कारगिल विजय दिवस: ‘सैनिकों का शौर्य हमेशा देश के गौरव का प्रतीक रहेगा’, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने वीरों को किया नमन

देशभर में मनाया गया कारगिल विजय दिवस

27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पूरे देश में शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री सहित कई नेताओं और सैन्य अधिकारियों ने 1999 के कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को याद किया। विभिन्न राज्यों में स्मृति समारोह आयोजित किए गए, जहां शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई।

राष्ट्रपति ने वीर जवानों को किया नमन

राष्ट्रपति ने कारगिल युद्ध के शहीदों और पूर्व सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश उनकी वीरता, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों का साहस और कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

प्रधानमंत्री मोदी बोले- सैनिकों का शौर्य हमेशा रहेगा प्रेरणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल विजय दिवस पर देशवासियों की ओर से वीर सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने जिस अदम्य साहस और समर्पण का परिचय दिया, वह हमेशा देश के गौरव का प्रतीक रहेगा। उनका राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।

1999 का कारगिल युद्ध क्यों है ऐतिहासिक?

कारगिल युद्ध 1999 में जम्मू-कश्मीर के कारगिल क्षेत्र में लड़ा गया था। भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत दुर्गम पहाड़ियों पर कब्जा जमाए घुसपैठियों को पीछे हटाकर महत्वपूर्ण चोटियों पर फिर से नियंत्रण स्थापित किया। इस अभियान में भारतीय सैनिकों ने असाधारण साहस का परिचय दिया और अनेक जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया।

देशभर में आयोजित हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में शहीद स्मारकों पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। सेना के जवानों, पूर्व सैनिकों, एनसीसी कैडेट्स और आम नागरिकों ने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बलिदान को याद किया।

युवाओं के लिए प्रेरणा है कारगिल के वीर

कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों की बहादुरी आज भी देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत मानी जाती है।

उनका साहस, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है।

निष्कर्ष

कारगिल विजय दिवस केवल एक सैन्य जीत का स्मरण नहीं, बल्कि उन वीर सैनिकों के अदम्य साहस और

सर्वोच्च बलिदान को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित पूरे देश ने इस अवसर पर वीर शहीदों को

श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को सदैव याद रखने का संकल्प दोहराया।

FAQ

Q1. कारगिल विजय दिवस कब मनाया जाता है?
हर वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।

Q2. कारगिल युद्ध कब हुआ था?
कारगिल युद्ध वर्ष 1999 में भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ा गया था।

Q3. प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय सैनिकों का शौर्य और राष्ट्र के प्रति समर्पण हमेशा देश के गौरव और प्रेरणा का स्रोत रहेगा।

Q4. कारगिल युद्ध का प्रमुख अभियान क्या था?
भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत कारगिल की चोटियों को दुश्मन के कब्जे से मुक्त कराया था।

Q5. कारगिल विजय दिवस का महत्व क्या है?
यह दिन 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के साहस, बलिदान और भारत की विजय को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।

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