अमित शाह बोले- यूपी में कभी अपराध की इंडस्ट्री चलती थी, अब रक्षा और वाहन निर्माण का बढ़ा दायरा

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में एक समय अपराध और अवैध हथियारों से जुड़ी गतिविधियों की चर्चा होती थी, जबकि अब रक्षा उत्पादन, वाहन निर्माण और मेडिकल डिवाइस जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ी हैं। उन्होंने यह बात ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के उद्घाटन समारोह में कही।

अपराध से औद्योगिक उत्पादन तक बदलाव का दावा

अमित शाह ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश के पुराने और मौजूदा औद्योगिक परिदृश्य की तुलना की। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में वाहन चोरी और अवैध हथियारों को लेकर चर्चा होती थी, जबकि अब डिफेंस कॉरिडोर और वाहन निर्माण जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा मिल रहा है।

उन्होंने कानून-व्यवस्था, औद्योगिक नीतियों और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण को उद्योगों के विकास से जोड़ा। ये बातें उनके भाषण में सरकार के विकास संबंधी दावों के संदर्भ में सामने आईं।

यूपी डिफेंस कॉरिडोर का किया उल्लेख

केंद्रीय गृह मंत्री ने उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड का उल्लेख किया। इनमें झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में रक्षा उपकरणों के निर्माण से संबंधित निवेश आ रहा है। अपने संबोधन में उन्होंने देश के रक्षा उत्पादन और निर्यात में वृद्धि के आंकड़े भी बताए।

वाहन निर्माण और मेडिकल डिवाइस का भी जिक्र

अमित शाह ने कहा कि जिस प्रदेश में पहले वाहन चोरी को लेकर उदाहरण दिए जाते थे, वहां अब वाहन निर्माण की गतिविधियां बढ़ रही हैं। इसी तरह उन्होंने चेन स्नैचिंग की चर्चा के संदर्भ में मेडिकल डिवाइस पार्क को औद्योगिक बदलाव का उदाहरण बताया।

इन बयानों का संदर्भ उत्तर प्रदेश में नए उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए चल रही सरकारी पहलों से था।

ODOP से स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलने की बात

अमित शाह ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे पारंपरिक उद्योगों और हस्तशिल्प को बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिली है।

उन्होंने भदोही के कालीन, फिरोजाबाद के कांच, सहारनपुर की काष्ठ कला, कन्नौज के इत्र और वाराणसी की रेशमी साड़ी जैसे उत्पादों का उदाहरण दिया।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का उद्घाटन हुआ।

संबोधन में पिछले संस्करण की भागीदारी और एमओयू का भी उल्लेख किया गया।

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के ट्रेड शो में पांच लाख से

अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था और 2,400 से अधिक समझौता ज्ञापन हुए थे।

एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य का उल्लेख

अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने एक ट्रिलियन डॉलर की

अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने निवेश के लिए कानून-व्यवस्था,

औद्योगिक नीति और उद्योगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने को महत्वपूर्ण बताया।

यह लक्ष्य और इससे जुड़े दावे सरकार की आर्थिक विकास रणनीति का हिस्सा हैं।

इनके वास्तविक परिणामों का आकलन निवेश, उत्पादन,

रोजगार और अन्य आर्थिक आंकड़ों के आधार पर किया जा सकता है।

मुख्य बातें

  • अमित शाह ने ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को संबोधित किया।
  • उन्होंने उत्तर प्रदेश के पुराने और मौजूदा औद्योगिक परिदृश्य की तुलना की।
  • डिफेंस कॉरिडोर के छह नोड का उल्लेख किया गया।
  • वाहन निर्माण और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में गतिविधियों की बात कही गई।
  • ODOP के जरिए स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का उल्लेख हुआ।
  • उत्तर प्रदेश के एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की भी चर्चा हुई।

FAQ

अमित शाह ने उत्तर प्रदेश को लेकर क्या कहा?

उन्होंने अपने संबोधन में प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों और निवेश में बदलाव का

उल्लेख किया तथा रक्षा उत्पादन, वाहन निर्माण और मेडिकल डिवाइस जैसे क्षेत्रों की चर्चा की।

यूपी डिफेंस कॉरिडोर में कितने नोड हैं?

अमित शाह के संबोधन के अनुसार उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर के छह

नोड झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर में विकसित किए जा रहे हैं।

ODOP क्या है?

ODOP यानी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट पहल का उद्देश्य जिलों के पारंपरिक और

स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देकर बाजार उपलब्ध कराना है।

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो कहां आयोजित हुआ?

कार्यक्रम ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित किया गया।

अमित शाह ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लेकर कौन सा लक्ष्य बताया?

उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य का उल्लेख किया।

read this post :बैंक कर्मचारियों की 5 डे वीक मांग पर सरकार का रुख साफ, वित्त मंत्रालय ने कहा- नहीं दी मंजूरी