JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर उबाल: छात्रों का आंदोलन तेज, भूख हड़ताल जारी, CBI जांच की मांग से बढ़ा सरकार पर दबाव

झारखंड में भर्ती परीक्षा विवाद ने पकड़ा तूल

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्यभर में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों अभ्यर्थी कई दिनों से धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन अब राज्य का बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है।

भूख हड़ताल से बढ़ा आंदोलन का असर

आंदोलन को और तेज करने के लिए छात्र नेताओं ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के साथ कई अन्य अभ्यर्थी भी भूख हड़ताल में शामिल हुए। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अपील पर महतो ने पानी ग्रहण किया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन और सत्याग्रह जारी रहेगा।

छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं?

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना, JPSC और JSSC से जुड़े कथित घोटालों की CBI जांच कराना, भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करना, परीक्षा कैलेंडर जारी करना और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शामिल है। छात्रों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ा है।

CID की जांच और लगातार छापेमारी

मामले की जांच झारखंड CID कर रही है। जांच एजेंसियों ने रांची, धनबाद, हजारीबाग, पलामू और बिहार के कुछ इलाकों में छापेमारी कर दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं। पूर्व JPSC अध्यक्ष से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। हालांकि आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उन्हें केवल CID जांच पर भरोसा नहीं है और वे स्वतंत्र एजेंसी से जांच चाहते हैं।

सरकार ने दिया कार्रवाई का भरोसा

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि सरकार छात्रों के साथ न्याय करेगी और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी छात्रों की चिंताओं को गंभीर बताते हुए कहा है कि सरकार जल्द ही उच्च स्तरीय समिति बनाकर मामले की समीक्षा करेगी।

आंदोलन को मिला राजनीतिक समर्थन

JPSC-JSSC विवाद को लेकर कई राजनीतिक दल और छात्र संगठन भी खुलकर सामने आए हैं। विभिन्न संगठनों ने CBI जांच की मांग का समर्थन किया है। कुछ विपक्षी दलों ने सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखने का आरोप लगाया है, जबकि सरकार का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

आगे और तेज हो सकता है आंदोलन

छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो

आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा मार्च और

विधानसभा घेराव जैसे कार्यक्रमों की भी घोषणा की है। इसके चलते आने वाले दिनों में

झारखंड की राजनीति और भर्ती व्यवस्था को लेकर बहस और तेज होने की संभावना है।

निष्कर्ष

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद अब केवल भर्ती प्रक्रिया का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह झारखंड के

हजारों युवाओं के भविष्य और सरकारी भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है।

एक ओर छात्र पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं,

वहीं सरकार जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई का भरोसा दे रही है। अब सभी की नजर

इस बात पर है कि जांच के नतीजे क्या आते हैं और छात्रों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है।

FAQ

प्रश्न 1: छात्र किस बात का विरोध कर रहे हैं?
उत्तर: छात्र JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का

विरोध कर रहे हैं और CBI जांच की मांग कर रहे हैं।

प्रश्न 2: आंदोलन कहां चल रहा है?
उत्तर: आंदोलन मुख्य रूप से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा है।

प्रश्न 3: छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
उत्तर: CBI जांच, परीक्षा रद्द करना, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में सुधार।

प्रश्न 4: सरकार का क्या कहना है?
उत्तर: सरकार ने जांच पूरी होने के बाद दोषियों पर कार्रवाई और छात्रों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।

प्रश्न 5: क्या आंदोलन अभी भी जारी है?
उत्तर: हां, छात्र आंदोलन और भूख हड़ताल दोनों जारी हैं तथा आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की गई है।

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