात्कार में तीन पूर्व IAS अधिकारियों के अलावा एक सेवानिवृत्त IPS अधिकारी और सैन्य एवं शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अधिकारी भी शामिल हुए। इससे साफ है कि ट्रस्ट ऐसे उम्मीदवार की तलाश में है, जिसके पास प्रशासनिक क्षमता के साथ बड़े संस्थान को संभालने का अनुभव भी हो।

5200 से ज्यादा आवेदनों में से 18 नाम हुए शॉर्टलिस्ट

इस पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। प्रारंभिक स्क्रीनिंग और इंटरव्यू की प्रक्रिया के बाद 18 उम्मीदवारों को अंतिम चरण के लिए चुना गया। अब चयन समिति इन उम्मीदवारों में से तीन नामों का पैनल तैयार करेगी, जिसके आधार पर ट्रस्ट अंतिम निर्णय लेगा।

उम्मीदवारों से प्रशासन के साथ धार्मिक दृष्टिकोण पर भी सवाल

साक्षात्कार के दौरान केवल प्रशासनिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता ही नहीं, बल्कि राम मंदिर के प्रबंधन को लेकर उम्मीदवारों के दृष्टिकोण पर भी सवाल किए गए। रिपोर्ट के मुताबिक धार्मिक परंपराओं, भगवान राम के प्रति आस्था और व्यक्तिगत आचरण से जुड़े प्रश्न भी पूछे गए।

राम मंदिर के प्रबंधन को लेकर विजन पर जोर

CEO पद के लिए उम्मीदवारों से यह समझने का प्रयास किया गया कि वे मंदिर की व्यवस्थाओं और भविष्य के संचालन को किस दृष्टिकोण से देखते हैं। नेतृत्व क्षमता, सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में भागीदारी और काम करने की योजना जैसे पहलुओं पर भी बातचीत हुई।

पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों का अनुभव बन सकता है अहम फैक्टर

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की जिम्मेदारी सामान्य प्रशासनिक पदों से अलग मानी जा रही है। मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, वित्तीय प्रबंधन और विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के समन्वय के लिए व्यापक अनुभव की आवश्यकता होगी। ऐसे में पूर्व IAS और IPS अधिकारियों की मौजूदगी चयन प्रक्रिया को खास बना रही है।

चयन समिति करेगी तीन नामों की सिफारिश

CEO पद के लिए उम्मीदवारों का मूल्यांकन करने वाली समिति में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हवारे शामिल हैं। समिति 18 उम्मीदवारों में से तीन नामों का चयन कर ट्रस्ट के सामने रखेगी। अंतिम फैसला ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा।

वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी महत्वपूर्ण होगी CEO की भूमिका

ट्रस्ट की ओर से पूर्णकालिक CEO नियुक्त करने का फैसला ऐसे समय में लिया जा रहा है, जब मंदिर से जुड़े वित्तीय प्रबंधन और संचालन को लेकर जांच की बात सामने आई है। ऐसे में नए CEO से प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही, पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने की उम्मीद की जा रही है।

अयोध्या में बढ़ी CEO चयन को लेकर चर्चा

राम मंदिर देश और दुनिया के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसे में ट्रस्ट के CEO का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चयन प्रक्रिया में अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों के शामिल होने से यह मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

अब अंतिम फैसले का इंतजार

18 shortlisted उम्मीदवारों में से तीन नामों की सिफारिश के बाद ट्रस्ट अंतिम उम्मीदवार का चयन करेगा। फिलहाल साक्षात्कार प्रक्रिया और उम्मीदवारों के मूल्यांकन पर सबकी नजर है। आने वाले चरण में यह स्पष्ट होगा कि राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO की जिम्मेदारी किस अनुभवी व्यक्ति को सौंपी जाती है।

❓ FAQ

Q1. राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए इंटरव्यू कब शुरू हुए?
अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद के लिए इंटरव्यू 11 अगस्त से शुरू हुए।

Q2. CEO पद के लिए कितने उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट किए गए हैं?
CEO पद के लिए कुल 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।

Q3. क्या पूर्व IAS अधिकारी भी CEO पद की दौड़ में हैं?
हां, इंटरव्यू प्रक्रिया में तीन पूर्व IAS अधिकारियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

Q4. क्या कोई पूर्व IPS अधिकारी भी उम्मीदवार है?
हां, एक पूर्व IPS अधिकारी के भी चयन प्रक्रिया में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

Q5. राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण है?
CEO मंदिर से जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्था, संचालन, प्रबंधन और विभिन्न गतिविधियों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

Q6. CEO पद के लिए अंतिम चयन कैसे होगा?
चयन समिति उम्मीदवारों के मूल्यांकन के बाद तीन नामों का पैनल तैयार करेगी।

इसके बाद अंतिम निर्णय ट्रस्ट की ओर से किया जाएगा।

Q7. क्या CEO पद के लिए केवल प्रशासनिक अनुभव देखा जा रहा है?
नहीं, उम्मीदवारों के प्रशासनिक अनुभव के साथ नेतृत्व क्षमता, मंदिर प्रबंधन को लेकर दृष्टिकोण औ

र अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं का भी आकलन किया जा रहा है।

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