नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन, विशाल भंडारे में उमड़े हजारों श्रद्धालु

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

गोरखपुर। विकासखंड बेलघाट की ग्राम पंचायत बेलांव-शाहपुर में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का सोमवार को विधिवत समापन हो गया। समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें गांव और आसपास के क्षेत्र से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

आरती, हवन और पूर्णाहुति के साथ हुआ समापन

श्रीमद् भागवत कथा के समापन से पहले श्रीमद् भागवत ग्रंथ की आरती की गई। इसके बाद हवन और पूर्णाहुति का आयोजन हुआ। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना में शामिल हुए।

कथा वाचक आचार्य हरिमंगल पराशर ने सभी भक्तों को आशीर्वाद दिया। अंतिम दिन उन्होंने ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ विषय पर प्रवचन देते हुए धर्म के महत्व को समझाया।

धर्म की रक्षा करने वाले की धर्म करता है रक्षा

आचार्य हरिमंगल पराशर ने कहा कि जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म स्वयं उसकी रक्षा करता है। यही सनातन का सबसे बड़ा सत्य है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति अपने धर्म पर अडिग रहता है तो चाहे उसके सामने कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आएं, वही धर्म उसके लिए कवच बनकर रक्षा करता है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने सत्य, संस्कार और कर्तव्य को कभी न छोड़ने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि यदि भीड़ गलत रास्ते पर जा रही हो, तब भी

व्यक्ति को सही रास्ते पर डटे रहना चाहिए। अंत में जीत उसी धर्म की होती है।

हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

कथा के समापन के अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में बेलांव-शाहपुर सहित

आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

आयोजन स्थल पर पूरे दिन धार्मिक वातावरण बना रहा।

आयोजन में इन लोगों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

श्रीमद् भागवत कथा की मुख्य यजमान बेलांव-शाहपुर की प्रशासक श्रीमती उर्मिला देवी एवं

जिगनिया शाहपुर के प्रशासक उदय प्रताप सिंह सहित समस्त ग्रामवासी रहे।

आयोजन की सफलता में डॉ. मदन मोहन पांडे, वायुनंदन मिश्रा, दुर्गा प्रसाद चौहान, दीपेंद्र पांडे

दीपक भट्ट, राजन वर्मा, अमित सिंह, श्याम नंदन मिश्रा, भोला वर्मा, संदीप श्रीवास्तव, टिंकू सिंह,

अनिल पांडे, जय सिंह चौहान, गोरख चौहान, रिशु सिंह, नितिन श्रीवास्तव, नरेश वर्मा,

रौनक पांडे, पवन वर्मा, दीपक पटवा, सरवन जायसवाल,

सीताराम पटवा, पप्पू प्रजापति, सरवन पटवा सहित अन्य लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

नौ दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन के समापन पर श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला।

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