गोरखपुर में गेहूं के खेतों में भीषण आग, किसानों की मेहनत जलकर राख

गोरखपुर जिले के अलग-अलग इलाकों में गेहूं के खेतों में लगी आग ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। पीपीगंज और बेलीपार थाना क्षेत्रों में हुई इन घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवाओं और सूखी पराली के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते फसल जलकर राख हो गई।

पीपीगंज क्षेत्र में अचानक लगी आग

पीपीगंज थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर नौ स्थित भारद्वाज नगर में बुधवार दोपहर अचानक खेतों में आग लग गई। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन तेज हवा के चलते आग तेजी से फैल गई।

इस आग में किसान प्रेम शंकर सिंह और वीरेंद्र सिंह के खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। करीब एक बीघा फसल को भारी नुकसान हुआ।

पराली ने बढ़ाई आग की रफ्तार

खेतों में मौजूद सूखी पराली ने आग को और तेजी से फैलने में मदद की। आसपास के अन्य खेतों में भी पराली जलने की घटनाएं सामने आईं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

ग्रामीणों ने तुरंत बाल्टी और पानी की मदद से आग बुझाने की कोशिश शुरू की।

ग्रामीणों की मदद से पाया गया काबू

स्थानीय किसानों और ग्रामीणों ने मिलकर काफी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया।

मौके पर पहुंची पुलिस ने भी स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की।

अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।

बेलीपार में शॉर्ट सर्किट से लगी आग

वहीं, बेलीपार थाना क्षेत्र के बरईपार गांव में शॉर्ट सर्किट के कारण गेहूं के खेत में आग लग गई।

इस हादसे में चार किसानों की करीब दो बीघा से अधिक फसल जलकर नष्ट हो गई।

प्रभावित किसानों में पड़ोही चौरसिया, रामनाथ यादव, नंदू चौरसिया और गुलाब यादव शामिल हैं।

किसानों को भारी आर्थिक नुकसान

किसान गुलाब यादव ने बताया कि यह फसल उनकी मुख्य आय का स्रोत थी और आग लगने से उन्हें बड़ा

आर्थिक नुकसान हुआ है। इस तरह की घटनाएं किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर देती हैं।

प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके का मुआयना किया और जांच शुरू कर दी है।

आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया है कि नुकसान का आकलन कर उचित सहायता प्रदान की जाएगी।

क्यों बढ़ रही हैं ऐसी घटनाएं

गर्मी के मौसम में सूखी फसल और पराली के कारण आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

तेज हवाएं आग को और तेजी से फैलाती हैं, जिससे नुकसान अधिक होता है।

बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट भी एक बड़ा कारण बनकर सामने आ रहा है।

बचाव के लिए जरूरी कदम

विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों में पराली को नियंत्रित तरीके से हटाना चाहिए।

बिजली के तारों की नियमित जांच भी जरूरी है।

इसके अलावा ग्रामीणों को आग बुझाने के प्राथमिक साधनों की जानकारी होनी चाहिए।

गोरखपुर में गेहूं के खेतों में लगी आग की यह घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।

इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है और उनकी आजीविका प्रभावित हुई है।

जरूरत है कि प्रशासन और किसान मिलकर ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं।