एयर इंडिया के एक फर्स्ट ऑफिसर को ज्यूरिख से दिल्ली आने वाली उड़ान संचालित करने से ठीक पहले अल्कोहल टेस्ट में फेल पाए जाने के बाद निलंबित कर दिया गया है। घटना 6 सितंबर 2026 को ज्यूरिख एयरपोर्ट पर हुई थी। प्रारंभिक जांच में टेस्ट का परिणाम निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसके बाद पायलट को उड़ान से हटा दिया गया।
उड़ान से पहले पायलट को विमान से हटाया गया
जानकारी के अनुसार, ज्यूरिख एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ को पायलट के अल्कोहल सेवन का संदेह हुआ। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने उसका परीक्षण कराया। प्रारंभिक अल्कोहल टेस्ट में वह फेल पाया गया।
पायलट को उड़ान भरने से पहले ही ड्यूटी से हटा दिया गया और विमान का संचालन उसके द्वारा नहीं किया गया। बाद में उसे यात्री के रूप में भारत वापस भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
दूसरे टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार
एयर इंडिया के अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच के बाद ज्यूरिख में दूसरा परीक्षण भी कराया गया। इसकी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है। इसलिए मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही माना जाएगा।
पायलट को फिलहाल निलंबित किया गया है और आगे की कार्रवाई जांच तथा नियामकीय प्रक्रिया के आधार पर होगी।
एयर इंडिया ने बताई जीरो टॉलरेंस नीति
एयर इंडिया ने कहा है कि सुरक्षा, नियामकीय नियमों या कंपनी के प्रोटोकॉल के उल्लंघन को लेकर उसकी जीरो टॉलरेंस नीति है। कंपनी के अनुसार, किसी उल्लंघन की पुष्टि होने पर लागू नियमों और कंपनी की नीति के तहत कार्रवाई की जाती है।
एयरलाइन ने फ्लाइट क्रू के लिए सुरक्षा और अनुपालन प्रशिक्षण तथा साइकोएक्टिव पदार्थों की जांच जैसी व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया है।
कुछ सप्ताह पहले भी सामने आया था मामला
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब कुछ सप्ताह पहले एयर इंडिया के एक अन्य पायलट से जुड़ा ड्रग टेस्ट मामला भी चर्चा में आया था। रिपोर्टों के अनुसार, फुकेत-दिल्ली उड़ान के बाद संबंधित पायलट के नमूने में मारिजुआना की पुष्टि हुई थी और बाद में उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।
दोनों घटनाओं की परिस्थितियां अलग हैं। ज्यूरिख मामले में फिलहाल दूसरे परीक्षण और जांच की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष सामने आने तक आरोपों को अंतिम तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
विमानन सुरक्षा में प्री-फ्लाइट जांच की अहमियत
विमान संचालन में पायलट की ड्यूटी से पहले निर्धारित सुरक्षा और स्वास्थ्य जांच महत्वपूर्ण होती है।
किसी संभावित नियम उल्लंघन का पता चलने पर पायलट को उड़ान से
अलग करना यात्रियों और विमान संचालन की सुरक्षा से जुड़ी प्रक्रिया का हिस्सा है।
ज्यूरिख की घटना में भी प्रारंभिक जांच के बाद पायलट को उड़ान से हटा दिया गया,
जबकि आगे की जांच जारी है।
मामले की मुख्य बातें
- घटना 6 सितंबर 2026 को ज्यूरिख एयरपोर्ट पर हुई।
- एयर इंडिया के एक फर्स्ट ऑफिसर को उड़ान से पहले अल्कोहल टेस्ट में फेल पाया गया।
- पायलट को विमान से हटाकर निलंबित किया गया।
- दूसरे परीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार बताया गया है।
- एयर इंडिया ने सुरक्षा और नियामकीय उल्लंघनों पर जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई है।
- अंतिम कार्रवाई जांच और नियामकीय प्रक्रिया के आधार पर होगी।
FAQ
एयर इंडिया के पायलट के साथ क्या हुआ?
ज्यूरिख से दिल्ली की उड़ान से पहले एक फर्स्ट ऑफिसर अल्कोहल टेस्ट में फेल पाया गया,
जिसके बाद उसे उड़ान से हटा दिया गया और निलंबित किया गया।
घटना कब हुई थी?
घटना 6 सितंबर 2026 को ज्यूरिख एयरपोर्ट पर हुई थी।
क्या पायलट के खिलाफ अंतिम कार्रवाई हो चुकी है?
फिलहाल निलंबन की कार्रवाई की गई है। दूसरे परीक्षण और जांच की
अंतिम स्थिति के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
क्या उड़ान पायलट ने संचालित की थी?
नहीं। उसे उड़ान से पहले ही हटा दिया गया था।
एयर इंडिया ने क्या कहा?
एयरलाइन ने सुरक्षा और नियामकीय नियमों के उल्लंघन पर जीरो टॉलरेंस नीति की बात कही है।
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