कुशीनगर बाढ़ अपडेट 2026: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में नारायणी नदी का जलप्रवाह बढ़ने और एपी तटबंध के क्षतिग्रस्त होने के बाद कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और मौके पर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने राहत सामग्री वितरित करने के साथ प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
नारायणी नदी में अचानक बढ़ा पानी
मुख्यमंत्री के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में नारायणी नदी में करीब 3 से 4 लाख क्यूसेक पानी का प्रवाह रहता है, लेकिन नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद नदी में अचानक लगभग 5.5 लाख क्यूसेक तक पानी पहुंच गया। पानी के बढ़े दबाव के कारण कुशीनगर के जवहीं दयाल क्षेत्र में एपी तटबंध का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ और आसपास के गांवों में पानी पहुंच गया।
बाढ़ प्रभावित गांवों का हवाई सर्वेक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की और राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। ऊंचे स्थानों पर शरण लिए लोगों के बीच भी पहुंचकर उन्होंने राहत सामग्री और भोजन के पैकेट वितरित किए।
5 हजार राहत किट की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए प्रशासन की ओर से 5,000 सूखा राहत किट की व्यवस्था की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रत्येक किट में दैनिक जरूरत की कई आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। राहत सामग्री में खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता मिल सके।
जनहानि पर चार लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर प्रभावित परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को आवास योजनाओं के माध्यम से सहायता देने और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए नियमानुसार आर्थिक मदद उपलब्ध कराने की बात भी कही गई।
किसानों की फसलों का होगा सर्वे
बाढ़ के कारण धान, गन्ना और सब्जियों समेत अन्य फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कर पात्र किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। उपलब्ध रिपोर्टों में सर्वे को जल्द पूरा करने के निर्देश का उल्लेख है।
NDRF और SDRF की टीमें तैनात
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा पीएसी की फ्लड यूनिट भी अभियान में शामिल है। प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी जोर
बाढ़ का पानी कम होने के बाद जलजनित और अन्य संक्रमण से बचाव के लिए प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य शिविर लगाने तथा प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी दवाओं और एंटी-स्नेक वेनम जैसी आवश्यक चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन की योजना
भविष्य में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नारायणी नदी की ड्रेजिंग और
चैनलाइजेशन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही क्षतिग्रस्त तटबंध की
मरम्मत और उसे भविष्य के लिए मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत का भरोसा
मुख्यमंत्री ने प्रभावित ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी
बनाए रखने के निर्देश दिए। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना,
भोजन और जरूरी सामग्री उपलब्ध कराना तथा बाढ़ का पानी
कम होने के बाद सफाई और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है।
निष्कर्ष
कुशीनगर में नारायणी नदी के बढ़े जलप्रवाह से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति के बीच राहत और
बचाव अभियान जारी है। 5,000 राहत किट की व्यवस्था,
प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता, फसल नुकसान के सर्वे और तटबंध की
मरम्मत जैसे कदमों पर प्रशासन का फोकस है। नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन को भविष्य की बाढ़
समस्या से निपटने की दीर्घकालिक योजना के तौर पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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