LPG गैस कनेक्शन ट्रांसफर प्रक्रिया
गैस कनेक्शन अपने नाम कराना हुआ आसान
देशभर के एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब LPG गैस कनेक्शन को अपने नाम ट्रांसफर कराना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। नई व्यवस्था के तहत परिजन की मृत्यु के बाद या किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर चल रहे गैस कनेक्शन को भी निर्धारित नियमों के अनुसार आसानी से ट्रांसफर कराया जा सकेगा। सबसे बड़ी राहत यह है कि कई मामलों में उपभोक्ताओं को नई सिक्योरिटी राशि जमा नहीं करनी पड़ेगी।
सरकार और खाद्य विभाग की ओर से जारी नए दिशा-निर्देशों के बाद लाखों परिवारों को कागजी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है। अब हर घर में वैध गैस कनेक्शन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
13 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा
जानकारी के अनुसार जिले में 13 लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 10 लाख उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जबकि लगभग 3 लाख लोगों की ई-केवाईसी अभी अधूरी है।
कई परिवार वर्षों से किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी गैस कनेक्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे परिवारों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
जिला पूर्ति अधिकारी ने क्या कहा?
जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि सरकार का उद्देश्य हर घर में वैध गैस कनेक्शन सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को किसी भी तकनीकी या कागजी समस्या का सामना न करना पड़े। इसी कारण कनेक्शन ट्रांसफर की प्रक्रिया को पहले से अधिक आसान बनाया गया है।
रक्त संबंधियों के लिए आसान नियम
यदि किसी मूल गैस कनेक्शन धारक की मृत्यु हो जाती है, तो उनके रक्त संबंधी जरूरी दस्तावेज जमा करके कनेक्शन अपने नाम ट्रांसफर करा सकते हैं। इस प्रक्रिया में नई सिक्योरिटी राशि जमा करने की जरूरत नहीं होगी। पुरानी प्रतिभूति राशि पर ही गैस कनेक्शन का नामांतरण कर दिया जाएगा।
इससे परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी और लंबी कागजी प्रक्रिया से भी छुटकारा मिलेगा।
गैर-रिश्तेदार भी करा सकेंगे ट्रांसफर
नई व्यवस्था के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के नाम का गैस कनेक्शन इस्तेमाल कर रहा है और वह रक्त संबंधी नहीं है, तब भी वह कनेक्शन अपने नाम करवा सकता है।
ऐसे मामलों में उपभोक्ता को सिर्फ पुरानी और वर्तमान सिक्योरिटी राशि के बीच का अंतर जमा करना होगा।
इसके बाद गैस कनेक्शन वैध रूप से उसके नाम ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
ई-केवाईसी पूरी कराना जरूरी
अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरी कराने की अपील की है।
जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अधूरी रहेगी, उन्हें भविष्य में
गैस सेवा और सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद गैस कनेक्शन से जुड़ी सेवाएं और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनेंगी।
उपभोक्ताओं को मिलेगा बड़ा फायदा
नई व्यवस्था से उन लाखों लोगों को फायदा होगा जो लंबे समय से दूसरों के नाम पर
गैस कनेक्शन इस्तेमाल कर रहे थे। अब वे आसानी से अपना कनेक्शन वैध रूप से अपने नाम करा सकेंगे और
सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्राप्त कर पाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे गैस कनेक्शन रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी होंगे और फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी।
LPG गैस कनेक्शन ट्रांसफर के नियमों में किए गए बदलाव आम उपभोक्ताओं के लिए राहत
भरे साबित हो सकते हैं। अब नामांतरण प्रक्रिया पहले से आसान और सस्ती हो गई है। परिवार के सदस्य या
अन्य उपयोगकर्ता भी नियमों के अनुसार आसानी से कनेक्शन अपने नाम करा सकेंगे।
इससे लाखों लोगों को सरकारी सुविधाओं और योजनाओं का लाभ मिलने में आसानी होगी।
