गोरखपुर में पानी सप्लाई ठप से हाहाकार: लोगों ने JE को घेरा, जलकल-PWD पर लापरवाही का आरोप – खुला स्लैब बना मौत का खतरा, 4 दिन से टैंकर तक नहीं आए

गोरखपुर। शहर के बांसगांव रोड, लोहिया एनक्लेव और आसपास के इलाकों में पिछले चार दिनों से पानी की एक बूंद नहीं आई है। वजह – PWD का रोड चौड़ीकरण प्रोजेक्ट और जलकल विभाग की पाइपलाइन शिफ्टिंग। काम शुरू हुआ तो सड़क खोद दी गई, लेकिन नई पाइपलाइन नहीं डाली। नतीजा – 500 से ज्यादा परिवार पानी को तरस गए। मंगलवार (9 दिसंबर 2025) सुबह गुस्साए लोगों ने जलकल के जूनियर इंजीनियर (JE) को घेर लिया और जमकर हंगामा किया। दैनिक भास्कर और लोकल न्यूज चैनलों की रिपोर्ट के अनुसार, खोदे गए गड्ढों में स्लैब नहीं लगाए गए, जिससे खुला स्लैब हादसे का बड़ा खतरा बन गया है। यह ब्लॉग इस पानी संकट की पूरी कहानी, लोगों के गुस्से, विभागों की लापरवाही और समाधान के उपाय लेकर आया है।

चार दिन से पानी नहीं, लोग सड़क पर

घटना 6 दिसंबर से शुरू हुई:

  • PWD ने बांसगांव रोड चौड़ीकरण के लिए खुदाई की
  • जलकल की पुरानी पाइपलाइन टूट गई
  • नई पाइप डालने का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ
  • 9 दिसंबर तक सप्लाई पूरी तरह बंद

लोगों ने बताया:

  • सुबह-शाम टैंकर मंगवाने पड़ रहे, 1000 रुपये खर्च
  • स्कूल जाने वाले बच्चे बिना नहाए जा रहे
  • महिलाएं 2 किमी दूर हैंडपंप से पानी ला रही

एक बुजुर्ग ने रोते हुए कहा, “सर्दी में पानी नहीं, बीमारी फैल जाएगी।”

JE को घेरा, नारे लगे “पानी दो या कुर्सी छोड़ो”

मंगलवार सुबह 10 बजे 300 से ज्यादा लोग जलकल ऑफिस पहुंचे। JE आए तो उन्हें घेर लिया। नारे लगे:

  • “जलकल मुर्दाबाद”
  • “PWD-जलकल मिलकर लूट रहे”
  • “पानी दो या इस्तीफा दो”

महिलाओं ने आगे बढ़कर JE से झड़प की। पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। हंगामा 2 घंटे चला।

लापरवाही के गंभीर आरोप: खुला स्लैब बना जानलेवा

लोगों का मुख्य आरोप:

  • PWD ने सड़क खोदकर छोड़ दी, जलकल ने पाइप नहीं डाली
  • 50 से ज्यादा जगहों पर स्लैब नहीं लगाए गए
  • रात में कई लोग गड्ढों में गिरकर घायल हुए
  • बच्चे-बुजुर्गों के लिए खतरा

स्थानीय पार्षद ने कहा, “यह सरासर लापरवाही है। काम शुरू करने से पहले अल्टरनेटिव व्यवस्था करनी चाहिए थी।”

प्रशासन का जवाब: जांच के आदेश, लेकिन राहत कब?

DM गोरखपुर ने तुरंत संज्ञान लिया:

गोरखपुर। शहर के बांसगांव रोड, लोहिया एनक्लेव और आसपास के इलाकों में पिछले चार दिनों से पानी की एक बूंद नहीं आई है। वजह – PWD का रोड चौड़ीकरण प्रोजेक्ट और जलकल विभाग की पाइपलाइन शिफ्टिंग। काम शुरू हुआ तो सड़क खोद दी गई, लेकिन नई पाइपलाइन नहीं डाली। नतीजा – 500 से ज्यादा परिवार पानी को तरस गए। मंगलवार (9 दिसंबर 2025) सुबह गुस्साए लोगों ने जलकल के जूनियर इंजीनियर (JE) को घेर लिया और जमकर हंगामा किया। दैनिक भास्कर और लोकल न्यूज चैनलों की रिपोर्ट के अनुसार, खोदे गए गड्ढों में स्लैब नहीं लगाए गए, जिससे खुला स्लैब हादसे का बड़ा खतरा बन गया है। यह ब्लॉग इस पानी संकट की पूरी कहानी, लोगों के गुस्से, विभागों की लापरवाही और समाधान के उपाय लेकर आया है।

चार दिन से पानी नहीं, लोग सड़क पर

घटना 6 दिसंबर से शुरू हुई:

  • PWD ने बांसगांव रोड चौड़ीकरण के लिए खुदाई की
  • जलकल की पुरानी पाइपलाइन टूट गई
  • नई पाइप डालने का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ
  • 9 दिसंबर तक सप्लाई पूरी तरह बंद

लोगों ने बताया:

  • सुबह-शाम टैंकर मंगवाने पड़ रहे, 1000 रुपये खर्च
  • स्कूल जाने वाले बच्चे बिना नहाए जा रहे
  • महिलाएं 2 किमी दूर हैंडपंप से पानी ला रही

एक बुजुर्ग ने रोते हुए कहा, “सर्दी में पानी नहीं, बीमारी फैल जाएगी।”

JE को घेरा, नारे लगे “पानी दो या कुर्सी छोड़ो”

मंगलवार सुबह 10 बजे 300 से ज्यादा लोग जलकल ऑफिस पहुंचे। JE आए तो उन्हें घेर लिया। नारे लगे:

  • “जलकल मुर्दाबाद”
  • “PWD-जलकल मिलकर लूट रहे”
  • “पानी दो या इस्तीफा दो”

महिलाओं ने आगे बढ़कर JE से झड़प की। पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। हंगामा 2 घंटे चला।

लापरवाही के गंभीर आरोप: खुला स्लैब बना जानलेवा

लोगों का मुख्य आरोप:

  • PWD ने सड़क खोदकर छोड़ दी, जलकल ने पाइप नहीं डाली
  • 50 से ज्यादा जगहों पर स्लैब नहीं लगाए गए
  • रात में कई लोग गड्ढों में गिरकर घायल हुए
  • बच्चे-बुजुर्गों के लिए खतरा

स्थानीय पार्षद ने कहा, “यह सरासर लापरवाही है। काम शुरू करने से पहले अल्टरनेटिव व्यवस्था करनी चाहिए थी।”

प्रशासन का जवाब: जांच के आदेश, लेकिन राहत कब?

DM गोरखपुर ने तुरंत संज्ञान लिया:

  • जलकल GM को नोटिस जारी
  • 24 घंटे में सप्लाई बहाल करने के निर्देश
  • 10 टैंकर तुरंत भेजे गए