प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
साउथ ब्लॉक में PM की आज आखिरी कैबिनेट बैठक, अब सेवा तीर्थ से चलेगा पीएमओ; पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (13 फरवरी 2026) साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे। शाम 4 बजे होने वाली यह बैठक ब्रिटिश कालीन साउथ ब्लॉक में अंतिम कैबिनेट बैठक होगी, जहां से 78 सालों से देश की सत्ता चल रही है। बैठक के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट हो जाएगा। पीएम मोदी दोपहर 1:30 बजे सेवा तीर्थ का नाम अनावरण करेंगे और शाम को इसका औपचारिक उद्घाटन करेंगे। साथ ही कर्तव्य भवन-1 और 2 का भी उद्घाटन होगा। यह केंद्रीय विस्टा प्रोजेक्ट का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आधुनिक, कुशल और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम है।
साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ: ऐतिहासिक बदलाव
साउथ ब्लॉक स्वतंत्रता के बाद से PMO का घर रहा है। पहली कैबिनेट बैठक 15 अगस्त 1947 को पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में यहीं हुई थी। अब 13 फरवरी 2026 को पीएम मोदी की अध्यक्षता में यहां आखिरी बैठक होगी। बैठक के बाद मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी सेवा तीर्थ जाएंगे। सेवा तीर्थ में PMO, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) एक ही छत के नीचे होंगे। यह परिसर भारतीय वास्तुकला से प्रेरित है, जो औपनिवेशिक साउथ ब्लॉक से अलग आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल है। इसमें स्मार्ट ग्रिड, डिजिटल वर्कस्पेस, इको-फ्रेंडली डिजाइन और हाई-टेक सुविधाएं हैं। यह बदलाव प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करेगा।
सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन की खासियतें
सेवा तीर्थ पीएमओ का नया स्थायी पता बनेगा। यह लुटियंस दिल्ली में जनपथ के पास स्थित है, जहां से इंडिया गेट नजदीक है। परिसर में उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के लिए इंडिया हाउस भी होगा। कर्तव्य भवन-1 और 2 में अन्य केंद्रीय मंत्रालयों को जगह मिलेगी। पीएमओ के अनुसार, यह परिवर्तन भारत के प्रशासनिक ढांचे में परिवर्तनकारी मील का पत्थर है। सेवा तीर्थ का नाम ‘सेवा’ और ‘तीर्थ’ से लिया गया है, जो सेवा भाव और पवित्रता का प्रतीक है। यह मोदी सरकार के ‘सेवा भाव’ से प्रेरित शासन को दर्शाता है। परिसर आधुनिक तकनीक से लैस है, जिसमें सस्टेनेबल एनर्जी, स्मार्ट सिक्योरिटी और डिजिटल इंटीग्रेशन शामिल हैं।
कार्यक्रम का विवरण और महत्व
दोपहर 1:30 बजे पीएम मोदी सेवा तीर्थ का नाम अनावरण करेंगे। शाम को औपचारिक उद्घाटन और
जनसभा होगी, जहां वे संबोधित करेंगे। यह दिन दिल्ली की
राजधानी बनने के 95वें वर्ष में आया है। केंद्रीय विस्टा प्रोजेक्ट के तहत यह बदलाव औपनिवेशिक
संरचनाओं से मुक्ति और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है। कई मंत्री और अधिकारी साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ तक जाएंगे।
यह शिफ्ट प्रशासन को एकीकृत और कुशल बनाएगा।
यह ऐतिहासिक घटना भारत के शासन तंत्र में नई शुरुआत का प्रतीक है। सेवा तीर्थ से
अब देश की नीतियां और निर्णय लिए जाएंगे, जो आधुनिक भारत की छवि को मजबूत करेगा।
