चीनी के दाम में बड़ी गिरावट, एक्स-मिल कीमतें करीब 20% घटीं; दशहरा-दिवाली तक मिल सकती है और राहत

देशभर में चीनी की बढ़ती कीमतों से परेशान उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। चीनी के एक्स-मिल भाव में करीब 20 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है। इसका असर अब धीरे-धीरे खुदरा बाजार में भी दिखाई देने लगा है। सरकार के मुताबिक आने वाले दिनों में यदि मिल स्तर पर कीमतों में नरमी बनी रहती है तो त्योहारों के सीजन में चीनी के दाम और नीचे आ सकते हैं।

गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा, दिवाली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों में यह बदलाव आम परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों में चीनी की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में कीमतों में कमी का सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिल सकता है।

एक्स-मिल कीमतों में करीब 20% की गिरावट

चीनी की कीमतों में अगस्त के दौरान तेजी देखने को मिली थी। इसके बाद बाजार पर सरकार की निगरानी बढ़ाई गई। अब एक्स-मिल स्तर पर कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट सामने आई है।

एक्स-मिल कीमत वह दर होती है जिस पर चीनी मिल से निकलने के स्तर पर चीनी की बिक्री होती है। इसके बाद परिवहन, थोक कारोबार और अन्य लागत जुड़ने के कारण उपभोक्ता को मिलने वाला खुदरा भाव अलग हो सकता है।

सरकार का कहना है कि एक्स-मिल कीमतों में आई गिरावट का असर खुदरा बाजार में कुछ समय के अंतराल से दिखाई देता है। इसलिए आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों में और नरमी की संभावना बन रही है।

खुदरा बाजार में भी शुरू हुई राहत

उपलब्ध सरकारी जानकारी के मुताबिक देश के खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों में लगभग 5 फीसदी तक की कमी आई है। हालांकि अलग-अलग शहरों में कीमतें अलग हो सकती हैं।

3 सितंबर को उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता और रांची में चीनी करीब 61 रुपये प्रति किलो के भाव पर दर्ज की गई। वहीं गुवाहाटी, कानपुर और रायपुर में भाव लगभग 62 रुपये प्रति किलो, जबकि चेन्नई में करीब 63 रुपये प्रति किलो बताया गया।

अलग-अलग शहरों में चीनी के भाव

  • दिल्ली: करीब 61 रुपये प्रति किलो
  • हैदराबाद: करीब 61 रुपये प्रति किलो
  • कोलकाता: करीब 61 रुपये प्रति किलो
  • रांची: करीब 61 रुपये प्रति किलो
  • गुवाहाटी: करीब 62 रुपये प्रति किलो
  • कानपुर: करीब 62 रुपये प्रति किलो
  • रायपुर: करीब 62 रुपये प्रति किलो
  • चेन्नई: करीब 63 रुपये प्रति किलो

ध्यान रहे कि स्थानीय बाजार में वास्तविक खुदरा कीमत दुकान, ब्रांड, पैकिंग और क्षेत्र के हिसाब से अलग हो सकती है।

दशहरा और दिवाली तक क्यों सस्ती हो सकती है चीनी?

चीनी की एक्स-मिल कीमतों में आई गिरावट का पूरा फायदा खुदरा बाजार में आने में समय लगता है। यदि मिलों से कम कीमत पर चीनी की आपूर्ति जारी रहती है तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे थोक और फिर खुदरा बाजार तक पहुंच सकता है।

यही वजह है कि आने वाले त्योहारों तक चीनी की कीमतों में और नरमी की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि यह कोई निश्चित कीमत का अनुमान नहीं है। वास्तविक भाव उत्पादन, आपूर्ति, मांग और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेंगे।

अगस्त में तेजी के बाद सरकार ने बढ़ाई निगरानी

अगस्त में चीनी की कीमतों में अचानक तेजी आने के बाद सरकार ने बाजार पर निगरानी बढ़ा दी थी। स्टॉक, बिक्री और बाजार भाव पर नजर रखी जा रही है ताकि जमाखोरी अथवा कृत्रिम कमी जैसी गतिविधियों को नियंत्रित किया जा सके।

सरकार का उद्देश्य बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और सप्लाई व्यवस्था को सामान्य रखना है। साथ ही कीमतों में अनावश्यक बढ़ोतरी को रोकने पर भी जोर दिया जा रहा है।

आम लोगों के लिए क्या मतलब?

अगर चीनी के एक्स-मिल भाव में गिरावट आगे भी बनी रहती है तो इसका फायदा

धीरे-धीरे आम उपभोक्ताओं को मिल सकता है। खासकर त्योहारों के दौरान घरों में मिठाई,

पकवान और अन्य व्यंजन बनाने के लिए चीनी की खपत बढ़ती है।

फिलहाल बाजार का रुख राहत वाला जरूर दिखाई दे रहा है, लेकिन आने वाले

हफ्तों में कीमतों की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि चीनी की उपलब्धता और मांग कैसी रहती है।

निष्कर्ष

चीनी की एक्स-मिल कीमतों में करीब 20 फीसदी की गिरावट और खुदरा बाजार में शुरुआती

नरमी उपभोक्ताओं के लिए सकारात्मक संकेत है। अगर यह ट्रेंड जारी रहा तो दशहरा और दिवाली के

आसपास चीनी के दाम में और कमी देखने को मिल सकती है।

हालांकि किसी निश्चित खुदरा कीमत की गारंटी अभी नहीं दी जा सकती।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. चीनी के एक्स-मिल भाव कितने घटे हैं?

चीनी के एक्स-मिल भाव में करीब 20 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

2. क्या खुदरा बाजार में भी चीनी सस्ती हुई है?

हां, उपलब्ध सरकारी जानकारी के मुताबिक खुदरा कीमतों में करीब 5 फीसदी तक की कमी आई है।

3. अभी चीनी का भाव कितना है?

3 सितंबर के उपलब्ध आंकड़ों में कई प्रमुख शहरों में चीनी करीब 61 से

63 रुपये प्रति किलो के बीच दर्ज की गई थी। स्थानीय खुदरा कीमत इससे अलग हो सकती है।

4. क्या दशहरा और दिवाली तक चीनी और सस्ती होगी?

अगर एक्स-मिल कीमतों में गिरावट जारी रहती है तो खुदरा बाजार में आगे और

नरमी की संभावना है, लेकिन निश्चित भाव बताना अभी संभव नहीं है।

5. सरकार चीनी की कीमतों पर नजर क्यों रख रही है?

सरकार पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी, कृत्रिम कमी तथा अनावश्यक कीमत बढ़ोतरी

जैसी गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए बाजार की निगरानी कर रही है।

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