कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बीच दर्दनाक हादसा
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के रेउसा क्षेत्र के राजपुर (राजापुर) केवटाना गांव के पास कांवड़ यात्रा की तैयारियों के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। जागरूकता अभियान चला रहा एक डीजे वाहन 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। लाइन के संपर्क में आते ही पूरे वाहन में करंट दौड़ गया और अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।
कैसे हुआ हादसा?
स्थानीय लोगों के अनुसार कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को दिशा-निर्देश और जागरूकता संदेश देने के लिए एक पिकअप वाहन पर डीजे सिस्टम लगाया गया था। वाहन जब राजपुर और सुल्तानापुरवा के बीच पुल के पास पहुंचा तो सड़क के ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन डीजे सिस्टम से छू गई। इसके बाद पूरे वाहन में करंट फैल गया और उसमें आग लग गई।
दो लोगों की मौत, तीन गंभीर रूप से झुलसे
हादसे में डीजे संचालक एवं वाहन मालिक गुड्डू यादव (40) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उनके सहयोगी संतोष (30) ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेउसा में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके अलावा मिथिलेश दीक्षित, विनीत और गोपाल गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका उपचार चल रहा है।
प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया तथा पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
बिजली विभाग की लापरवाही आई सामने
प्रारंभिक जांच में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आने के बाद अवर अभियंता (JE) वीरेंद्र को तत्काल निलंबित कर दिया गया। वहीं संबंधित अधिशासी अभियंता (Executive Engineer) के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।
नई सड़क बनने से कम हो गई लाइन की ऊंचाई
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि मुख्य सड़क के किनारे लगी 11 केवी लाइन वर्ष 2006 से मौजूद थी। हाल ही में सड़क का स्तर ऊंचा होने के कारण सड़क से बिजली लाइन की प्रभावी ऊंचाई कम होकर लगभग 12 फीट रह गई थी। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि सड़क निर्माण के दौरान संबंधित विभाग ने बिजली विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी थी।
कांवड़ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद कांवड़ यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां-जहां हाईटेंशन लाइनें सड़क के ऊपर से गुजरती हैं, वहां पहले से सुरक्षा जांच, चेतावनी बोर्ड और लाइन की ऊंचाई का निरीक्षण किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
मुख्यमंत्री से मुआवजे और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने, घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच जारी
प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। बिजली विभाग और
जिला प्रशासन संयुक्त रूप से यह पता लगा रहे हैं कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और
लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
सीतापुर के रेउसा क्षेत्र में हुआ यह हादसा कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं की गंभीर कमी को
उजागर करता है। 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दो लोगों की जान चली गई और
तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जांच के बाद बिजली विभाग के
एक अधिकारी को निलंबित किया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।
FAQ
Q1. हादसा कहां हुआ?
उत्तर: सीतापुर जिले के रेउसा क्षेत्र के राजपुर (राजापुर) केवटाना गांव के पास।
Q2. हादसा कैसे हुआ?
उत्तर: डीजे लगा पिकअप वाहन 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया,
जिससे पूरे वाहन में करंट फैल गया।
Q3. हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
उत्तर: दो लोगों की मौत हुई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
Q4. क्या बिजली विभाग पर कार्रवाई हुई है?
उत्तर: हां, प्रारंभिक जांच के बाद अवर अभियंता (JE) को निलंबित कर दिया गया है तथा
अधिशासी अभियंता के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
Q5. हादसे की जांच कौन कर रहा है?
उत्तर: जिला प्रशासन और बिजली विभाग संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रहे हैं
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