नेपाल में ऑनलाइन सट्टेबाजी का भंडाफोड़, 18 भारतीय समेत 20 गिरफ्तार, गोरखपुर-कुशीनगर कनेक्शन आया सामने,

नेपाल में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Rupandehi District पुलिस ने 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 18 भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और कुशीनगर से जुड़े आरोपी भी हैं। इस कार्रवाई ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा किया है।

कैसे हुई गिरफ्तारी

जिला पुलिस कार्यालय रूपनदेही की टीम ने Tilottama Municipality के अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। पुलिस नायब उपरीक्षक कृष्ण कुमार चंद के अनुसार यह कार्रवाई दो चरणों में की गई।

पहली कार्रवाई 2 अप्रैल को तिलोत्तमा-7 में हुई, जहां 9 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया गया।
दूसरी कार्रवाई 10 अप्रैल को तिलोत्तमा-15 कोटिहवा में हुई, जहां 11 अन्य लोगों को पकड़ा गया।

इन सभी को अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी में शामिल होने के आरोप में हिरासत में लिया गया।

बरामद हुआ भारी सामान

पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक और वित्तीय सामग्री बरामद की है, जिससे इस नेटवर्क की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

बरामद सामग्री में शामिल हैं
3 लैपटॉप और 20 मोबाइल फोन
5 रजिस्टर जिनमें हिसाब-किताब दर्ज था
23 चेकबुक बंडल और 25 एटीएम कार्ड
करीब 91,725 रुपये नकद
1 भारतीय पासपोर्ट और 30 आधार कार्ड
6 लैपटॉप, 21 मोबाइल, 3 पेन ड्राइव और 1 राउटर

यह सभी चीजें इस बात की ओर इशारा करती हैं कि यह एक संगठित और

बड़े स्तर पर चल रहा सट्टेबाजी रैकेट था।

किन-किन जगहों से हैं आरोपी

गिरफ्तार लोगों में भारत के कई राज्यों के नागरिक शामिल हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश,

बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और तेलंगाना प्रमुख हैं।

उत्तर प्रदेश के बलिया, गोंडा, गाजीपुर, कुशीनगर और

गोरखपुर से जुड़े कई आरोपी शामिल हैं
बिहार के सिवान और पश्चिम बंगाल के

नदिया से भी लोग पकड़े गए
दिल्ली और हैदराबाद के आरोपी भी

इस नेटवर्क का हिस्सा पाए गए

साथ ही नेपाल के रूपनदेही और सुर्खेत की कुछ स्थानीय महिलाएं और पुरुष भी इसमें शामिल पाए गए।

गोरखपुर और कुशीनगर का कनेक्शन

इस मामले में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और कुशीनगर से जुड़े नाम सामने आने के बाद

स्थानीय स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है।

गोरखपुर निवासी श्याम सुंदर और कुशीनगर निवासी सतेन्द्र सिंह की गिरफ्तारी ने

इस नेटवर्क के भारत से जुड़े मजबूत लिंक को उजागर किया है।

पुलिस की आगे की कार्रवाई

पुलिस नायब उपरीक्षक कृष्ण कुमार चंद ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इसके साथ ही इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है
डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों की जांच की जा रही है
फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच होगी

संभावना है कि जांच के दौरान और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

निष्कर्ष: ऑनलाइन सट्टेबाजी पर कड़ा प्रहार

नेपाल में हुई यह कार्रवाई दर्शाती है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क सीमाओं से परे फैल चुका है।

लेकिन कानून प्रवर्तन एजेंसियां भी अब ऐसे नेटवर्क पर सख्ती से कार्रवाई कर रही हैं।

इस मामले ने यह भी साफ कर दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का गलत

इस्तेमाल गंभीर कानूनी परिणाम ला सकता है।