12 साल पूरे, इतिहास रच गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। 10 जून 2026 को उन्होंने लगातार 12 वर्षों तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहते हुए भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। यह उपलब्धि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
2014 से 2026 तक का सफर
नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। इसके बाद उन्होंने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार जीत हासिल कर तीसरी बार प्रधानमंत्री पद संभाला। लगातार तीन आम चुनावों में जनता का विश्वास हासिल करना अपने आप में एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जाता है।
नेहरू का रिकॉर्ड कैसे टूटा?
प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल पूरा करते हुए जवाहरलाल नेहरू के चुनावी रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह उपलब्धि उनकी लोकप्रियता, संगठन क्षमता और चुनावी रणनीति की सफलता को दर्शाती है। 10 जून 2026 का दिन भारतीय राजनीति के इतिहास में विशेष रूप से दर्ज किया जाएगा।
मोदी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां
पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने कई बड़ी योजनाएं शुरू कीं जिनमें पीएम किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और बुनियादी ढांचे के विस्तार जैसी योजनाएं प्रमुख रहीं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला और देश की आर्थिक तथा सामाजिक स्थिति को मजबूती मिली।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ी ताकत
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मजबूत हुई है। जी-20, जी-7 और विभिन्न वैश्विक मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका को दुनिया ने सराहा है। कई वैश्विक नेताओं ने मोदी को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई भी दी है।
NDA मनाएगा ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न
प्रधानमंत्री मोदी के इस रिकॉर्ड को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में उत्साह का माहौल है। जानकारी के अनुसार एनडीए की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने इसे देश के विकास और स्थिर नेतृत्व की जीत बताया है।
2029 की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह उपलब्धि आगामी वर्षों की
राजनीति पर भी प्रभाव डाल सकती है। 2029 के लोकसभा चुनावों की दिशा और
रणनीति में यह रिकॉर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
भाजपा इसे अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में जनता के सामने पेश कर सकती है
जबकि विपक्ष इसके राजनीतिक प्रभाव को कम करने की कोशिश करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 12 वर्षों का कार्यकाल भारतीय
राजनीति में एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ना केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि नहीं बल्कि लोकतांत्रिक राजनीति में
निरंतर जनसमर्थन और नेतृत्व क्षमता का भी प्रतीक माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में
यह उपलब्धि भारतीय राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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