संसद परिसर में प्रियंका गांधी का सरकार पर तीखा हमला
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की। उनका आरोप था कि छात्रों की जायज मांगों को दबाया जा रहा है और सरकार इस मुद्दे पर जिम्मेदारी लेने से बच रही है।
‘क्या आपने कभी सरकार के सांसदों को संसद के बाहर प्रदर्शन करते देखा है?’
प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में शायद ही कभी ऐसा देखने को मिला हो कि सत्ता पक्ष के सांसद स्वयं संसद के बाहर प्रदर्शन करें। उन्होंने इसे संसद की कार्यप्रणाली पर सवाल बताते हुए कहा कि इससे सरकार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। यह टिप्पणी उन्होंने संसद में जारी राजनीतिक गतिरोध के संदर्भ में की।
छात्रों के साथ व्यवहार पर उठाए सवाल
प्रियंका गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है। उनके अनुसार, छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री से मांगी जवाबदेही
प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए कहा कि जब सरकार हर उपलब्धि का श्रेय लेती है, तो उसे पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक हुए, लेकिन किसी भी मामले में दोषियों को सजा नहीं मिली। यह विपक्ष का आरोप है, जिस पर सरकार का अलग पक्ष भी है।
पेपर लीक पर सरकार का पक्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में घोषणा की है कि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित की जाएंगी। केंद्र सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा।
संसद में लगातार बना हुआ है हंगामा
पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा संसद के मानसून सत्र में भी लगातार गूंज रहा है।
विपक्ष इस विषय पर विस्तृत चर्चा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है,
जबकि सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और कानूनी कार्रवाई की बात कह रही है।
निष्कर्ष
प्रियंका गांधी के बयान के बाद पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के
केंद्र में आ गया है। एक ओर विपक्ष सरकार से जवाबदेही और कार्रवाई की मांग कर रहा है,
वहीं सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की बात कह रही है।
आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर इस मुद्दे पर बहस जारी रहने की संभावना है।
FAQ
Q1. प्रियंका गांधी ने किस मुद्दे पर सरकार को घेरा?
उत्तर: उन्होंने पेपर लीक, छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए।
Q2. 152 पेपर लीक का दावा किसने किया?
उत्तर: यह दावा प्रियंका गांधी और कांग्रेस नेताओं ने अपने बयान में किया है।
Q3. प्रधानमंत्री मोदी का इस मुद्दे पर क्या बयान है?
उत्तर: प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की घोषणा की है।
Q4. विपक्ष की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: विपक्ष पेपर लीक मामलों पर जवाबदेही तय करने, दोषियों पर कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
Q5. क्या संसद में इस मुद्दे पर हंगामा हुआ?
उत्तर: हां, मानसून सत्र के दौरान पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा लगातार संसद में उठाया जा रहा है।
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