मथुरा हादसा
मथुरा। वृंदावन की पावन धरती पर दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं के लिए सोमवार सुबह मौत बनकर आई। 9 दिसंबर 2025 की सुबह करीब 6 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर माइलस्टोन 98 के पास एक तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कार सवार 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। सभी मृतक दिल्ली के रहने वाले थे और परिवार के साथ वृंदावन दर्शन को निकले थे। हादसा इतना भयानक था कि कार के परखच्चे उड़ गए। यह ब्लॉग इस दर्दनाक हादसे की पूरी डिटेल्स, कारण, पुलिस कार्रवाई और एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा टिप्स लेकर आया है।
हादसे का पूरा विवरण: सुबह 6 बजे का खौफनाक मंजर
हादसा मथुरा के माइलस्टोन 98 पर सुबह 6 बजे हुआ। दिल्ली से वृंदावन जा रही स्विफ्ट डिजायर कार (DL नंबर) में 4 लोग सवार थे। पुलिस के अनुसार, कार चालक तेज रफ्तार में ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था। सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली (ईंटें लदी हुई) से सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।
मृतकों की पहचान:
- सुनीता (55 वर्ष)
- रेनू (50 वर्ष) -दोनों महिलाएं)
- विनोद कुमार (58 वर्ष)
गंभीर घायल महिला का नाम अभी गोपनीय है, उन्हें आगरा के SN मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया।
हादसे का मुख्य कारण: तेज रफ्तार और गलत ओवरटेकिंग
पुलिस प्रारंभिक जांच में सामने आया है:
- कार की स्पीड 120 किमी/घंटा से ज्यादा थी
- सुबह कोहरा होने के बावजूद हेडलाइट बंद थी
- ओवरटेकिंग के दौरान डिवाइडर से बचने में असफल रहे
- ट्रैक्टर चालक भी गलत साइड पर था
यमुना एक्सप्रेसवे पर पिछले 3 महीनों में 50+ हादसे हो चुके हैं, जिनमें तेज रफ्तार और ओवरटेकिंग मुख्य कारण हैं।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: शवों को पोस्टमॉर्टम, ट्रैक्टर जब्त
हादसे की सूचना मिलते ही कोसीकलां थाना पुलिस मौके पर पहुंची। आगरा-दिल्ली हाईवे पर जाम लग गया। क्रेन की मदद से कार को हटाया गया। पुलिस ने:
- ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया
- फरार चालक की तलाश में 3 टीमें लगाईं
- शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा
- घायल महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया
SP (ग्रामीण) त्रिगुण बिसेन ने कहा, “हादसा दर्दनाक है। दोषी चालक को जल्द पकड़ा जाएगा। एक्सप्रेसवे पर स्पीड लिमिट और हेडलाइट नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।”
यमुना एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसे: आंकड़े चौंकाने वाले
- 2025 में अब तक 120+ हादसे
- 60 से ज्यादा मौतें
- मुख्य कारण: तेज रफ्तार, नींद, गलत ओवरटेकिंग
- कोहरे के मौसम में 40% हादसे बढ़ जाते हैं
