राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर में करवा चौथ के दिन विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद 29 अक्टूबर को रतनपुर विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में पोल शिफ्टिंग के नाम पर करीब साढ़े सात घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे व्रती महिलाओं को अंधेरे में पूजा-पाठ करना पड़ा और त्योहार प्रभावित हुआ।
मुख्य समाचार
गोरखपुर। करवा चौथ जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर बिजली आपूर्ति बाधित होने से रतनपुर विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आरोप है कि मौसम विभाग की ओर से लगातार खराब मौसम और बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बावजूद विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने 29 अक्टूबर को पोल शिफ्टिंग का कार्य शुरू करा दिया। इसके लिए दोपहर करीब 1:30 बजे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इसका असर शाम तक देखने को मिला और लगभग साढ़े सात घंटे तक बिजली गुल रहने से पूरे इलाके में अंधेरा छाया रहा।
करवा चौथ का त्योहार विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। शाम के समय चंद्रमा की पूजा से पहले कथा और पूजन की विशेष परंपरा होती है। ऐसे में शाम के समय बिजली की सबसे अधिक आवश्यकता थी, लेकिन रतनपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्र में आपूर्ति बाधित रहने के कारण महिलाओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
कई व्रती महिलाओं को मोबाइल फोन की रोशनी में ही कथा और पूजन की रस्में पूरी करनी पड़ीं। त्योहार की तैयारियों के बीच अचानक बिजली कटने से घरों में अंधेरा छा गया। महिलाओं और परिवार के अन्य सदस्यों में विद्युत विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिली।
खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद शुरू कराया गया काम
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि मौसम विभाग की ओर से पहले ही 28, 29, 30 और 31 अक्टूबर को मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई थी। ऐसे में विद्युत विभाग के अधिकारियों को पहले से ही बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने और संभावित फॉल्ट से निपटने की तैयारी करनी चाहिए थी।
उपभोक्ताओं के मुताबिक, बारिश के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए बिजली लाइनों की पेट्रोलिंग, आवश्यक मरम्मत और अन्य एहतियाती कदम उठाए जाने चाहिए थे। लेकिन त्योहार के दिन ही पोल शिफ्टिंग का कार्य शुरू कराकर आपूर्ति बंद कर दी गई। लोगों का सवाल है कि अगर यह कार्य जरूरी था तो इसे किसी सामान्य दिन या मौसम अनुकूल होने पर क्यों नहीं कराया गया?
रात में भी नहीं मिली राहत, 33 हजार वोल्ट की लाइन में खराबी
स्थानीय लोगों के अनुसार, पोल शिफ्टिंग के बाद रात करीब 9 बजे से 12 बजे तक लगभग तीन घंटे के लिए बिजली आपूर्ति बहाल हुई।
हालांकि इसके बाद 33 हजार वोल्ट की विद्युत कटौती।
ब्रेकडाउन होने से एक बार फिर बिजली संकट खड़ा हो गया।
उपभोक्ताओं का कहना है कि आपूर्ति बाधित हुए 15 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद
बिजली बहाल नहीं हो सकी थी। इससे घरों में दैनिक कामकाज प्रभावित हुआ।
मोबाइल फोन चार्ज करने, पानी की व्यवस्था और अन्य जरूरी कार्यों में भी लोगों को परेशानी हुई।
व्रती महिलाओं ने जताई नाराजगी
क्षेत्र की एक व्रती महिला ने नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि उन्होंने सुबह से ही निर्जला व्रत रखा था।
शाम को कथा और पूजन की तैयारी की गई थी, लेकिन बिजली विभाग की ओर से आपूर्ति बंद कर दिए जाने के कारण पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो गया।
