राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर। भारतीय सेना में अधिकारी बनने का सपना पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करने के बाद ककरही निवासी मुरली मनोहर शुक्ला गुरुवार को अपने पैतृक गांव पहुंचे। सीडीएस परीक्षा पहले प्रयास में उत्तीर्ण करने के बाद निर्धारित सैन्य प्रशिक्षण पूरा कर लौटे मुरली मनोहर का ग्रामीणों, परिजनों और शुभचिंतकों ने फूल-मालाओं, पुष्पगुच्छ और बैंड-बाजे के साथ जोरदार स्वागत किया। उनकी उपलब्धि से गांव में उत्साह और खुशी का माहौल रहा।
गांव पहुंचते ही हनुमान मंदिर में किया दर्शन-पूजन
पैतृक गांव पहुंचने के बाद मुरली मनोहर शुक्ला सबसे पहले गांव स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे। उन्होंने बजरंगबली के दर्शन कर विधिवत पूजन किया और आशीर्वाद लिया।
इसके बाद जब वह अपने घर पहुंचे तो पहले से मौजूद ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पहले प्रयास में उत्तीर्ण की CDS परीक्षा
ककरही निवासी ओंकार शुक्ला के बड़े पुत्र मुरली मनोहर की प्रारंभिक शिक्षा केवी राय मेमोरियल पब्लिक स्कूल, ककरही से हुई। इसके बाद उन्होंने लखनऊ स्थित रानी लक्ष्मीबाई मेमोरियल से वर्ष 2017 में हाईस्कूल और वर्ष 2019 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की।
उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने जाकिर हुसैन विश्वविद्यालय का रुख किया, जहां से वर्ष 2022 में स्नातक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी बनने के लक्ष्य के साथ सीडीएस परीक्षा की तैयारी शुरू की।
लगातार मेहनत और तैयारी का परिणाम वर्ष 2025 में सामने आया, जब उन्होंने पहले ही प्रयास में CDS परीक्षा उत्तीर्ण कर ली। चयन के बाद उन्होंने निर्धारित सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया और अब प्रशिक्षण समाप्त कर अपने गांव लौटे हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनी सफलता
स्वागत समारोह के दौरान ग्रामीणों ने मुरली मनोहर की सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए
प्रेरणादायी बताया। लोगों का कहना था कि लक्ष्य निर्धारित कर लगातार मेहनत और
अनुशासन के साथ आगे बढ़ने से सफलता हासिल की जा सकती है।
मुरली मनोहर की उपलब्धि से ककरही गांव के साथ आसपास के क्षेत्र में भी गौरव और उत्साह का माहौल है।
बसपा नेता अस्मिता चंद ने दी बधाई
स्वागत समारोह में बसपा नेता अस्मिता चंद भी पहुंचीं। उन्होंने मुरली मनोहर को पुष्पगुच्छ भेंट कर बधाई दी।
उन्होंने कहा कि मेहनत, लगन और अनुशासन के दम पर पहले प्रयास में
सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण करना गौरव की बात है। सैन्य प्रशिक्षण
पूरा कर गांव लौटना परिवार के साथ पूरे क्षेत्र के लिए भी सम्मान का विषय है।
उन्होंने कहा कि मुरली मनोहर की सफलता क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
व्यवसाय करते हैं पिता, मां गृहिणी
मुरली मनोहर के पिता ओंकार शुक्ला गोला में व्यवसाय करते हैं,
जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। बेटे की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है।
ग्रामीणों ने भी उनकी सफलता को गांव की उपलब्धियों में एक महत्वपूर्ण अध्याय बताया।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
स्वागत कार्यक्रम में देवेंद्र चंद, अभिनंदन शुक्ला, करुणेश शुक्ला,
पद्माकर शुक्ला, अश्वनी शुक्ला, हरिशंकर शुक्ल, शंकर दयाल शुक्ला और
घूरन शुक्ला समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शुभचिंतक मौजूद रहे।
सभी ने मुरली मनोहर को बधाई देते हुए उनके सफल सैन्य करियर और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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