प्रह्लाद जोशी ने संभाला केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार, कहा- पहले समझूंगा, फिर बड़े फैसले लूंगा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में प्रह्लाद जोशी ने संभाला कार्यभार

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभाल लिया है। कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक की और मंत्रालय की कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

कार्यभार संभालते ही अधिकारियों के साथ की पहली समीक्षा बैठक

नई जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी ने मंत्रालय के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। इस बैठक में शिक्षा मंत्रालय की वर्तमान योजनाओं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), परीक्षाओं की व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा की गई।

‘यह मेरे लिए नया विषय है’ – प्रह्लाद जोशी

मीडिया से बातचीत में प्रह्लाद जोशी ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय उनके लिए नया विषय है। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े फैसले से पहले वह मंत्रालय को पूरी तरह समझना चाहते हैं। उनका कहना था कि पहले सभी विभागों की कार्यप्रणाली का अध्ययन करेंगे, उसके बाद आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।

धर्मेंद्र प्रधान के बाद मिली नई जिम्मेदारी

प्रह्लाद जोशी को यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है जब शिक्षा मंत्रालय हाल के दिनों में लगातार चर्चा में रहा है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा।

शिक्षा मंत्रालय की प्राथमिकताओं पर रहेगा फोकस

कार्यभार संभालने के बाद जोशी ने संकेत दिए कि शिक्षा मंत्रालय की मौजूदा योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, परीक्षा प्रणाली, डिजिटल शिक्षा और उच्च शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंत्रालय की टीम के साथ मिलकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारियों से लिया विस्तृत फीडबैक

पहली समीक्षा बैठक में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। जोशी ने मंत्रालय के सभी प्रमुख विभागों की कार्यप्रणाली को समझने पर जोर दिया और कहा कि बेहतर समन्वय के साथ शिक्षा क्षेत्र में सुधार जारी रहेगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर क्या बोले?

प्रह्लाद जोशी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत चल रही पहलों को समझना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा किए गए कार्यों की सराहना भी की और कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक प्रयास आगे भी जारी रहेंगे।

आगे क्या हो सकते हैं बड़े फैसले?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में शिक्षा मंत्रालय परीक्षा प्रणाली, उच्च शिक्षा, डिजिटल लर्निंग और

शिक्षा सुधार से जुड़े मुद्दों पर नए फैसले ले सकता है। हालांकि प्रह्लाद जोशी ने स्पष्ट किया है कि

फिलहाल उनका पहला लक्ष्य मंत्रालय को गहराई से समझना है।

निष्कर्ष

प्रह्लाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभालते ही

समीक्षा बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जल्दबाजी में

निर्णय लेने के बजाय पहले मंत्रालय की कार्यप्रणाली को समझेंगे और उसके बाद शिक्षा

क्षेत्र में आवश्यक सुधारों की दिशा में कदम उठाएंगे। आने वाले समय में शिक्षा मंत्रालय के

फैसलों पर देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की नजर रहेगी।

FAQ

Q1. नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री कौन बने हैं?

प्रह्लाद जोशी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभाला है।

Q2. प्रह्लाद जोशी ने कार्यभार संभालने के बाद सबसे पहले क्या किया?

उन्होंने शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक की।

Q3. प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय को लेकर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि शिक्षा उनके लिए नया विषय है और पहले मंत्रालय को समझेंगे, फिर बड़े फैसले लेंगे।

Q4. उन्हें शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी कब मिली?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।

Q5. उनकी प्राथमिकता क्या होगी?

मंत्रालय की कार्यप्रणाली की समीक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, परीक्षा प्रणाली और शिक्षा सुधारों पर ध्यान देना।

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