राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर।
गोरखपुर के गोला तहसील मुख्यालय में सोमवार को गोंड धुरिया समाज के लोगों ने जाति प्रमाण पत्र जारी किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। मूलनिवासी आदिवासी आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शंकर गोंड के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाज के लोग तहसील पहुंचे और तहसीलदार के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर शासन के निर्देशों के अनुरूप पात्र लोगों के जाति प्रमाण पत्र जल्द जारी करने की मांग की। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्षों से लंबित इस समस्या के कारण हजारों परिवार शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।
जाति प्रमाण पत्र न मिलने से प्रभावित हो रहा छात्रों का भविष्य
ज्ञापन में बताया गया कि गोला तहसील क्षेत्र में गोंड धुरिया समाज की बड़ी आबादी निवास करती है। इसके बावजूद पात्र लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। इसका सबसे अधिक असर छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है, जिन्हें शिक्षा में आरक्षण, छात्रवृत्ति, प्रवेश प्रक्रिया, प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी नौकरियों में मिलने वाले संवैधानिक लाभ प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
समाज के लोगों का कहना है कि जाति प्रमाण पत्र के अभाव में कई छात्र उच्च शिक्षा और सरकारी सेवाओं के अवसरों से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की।
जिलाधिकारी के निर्देशों के पालन की उठी मांग
मूलनिवासी आदिवासी आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शंकर गोंड ने बताया कि 22 जून को जिलाधिकारी द्वारा सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को लिखित निर्देश जारी किए गए थे। इन निर्देशों में पात्र व्यक्तियों के जाति प्रमाण पत्रों की जांच कर समयबद्ध तरीके से प्रमाण पत्र जारी करने के आदेश दिए गए थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि गोला तहसील में अब तक इन निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन नहीं किया गया है। यदि प्रशासन शासन के आदेशों का सही तरीके से पालन करे तो हजारों परिवारों की समस्या का समाधान आसानी से हो सकता है।
सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहा समाज
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र केवल एक दस्तावेज नहीं बल्कि शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय का महत्वपूर्ण आधार है। इसके अभाव में गोंड धुरिया समाज के पात्र लोगों को आरक्षण, छात्रवृत्ति, स्वरोजगार योजनाओं, आवास योजना, आर्थिक सहायता तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी लंबित आवेदनों की निष्पक्ष जांच कर पात्र लोगों के जाति प्रमाण पत्र जल्द से जल्द जारी किए जाएं, ताकि समाज के युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।
विशेष शिविर लगाकर हो लंबित मामलों का निस्तारण
ज्ञापन के माध्यम से समाज ने यह भी मांग की कि तहसील स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएं, जहां लंबित आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण किया जा सके। समाज का कहना है कि यदि विशेष अभियान चलाया जाए तो वर्षों से लंबित हजारों मामलों का समाधान कम समय में किया जा सकता है।
इसके साथ ही जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सरल बनाने की भी मांग की गई, ताकि भविष्य में किसी भी पात्र व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव शंकर गोंड ने कहा कि यदि शासन के स्पष्ट निर्देशों के
बावजूद प्रशासन ने गोंड धुरिया समाज की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो
समाज लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे की रणनीति तैयार करेगा।
उन्होंने कहा कि समाज अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेगा, लेकिन प्रशासन से
उम्मीद है कि वह संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र समाधान करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं,
बल्कि शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र लोगों को उनका वैधानिक अधिकार दिलाना है।
बड़ी संख्या में पहुंचे समाज के लोग
ज्ञापन सौंपने के दौरान मूलनिवासी आदिवासी आर्मी के पदाधिकारी, समाज के वरिष्ठ सदस्य, कार्यकर्ता,
छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन से एक स्वर में मांग की कि पात्र गोंड
धुरिया समाज के लोगों के जाति प्रमाण पत्र जल्द जारी किए जाएं, ताकि वे संविधान और
शासन द्वारा प्रदान किए गए सभी अधिकारों एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
समाज के लोगों ने विश्वास जताया कि जिला प्रशासन इस महत्वपूर्ण विषय को गंभीरता से लेते हुए
जल्द सकारात्मक निर्णय करेगा और लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान सुनिश्चित करेगा।
निष्कर्ष
गोला तहसील में गोंड धुरिया समाज द्वारा उठाई गई जाति प्रमाण पत्र की मांग शिक्षा, रोजगार और
सामाजिक न्याय से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। समाज का कहना है कि शासन के निर्देशों के बावजूद पात्र
लोगों को प्रमाण पत्र नहीं मिलने से हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं। अब समाज ने
प्रशासन से समयबद्ध कार्रवाई, विशेष शिविर आयोजित कर लंबित मामलों के
निस्तारण और पात्र लोगों को शीघ्र जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की है। आने वाले दिनों में
प्रशासन इस विषय पर क्या कदम उठाता है, इस पर समाज की निगाहें टिकी रहेंगी।
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