Nishu Azad Case: संसद मार्ग थाने पहुंची CJP टीम, निशु आजाद और चंद्रशेखर ने की कार्रवाई की मांग; राहुल गांधी के बाद कांग्रेस भी सक्रिय

Nishu Azad Case 2026: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विवाद और निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। वायरल पॉडकास्ट क्लिप सामने आने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा दिया है। शुक्रवार को CJP के नेता और समर्थक संसद मार्ग थाने पहुंचे और मामले में आरोपी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।

इस दौरान निशु आजाद भी अपने पिता संजय कुमार के साथ थाने पहुंचीं। उनके साथ समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर भी मौजूद रहे। पुलिस और CJP प्रतिनिधियों के बीच थाने में बातचीत भी हुई।

क्या है पूरा निशु आजाद मामला?

दरअसल, पूरा मामला जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन से जुड़ा है। इस प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट होने का आरोप लगा था। इस घटना में उनके सिर पर चोट आने की बात सामने आई थी।

CJP की ओर से लंबे समय से आरोप लगाया जा रहा है कि इस मामले में पुलिस ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। अब सोशल मीडिया पर सामने आई एक पॉडकास्ट क्लिप ने इस विवाद को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

वायरल पॉडकास्ट क्लिप के बाद बढ़ा विवाद

मामले में सामने आई वायरल क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज ने कथित तौर पर संजय कुमार के सिर पर हमला करने की बात कही। क्लिप सामने आने के बाद CJP नेताओं ने इसे मामले में महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग तेज कर दी।

हालांकि, वायरल वीडियो या पॉडकास्ट में कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि और पूरे घटनाक्रम की अंतिम कानूनी स्थिति जांच का विषय है। इसलिए आरोपों को अदालत में साबित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

संसद मार्ग थाने पहुंची CJP की टीम

वायरल क्लिप सामने आने के बाद CJP के प्रवक्ता सौरव दास और सह-संयोजक आशुतोष रांका अपने समर्थकों के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे।

उनकी मांग है कि पुलिस मामले में आरोपी के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करे और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित गंभीर धाराएं लगाई जाएं।

निशु आजाद भी पहुंचीं थाने

इस मामले में पीड़ित परिवार की ओर से निशु आजाद भी संसद मार्ग थाने पहुंचीं। उनके साथ उनके पिता संजय आजाद और सांसद चंद्रशेखर भी मौजूद रहे।

CJP प्रतिनिधिमंडल और दिल्ली पुलिस के बीच थाने में बातचीत हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मामले में तेजी से कार्रवाई की मांग पुलिस अधिकारियों के सामने रखी।

आशुतोष रांका ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

CJP नेता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ गंभीर मारपीट हुई थी। उनका दावा है कि घटना के बाद से संगठन लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले में कड़ी धाराएं लगाने की मांग कर रहा है।

रांका ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस पर राजनीतिक दबाव था, जिसके कारण कार्रवाई में देरी हुई। ये आरोप CJP की ओर से लगाए गए हैं और इनकी पुष्टि जांच के जरिए होना बाकी है।

हत्या के प्रयास की धारा लगाने की मांग

CJP की मुख्य मांगों में आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास से संबंधित कानूनी कार्रवाई करना भी शामिल है। संगठन का कहना है कि वायरल क्लिप में कथित स्वीकारोक्ति सामने आने के बाद पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए आवश्यक कानूनी कदम उठाना चाहिए।

पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह तय होगा कि मामले में कौन-कौन सी धाराएं लागू होती हैं।

राहुल गांधी के बाद कांग्रेस भी हुई सक्रिय

निशु आजाद मामले में अब कांग्रेस की लीगल टीम भी सक्रिय हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार निशु आजाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से कानूनी मदद की अपील की थी।

इसके बाद राहुल गांधी की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद कांग्रेस की कानूनी टीम मामले में मदद के लिए आगे आई। कांग्रेस की ओर से भी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग में कानूनी सहायता देने की बात सामने आई है।

पुलिस के सामने अब क्या चुनौती?

इस पूरे विवाद में अब दिल्ली पुलिस के सामने मामले की निष्पक्ष जांच करने की चुनौती है।

वायरल क्लिप में किए गए दावों के साथ-साथ पुलिस को पहले से दर्ज शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट,

प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करनी होगी।

जांच में आरोप सही पाए जाने पर कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

चंद्रशेखर भी पहुंचे संसद मार्ग थाना

मामले में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने के बीच समाज पार्टी (कांशीराम) के

राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर भी संसद मार्ग थाने पहुंचे। उन्होंने निशु

आजाद और उनके परिवार के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

इस घटनाक्रम के बाद मामला सिर्फ CJP और दिल्ली पुलिस के बीच विवाद तक

सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है।

आगे क्या होगा?

अब निगाह दिल्ली पुलिस की जांच और मामले में होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है। CJP और

निशु आजाद के परिवार की ओर से तत्काल गिरफ्तारी तथा कड़ी धाराओं में कार्रवाई की मांग की जा रही है।

वहीं, वायरल पॉडकास्ट क्लिप में किए गए दावों की कानूनी अहमियत भी

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस के आधिकारिक निष्कर्ष और जांच में

सामने आने वाले साक्ष्य इस मामले की अगली दिशा तय करेंगे।

निष्कर्ष

निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ जंतर-मंतर पर कथित मारपीट का मामला

एक बार फिर दिल्ली की राजनीति और पुलिस कार्रवाई के केंद्र में आ गया है।

वायरल पॉडकास्ट क्लिप के बाद CJP ने संसद मार्ग थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।

निशु आजाद, उनके पिता संजय कुमार और चंद्रशेखर की मौजूदगी में पुलिस

अधिकारियों के साथ बातचीत हुई। दूसरी ओर राहुल गांधी के समर्थन के बाद

कांग्रेस की लीगल टीम भी मामले में सक्रिय बताई जा रही है।

अब सबसे अहम सवाल यही है कि दिल्ली पुलिस वायरल क्लिप और

अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाती है।

FAQ: Nishu Azad Case 2026

निशु आजाद केस क्या है?

यह मामला जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के

पिता संजय कुमार के साथ हुई कथित मारपीट से जुड़ा है।

निशु आजाद संसद मार्ग थाने क्यों पहुंचीं?

निशु आजाद अपने पिता पर कथित हमले के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने पहुंचीं।

CJP ने पुलिस से क्या मांग की है?

CJP की ओर से कथित हमले के आरोपी के खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी और

मामले की गंभीर धाराओं में कार्रवाई की मांग की गई है।

वायरल पॉडकास्ट क्लिप में क्या दावा किया गया?

रिपोर्ट के अनुसार वायरल क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज ने संजय कुमार के सिर पर

हमला करने की बात कही। इस दावे की कानूनी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

क्या राहुल गांधी निशु आजाद के समर्थन में आए हैं?

रिपोर्ट के अनुसार निशु आजाद की अपील के बाद राहुल गांधी की

सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई और कांग्रेस की लीगल टीम मामले में सहायता के लिए सक्रिय हुई।

क्या चंद्रशेखर भी निशु आजाद के साथ थाने पहुंचे?

हां, रिपोर्ट के अनुसार चंद्रशेखर निशु आजाद और CJP प्रतिनिधियों के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे।

मामले में पुलिस की क्या भूमिका है?

दिल्ली पुलिस मामले की शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर

कानूनी कार्रवाई करेगी। वायरल क्लिप में किए गए दावों की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।

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