राकेश शर्मा की रिपोर्ट
परिचय:
गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के मामले में लंबे समय से वांछित चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने बेलघाट क्षेत्र के कुरी बाजार से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पर नाम-पता बदलकर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और दूसरे व्यक्ति के नाम से पासपोर्ट बनवाकर विदेश जाने का आरोप है।
कुरी बाजार से पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
गोला थाना पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोपालपुर निवासी 31 वर्षीय अजय कुमार पुत्र रामाश्रय कसौधन के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी वर्ष 2022 में दर्ज धोखाधड़ी और जालसाजी के मुकदमे में वांछित था और काफी समय से उसकी तलाश की जा रही थी।
पुलिस के मुताबिक मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने बेलघाट थाना क्षेत्र के कुरी बाजार में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में वरिष्ठ उपनिरीक्षक इंद्रजीत कुशवाहा, उपनिरीक्षक आशीष कुमार सिंह और महिला आरक्षी सोनी रावत शामिल रहीं।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गोला थाने में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 419, 420, 467, 468 और 471 तथा पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश करने के लिए भेज दिया।
दूसरे नाम से पासपोर्ट बनवाने का आरोप
पुलिस के अनुसार मामले की शिकायत आरोपी की चाची सुमन देवी पत्नी महेंद्र कुमार, निवासी गोपालपुर ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अजय कुमार ने अपना नाम और पता बदलकर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए।
शिकायत के मुताबिक दूसरे नाम से पासपोर्ट तैयार कराया गया। पुलिस रिकॉर्ड में बताए गए विवरण के अनुसार पासपोर्ट मोहन कुमार पुत्र रामासरे, माता मुन्नी देवी, निवासी घोरखल बनियाबारी, थाना खलीलाबाद, संतकबीरनगर के नाम से बनाया गया था। आरोप है कि इसी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर आरोपी वर्ष 2016 से 2019 के बीच बैंकॉक, थाईलैंड गया था।
मामले में शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि अजय कुमार के खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं और न्यायालय में विचाराधीन मामलों में उसकी अनुपस्थिति के चलते उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था।
2022 में दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के अनुसार शिकायत के आधार पर वर्ष 2022 में गोला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में धोखाधड़ी, पहचान बदलने, जालसाजी और कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से संबंधित धाराएं लगाई गई थीं।
पुलिस लंबे समय से आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में शनिवार रात मिली सूचना के आधार पर टीम ने कुरी बाजार में कार्रवाई की और उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई और रविवार को उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए भेजा।
मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
आरोपी को अदालत में अपना पक्ष रखने का अधिकार है।
पुलिस का बयान
गोला थाना प्रभारी चंद्र प्रकाश पांडेय के अनुसार, वांछित आरोपी अजय कुमार को बेलघाट क्षेत्र के कुरी बाजार से गिरफ्तार किया गया है।
उसके खिलाफ गोला थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और पासपोर्ट अधिनियम से संबंधित धोखाधड़ी मामला दर्ज है।
पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय भेज दिया।
मुख्य तथ्य
गिरफ्तार आरोपी की उम्र 31 वर्ष बताई गई है।
आरोपी गोपालपुर गांव का निवासी है।
मामला गोला थाने में वर्ष 2022 में दर्ज हुआ था।
पुलिस के अनुसार आरोपी पर नाम-पता बदलकर दस्तावेज तैयार कराने का आरोप है।
दूसरे व्यक्ति के नाम से पासपोर्ट बनवाने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस के मुताबिक इसी पासपोर्ट से बैंकॉक जाने की बात सामने आई है।
आरोपी को बेलघाट क्षेत्र के कुरी बाजार से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय के लिए भेजा गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. आरोपी को कहां से गिरफ्तार किया गया?
पुलिस के अनुसार आरोपी को बेलघाट थाना क्षेत्र के कुरी बाजार से गिरफ्तार किया गया।
2. आरोपी पर किस तरह का मामला दर्ज है?
उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, पहचान संबंधी धोखाधड़ी और पासपोर्ट अधिनियम से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
3. दूसरे नाम से पासपोर्ट बनवाने का आरोप क्या है?
शिकायत के अनुसार आरोपी ने कथित तौर पर नाम-पता बदलकर दूसरे व्यक्ति के नाम से पासपोर्ट बनवाया था।
4. आरोपी को विदेश जाने की बात कब की है?
पुलिस के अनुसार वर्ष 2016 से 2019 के बीच आरोपी के बैंकॉक, थाईलैंड जाने की बात सामने आई है।
5. गिरफ्तारी के बाद क्या कार्रवाई हुई?
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश करने के लिए भेज दिया।
निष्कर्ष
गोला पुलिस की कार्रवाई के बाद लंबे समय से वांछित आरोपी की गिरफ्तारी हुई है।
मामला फर्जी दस्तावेज, पासपोर्ट और धोखाधड़ी से जुड़ा है।
आगे की कार्रवाई न्यायालय में होने वाली कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।