उनका कहना था कि त्योहार के दिन बिजली की जरूरत सबसे अधिक होती है,
लेकिन उसी समय बिजली काट दी गई।
वहीं, दूसरी स्थानीय महिला ने कहा कि यदि पोल शिफ्टिंग का कार्य इतना जरूरी था तो विभाग को उपभोक्ताओं को पहले से इसकी सूचना देनी चाहिए थी।
त्योहार के दिन इस तरह का कार्य कराना उचित नहीं था।
पूर्व सूचना मिलने पर लोग अपने स्तर से जरूरी व्यवस्था कर सकते थे।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि प्रदेश सरकार की ओर से त्योहारों पर बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाते हैं।
इसके बावजूद मुख्यमंत्री के गृह जनपद में ही कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
उपभोक्ताओं ने मांग की है कि करवा चौथ के दिन बिजली आपूर्ति बाधित हुई थी।
बिना पूर्व सूचना पोल शिफ्टिंग का कार्य कराने के मामले की जांच होनी चाहिए।
साथ ही यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि 33 हजार वोल्ट की लाइन में ब्रेकडाउन क्यों हुआ और समय रहते आपूर्ति बहाल करने के लिए क्या कदम उठाए गए।
लोगों ने संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने, लापरवाही मिलने पर कार्रवाई करने और भविष्य में त्योहारों के दौरान इस तरह की अघोषित बिजली कटौती रोकने की मांग की है।
Headings
खराब मौसम की चेतावनी के बावजूद शुरू कराया गया पोल शिफ्टिंग का कार्य
करवा चौथ की शाम अंधेरे में हुई पूजा, मोबाइल की रोशनी बनी सहारा
33 हजार वोल्ट की लाइन में ब्रेकडाउन से बढ़ी उपभोक्ताओं की परेशानी
विद्युत विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
Facts/Details
मामले से जुड़ी प्रमुख जानकारियां:
- स्थान: रतनपुर विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र, गोरखपुर।
- घटना की तारीख: 29 अक्टूबर 2026।
- बिजली कटौती का कारण: पोल शिफ्टिंग का कार्य।
- बिजली आपूर्ति बाधित होने का समय: दोपहर करीब 1:30 बजे।
- शुरुआती बिजली कटौती: लगभग 7 घंटे 30 मिनट।
- रात 9 बजे से 12 बजे तक करीब तीन घंटे आपूर्ति मिलने का दावा।
- इसके बाद 33 हजार वोल्ट की लाइन में ब्रेकडाउन की सूचना।
- उपभोक्ताओं के अनुसार 15 घंटे से अधिक समय तक बिजली संकट बना रहा।
- करवा चौथ की व्रती महिलाओं को मोबाइल की रोशनी में पूजा करनी पड़ी।
- स्थानीय लोगों ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और कार्रवाई की मांग की।
Statement
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. गोरखपुर में करवा चौथ के दिन बिजली क्यों काटी गई थी?
स्थानीय उपभोक्ताओं के अनुसार, रतनपुर विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र में पोल शिफ्टिंग के कार्य के चलते बिजली आपूर्ति बंद की गई थी।
Q2. बिजली कितने घंटे तक बाधित रही?
शुरुआत में करीब साढ़े सात घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके बाद रात में कुछ समय के लिए बिजली आई और फिर 33 हजार वोल्ट की लाइन में ब्रेकडाउन हो गया।
Q3. बिजली कटौती से करवा चौथ का त्योहार कैसे प्रभावित हुआ?
शाम को कथा और पूजन के समय बिजली नहीं होने के कारण कई व्रती महिलाओं को मोबाइल फोन की रोशनी में पूजा करनी पड़ी।
Q4. उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग से क्या मांग की है?
उपभोक्ताओं ने मामले की जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और त्योहारों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
Q5. क्या खराब मौसम की पहले से चेतावनी जारी हुई थी?
स्थानीय लोगों के अनुसार, 28 से 31 अक्टूबर तक मौसम खराब रहने की पूर्व चेतावनी दी गई थी।
Conclusion
करवा चौथ के दिन बिजली संकट ने विद्युत विभाग की तैयारियों और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर जांच करेंगे।
भविष्य में त्योहारों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।