इंटरसिटी एक्सप्रेस में RPF की बड़ी कार्रवाई
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने इंटरसिटी एक्सप्रेस में विशेष जांच अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए 65 लीटर महुआ शराब बरामद की है। इस कार्रवाई को रेलवे मार्ग के जरिए संचालित हो रही अवैध शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार ट्रेन में संदिग्ध सामान की जांच के दौरान शराब से भरे कई पैकेट और कंटेनर बरामद किए गए। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि रेलवे सुरक्षा बल यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ गैरकानूनी गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखे हुए है।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार RPF को पहले से सूचना मिली थी कि इंटरसिटी एक्सप्रेस के जरिए अवैध महुआ शराब की खेप एक स्थान से दूसरे स्थान भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल की टीम ने विशेष जांच अभियान शुरू किया। ट्रेन में सघन तलाशी के दौरान कई संदिग्ध बैग और पैकेट मिले, जिनकी जांच करने पर उनमें बड़ी मात्रा में महुआ शराब बरामद हुई।
65 लीटर महुआ शराब जब्त
तलाशी अभियान के दौरान कुल 65 लीटर महुआ शराब बरामद की गई। बरामद शराब को तत्काल कब्जे में लेकर संबंधित विभाग को सौंप दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह शराब अवैध रूप से तैयार की गई प्रतीत होती है और इसे किसी अन्य जिले या राज्य में पहुंचाने की तैयारी थी। बरामदगी के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
तस्करों की पहचान में जुटी जांच एजेंसियां
कार्रवाई के दौरान कोई भी संदिग्ध व्यक्ति मौके पर नहीं मिला। ऐसे में अब RPF और अन्य जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शराब किसकी थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। रेलवे स्टेशन और ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संभावित तस्करों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
रेलवे मार्ग बना तस्करों की पसंद
पिछले कुछ वर्षों में अवैध शराब तस्कर रेलवे मार्ग का इस्तेमाल तेजी से करने लगे हैं। ट्रेन के जरिए बड़ी मात्रा में शराब को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की कोशिश की जाती है। हालांकि RPF और रेलवे पुलिस की लगातार निगरानी के कारण ऐसे मामलों का लगातार खुलासा भी हो रहा है। इंटरसिटी एक्सप्रेस में हुई यह बरामदगी इसी सतर्कता का परिणाम मानी जा रही है।
स्टेशन और ट्रेनों में बढ़ी निगरानी
घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने स्टेशन परिसरों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है।
संदिग्ध सामानों की जांच के लिए विशेष चेकिंग
अभियान चलाया जा रहा है। रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा और
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
अवैध शराब से स्वास्थ्य को भी खतरा
महुआ शराब की अवैध तस्करी केवल कानून व्यवस्था की समस्या नहीं है बल्कि यह लोगों के
स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है। बिना मानकों के तैयार की गई शराब
कई बार जहरीली साबित होती है, जिससे लोगों की जान तक जा सकती है।
इसी कारण प्रशासन ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए लगातार कार्रवाई कर रहा है।
यात्रियों से सहयोग की अपील
रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि यदि उन्हें ट्रेन या स्टेशन पर कोई
संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना रेलवे पुलिस या RPF को दें। अधिकारियों का कहना है कि
यात्रियों के सहयोग से रेलवे नेटवर्क को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।
इंटरसिटी एक्सप्रेस से 65 लीटर महुआ शराब की बरामदगी रेलवे
सुरक्षा बल की सतर्कता और सक्रियता का बड़ा उदाहरण है।
इस कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों को कड़ा संदेश गया है कि रेलवे मार्ग का इस्तेमाल गैरकानूनी
गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता। जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं ताकि
इस कारोबार में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
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