NEET विवाद के बीच उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी में पेपर लीक, दो परीक्षाएं रद्द; प्रोफेसर पर 7 साल का प्रतिबंध

देशभर में NEET पेपर लीक विवाद के बीच अब वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) भी पेपर लीक मामले को लेकर सुर्खियों में आ गया है। विश्वविद्यालय ने बीटेक सेमेस्टर की दो परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। आंतरिक जांच में प्रश्नपत्र लीक होने की पुष्टि के बाद आरोपी प्रोफेसर पर सात वर्षों तक परीक्षा संबंधी सभी कार्यों से प्रतिबंध लगा दिया गया है। मामले में पुलिस ने एक सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार भी किया है।

व्हाट्सएप पर लीक हुआ था प्रश्नपत्र

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र कथित तौर पर व्हाट्सएप के माध्यम से छात्रों तक पहुंचाया गया। शिकायत मिलने के बाद गठित जांच समिति ने मामले की जांच की, जिसमें बाहरी पेपर सेटर की भूमिका सामने आई। जांच रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय ने तत्काल दो परीक्षाएं निरस्त कर दीं।

प्रभावित परीक्षाओं में शामिल छात्रों के लिए जल्द ही नई परीक्षा तिथि घोषित की जाएगी। विश्वविद्यालय ने कहा है कि किसी भी छात्र के हितों से समझौता नहीं होने दिया जाएगा।

प्रोफेसर पर 7 साल का प्रतिबंध, गिरफ्तारी भी

मामले में आरोपी प्रोफेसर को विश्वविद्यालय ने सात वर्षों के लिए परीक्षा संबंधी सभी जिम्मेदारियों से प्रतिबंधित कर दिया है। वहीं पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर एक सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

NEET विवाद के बीच शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

देश में पहले से ही NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है।

ऐसे समय में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में पेपर लीक का मामला

सामने आने से परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार

फिर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग,

एन्क्रिप्टेड वितरण प्रणाली और जवाबदेही बढ़ाने की आवश्यकता है।

दोबारा होगी परीक्षा

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रद्द की गई दोनों परीक्षाओं का पुनः आयोजन किया जाएगा।

नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी। छात्रों से अपील की गई है कि वे केवल विश्वविद्यालय की

आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस पर ही भरोसा करें तथा अफवाहों से बचें।

निष्कर्ष

उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय का यह पेपर लीक मामला बताता है कि परीक्षा प्रणाली में

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। विश्वविद्यालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परीक्षाएं रद्द कीं,

आरोपी प्रोफेसर पर सात साल का प्रतिबंध लगाया और पुलिस जांच भी शुरू कर दी है।

अब छात्रों की नजर नई परीक्षा तिथि और जांच के अंतिम निष्कर्ष पर टिकी है।

FAQ

1. उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय ने कितनी परीक्षाएं रद्द की हैं?

विश्वविद्यालय ने बीटेक सेमेस्टर की दो परीक्षाएं रद्द कर दी हैं।

2. पेपर लीक कैसे हुआ?

प्रारंभिक जांच के अनुसार प्रश्नपत्र कथित तौर पर व्हाट्सएप के जरिए परीक्षा से पहले साझा किया गया था।

3. आरोपी प्रोफेसर पर क्या कार्रवाई हुई?

आरोपी प्रोफेसर को सात वर्षों के लिए परीक्षा संबंधी कार्यों से प्रतिबंधित किया गया है और पुलिस ने एक सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है।

4. क्या परीक्षाएं दोबारा होंगी?

हाँ, विश्वविद्यालय ने रद्द की गई परीक्षाओं को दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया है। नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी।

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