खामेनेई की मौत पर भारत में प्रदर्शन: अमेरिकी सैनिक शिल्पा चौधरी का वायरल वीडियो सवाल उठाता है

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर भारत में शिया समुदाय के बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं। यह घटना वैश्विक राजनीति को हिला देने वाली है, लेकिन भारत में इसके प्रभाव ने आंतरिक एकता और देशहित पर नई बहस छेड़ दी है। अमेरिकी सेना में तैनात भारतीय मूल की स्पेशलिस्ट शिल्पा चौधरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने इन प्रदर्शनों पर सवाल उठाए हैं।

खामेनेई की मौत: वैश्विक संदर्भ

28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। वे 86 वर्ष के थे और 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे। हमलों में उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए। ईरानी राज्य मीडिया ने उनकी मौत की पुष्टि की और 40 दिनों का शोक घोषित किया। यह घटना ईरान-इजरायल तनाव के चरम पर आई, जिसने मध्य पूर्व की स्थिति को और जटिल बना दिया।

भारत में प्रदर्शन और शोक सभाएं

खामेनेई की मौत की खबर के बाद भारत के विभिन्न हिस्सों में शिया समुदाय ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और शोक सभाएं आयोजित कीं। कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश तक यह प्रदर्शन फैले:

  • जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर के लाल चौक, सैदा कदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा में हजारों लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई की तस्वीरें, ईरान समर्थक बैनर और काले झंडे लहराए। इजरायल-अमेरिका के हमलों के खिलाफ नारे लगाए गए।
  • लखनऊ: शिया मस्जिदों में विशेष प्रार्थनाएं हुईं। अलिपुरा गांव जैसे इलाकों में काले कपड़ों में मार्च निकाले गए, क्योंकि कई परिवार ईरान में पढ़ाई या काम के लिए रहते हैं।
  • अन्य राज्य: पटना, दिल्ली, राजस्थान, बिहार, झारखंड और तेलंगाना में शोक सभाएं और कैंडल मार्च हुए।
  • शिया मुस्लिम महासभा ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शांति की अपील की और विदेश मंत्रालय से ईरान में फंसे

भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इन प्रदर्शनों ने

कई शहरों में तनाव बढ़ाया और आंतरिक सुरक्षा पर सवाल खड़े किए।

शिल्पा चौधरी का वायरल वीडियो: देशहित की अपील

अमेरिकी सेना में तैनात भारतीय मूल की स्पेशलिस्ट शिल्पा चौधरी का एक वीडियो इंस्टाग्राम,

यूट्यूब और फेसबुक पर लाखों व्यूज प्राप्त कर चुका है।

वीडियो में उन्होंने भारत में खामेनेई की मौत पर हो रहे प्रदर्शनों पर कड़े सवाल उठाए।

शिल्पा ने कहा कि एक विदेशी नेता की मौत पर भारत में प्रदर्शन करना देश की इज्जत को ठेस पहुंचाता है और

केवल अराजकता फैलाता है। उन्होंने भारतीयों से एकता,

शांतिपूर्ण व्यवहार और धार्मिक भेदभाव से दूर रहने की अपील की।

उनका कहना था कि ऐसे प्रदर्शन से देश का मजाक उड़ता है और वैश्विक छवि खराब होती है।

कई लोग उनकी बात से सहमत दिखे, जबकि कुछ ने धार्मिक भावनाओं का हवाला दिया।

यह वीडियो प्रदर्शनों की वैधता पर नई चर्चा का केंद्र बन गया है।

भारत-ईरान संबंध और आंतरिक एकता

खामेनेई की मौत ने भारत-ईरान संबंधों पर भी असर डाला है। शिया समुदाय की भावनाएं स्वाभाविक हैं,

लेकिन शिल्पा चौधरी जैसे लोग देशहित में संयम की सलाह दे रहे हैं। सरकार स्थिति पर नजर रख रही है।

यह घटना भारत में धार्मिक एकता, विदेश नीति और आंतरिक शांति पर गहन बहस छेड़ रही है।