NSE IPO से SBI की निकली लॉटरी! 80 पैसे का शेयर बना ₹2,055, 5000 करोड़ रुपये का हो सकता है मुनाफा

NSE IPO से SBI को मिलेगा बड़ा फायदा

देश के सबसे बड़े शेयर बाजार संस्थान NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) के बहुप्रतीक्षित IPO ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस IPO से सबसे अधिक लाभ पाने वालों में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) शामिल है। करीब 27 साल पहले किए गए एक छोटे से निवेश ने आज SBI के लिए हजारों करोड़ रुपये के मुनाफे का रास्ता खोल दिया है।

80 पैसे का शेयर पहुंचा ₹2,055 तक

रिपोर्टों के अनुसार SBI ने वर्ष 1999 में NSE के शेयर लगभग 80 पैसे प्रति शेयर की कीमत पर खरीदे थे। अब NSE IPO के समय इन शेयरों का अनुमानित मूल्य करीब ₹2,055 प्रति शेयर आंका जा रहा है। यानी बैंक को अपने निवेश पर लगभग 256,775 प्रतिशत का रिटर्न मिलने की संभावना है।

2 करोड़ रुपये का निवेश बना 5000 करोड़ रुपये

SBI ने NSE में शुरुआती दौर में लगभग 2 करोड़ रुपये का निवेश किया था। अब IPO के जरिए इस हिस्सेदारी का मूल्य करीब 5000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। यह भारतीय कॉरपोरेट इतिहास के सबसे सफल दीर्घकालिक निवेशों में से एक माना जा रहा है।

भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है NSE

NSE का IPO लंबे समय से चर्चा में था। नियामकीय अड़चनों के कारण यह कई वर्षों तक टलता रहा, लेकिन अब एक्सचेंज ने IPO के लिए दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं। यह IPO करीब 30,000 करोड़ रुपये का हो सकता है और इसे भारत के सबसे बड़े IPO में से एक माना जा रहा है।

कौन-कौन बेच रहे हैं हिस्सेदारी?

IPO पूरी तरह Offer For Sale (OFS) मॉडल पर आधारित होने की संभावना है।

इसमें SBI समेत कई सरकारी और वित्तीय संस्थान अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेच सकते हैं।

बैंक ऑफ बड़ौदा, बीमा कंपनियां और अन्य संस्थागत निवेशक भी लाभ कमाने की स्थिति में हैं।

NSE की सफलता की कहानी

1992 में स्थापित NSE आज भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज बन चुका है। यह नकद इक्विटी और

डेरिवेटिव कारोबार में अग्रणी है तथा दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव एक्सचेंजों में गिना जाता है।

एक्सचेंज का बाजार प्रभाव और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन निवेशकों के उत्साह का प्रमुख कारण है।

दीर्घकालिक निवेश का शानदार उदाहरण

SBI का यह निवेश इस बात का उदाहरण है कि सही समय पर किया गया दीर्घकालिक निवेश कितने

बड़े लाभ में बदल सकता है। जहां अधिकांश निवेशक अल्पकालिक मुनाफे पर ध्यान देते हैं,

वहीं SBI ने दशकों तक अपनी हिस्सेदारी बनाए रखकर असाधारण रिटर्न हासिल किया है।

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