चौतीसा गांव में डीएम की चौपाल, विधायक राजेश त्रिपाठी के साथ सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं; बाढ़ को लेकर दिए अलर्ट रहने के निर्देश

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर। गोला तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा चौतीसा में बुधवार को जिला प्रशासन की ओर से जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी दीपक मीणा चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी के साथ गांव पहुंचे और चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने सड़क, जल निकासी, आवास, पेंशन समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।

जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों से उनके निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र लोगों से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए और किसी भी मामले में अनावश्यक देरी न हो।

ग्रामीणों से सीधे संवाद कर जानी जमीनी स्थिति

जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को दर्ज करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आम लोगों की शिकायतों के प्रति संवेदनशील रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पात्र लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।

डीएम ने अधिकारियों से कहा कि जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उनका निस्तारण तत्काल किया जाए। साथ ही लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा कर उनकी प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

विधायक राजेश त्रिपाठी ने क्षेत्रीय समस्याओं से कराया अवगत

चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने भी ग्रामीणों से बातचीत कर क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याओं को जिलाधिकारी के सामने रखा और विशेष रूप से बरसात तथा बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया।

विधायक ने कहा कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बारिश के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन को पहले से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखनी चाहिए।

बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का डीएम ने किया निरीक्षण

चौतीसा में चौपाल के बाद जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से क्षेत्र की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और

संभावित जलभराव वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।

डीएम ने राजस्व, सिंचाई, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को आपसी

समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने जलस्तर की लगातार निगरानी करने तथा

स्थिति में बदलाव होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

नाव, भोजन, पेयजल और दवाओं की व्यवस्था रखने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को संभावित आपात स्थिति से

निपटने के लिए राहत एवं बचाव के संसाधन पहले से तैयार रखने को कहा।

जरूरत पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में नाव, भोजन, स्वच्छ पेयजल,

आवश्यक दवाइयां और पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने राहत शिविरों के लिए चिन्हित स्थानों का निरीक्षण कर वहां आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा,

ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

निचले और संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी

जिलाधिकारी ने निचले एवं संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की स्थिति पर

विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की स्थिति गंभीर होने पर

स्थानीय लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था तैयार रखी जाए।

डीएम ने स्पष्ट किया कि राहत और बचाव कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

आपदा की स्थिति में प्रभावी कार्रवाई के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

अधिकारियों और ग्राम प्रधान की मौजूदगी में हुआ निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान एसडीएम गोला मनीष कुमार, तहसील प्रशासन के अधिकारी,

ग्राम प्रधान चौतीसा समेत अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

चौतीसा गांव में आयोजित चौपाल के जरिए जहां ग्रामीणों की समस्याओं की सुनवाई हुई,

वहीं बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं

बचाव की तैयारियों को लेकर भी अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए।

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