राकेश शर्मा की रिपोर्ट
श्रीराम-जानकी मंदिर में भव्य दीपोत्सव का आयोजन
गोरखपुर जनपद के गोला उपनगर स्थित भगवान श्रीराम-जानकी मंदिर परिसर में बुधवार देर शाम गुरु पूर्णिमा और संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्ज्वलित कर संत रविदास को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बताए समानता, मानवता तथा सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, श्रद्धालु और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विधायक राजेश त्रिपाठी ने गुरु परंपरा का महत्व बताया
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति का ऐसा पावन पर्व है, जो गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि गुरु ही जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं और उनके बताए मार्ग पर चलकर व्यक्ति सफलता एवं आत्मिक उन्नति प्राप्त कर सकता है।
संत रविदास के संदेश को अपनाने का आह्वान
विधायक राजेश त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि संत शिरोमणि रविदास का जीवन सामाजिक समानता, भाईचारे और मानव सेवा का प्रतीक है। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सभी लोगों से संत रविदास के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
भाजपा नेता शत्रुघ्न कसौधन ने दी श्रद्धांजलि
भाजपा नेता शत्रुघ्न कसौधन ने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन और विचारों से समाज में फैले भेदभाव को समाप्त करने तथा समानता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व हमें गुरु के महत्व को समझने और उनके बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। संत रविदास के विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
श्रद्धालुओं ने किया दीप प्रज्ज्वलन
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर संत रविदास को नमन किया और देश, समाज तथा विश्व में शांति, सद्भाव और समृद्धि की कामना की। पूरे आयोजन में भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर आचार्य वेद प्रकाश त्रिपाठी, पंकज सोनकर, जय शंकर तिवारी, सत्य प्रकाश यादव सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।
सामाजिक समरसता का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल धार्मिक पर्व नहीं बल्कि ज्ञान, संस्कार और गुरु परंपरा के सम्मान का प्रतीक है। वहीं संत रविदास का जीवन समाज में समानता, प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है। ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निष्कर्ष
गोला स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर में आयोजित गुरु पूर्णिमा और संत रविदास जयंती का
यह दीपोत्सव धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का सुंदर उदाहरण बना।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने संत रविदास के
विचारों को आत्मसात करने तथा गुरु परंपरा का सम्मान बनाए रखने का संकल्प लिया।
FAQ
Q1. यह कार्यक्रम कहां आयोजित हुआ?
उत्तर: गोरखपुर के गोला उपनगर स्थित भगवान श्रीराम-जानकी मंदिर परिसर में।
Q2. कार्यक्रम किस अवसर पर आयोजित किया गया?
उत्तर: गुरु पूर्णिमा और संत शिरोमणि रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर।
Q3. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कौन थे?
उत्तर: चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी।
Q4. कार्यक्रम में क्या विशेष आयोजन हुआ?
उत्तर: दीपोत्सव, दीप प्रज्ज्वलन, संत रविदास को श्रद्धांजलि और सामाजिक समरसता का संकल्प।
Q5. कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुए?
उत्तर: विधायक राजेश त्रिपाठी, भाजपा नेता शत्रुघ्न कसौधन, आचार्य वेद प्रकाश त्रिपाठी, पंकज सोनकर, जय शंकर तिवारी, सत्य प्रकाश यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भाजपा कार्यकर्ता।
read this post :सोनम वांगचुक ने दिल्ली-श्रीनगर वंदे भारत यात्रा की सराहना की, बोले- भारतीय रेलवे पर गर्व है