Gorakhpur Teacher Suicide Case: कई महीनों से फरार चल रहीं शालिनी श्रीवास्तव को पुलिस ने दबोचा

शिक्षक आत्महत्या मामले में बड़ा घटनाक्रम

गोरखपुर के बहुचर्चित शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रही निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शालिनी श्रीवास्तव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे और पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी।

क्या है पूरा मामला?

देवरिया के सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह ने फरवरी 2026 में आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो और सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न और पैसे की मांग करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। मृतक की पत्नी की शिकायत पर बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।

16 लाख रुपये लेने के आरोप

परिजनों का आरोप था कि शिक्षक की नौकरी बहाल कराने के नाम पर लाखों रुपये की मांग की गई थी। शिकायत में कहा गया कि कृष्ण मोहन सिंह ने रिश्तेदारों से कर्ज लेकर और परिवार के आभूषण गिरवी रखकर करीब 16 लाख रुपये की व्यवस्था की थी। इसके बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली और लगातार दबाव तथा कथित उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।

पहले हो चुकी थी निलंबन की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने शालिनी श्रीवास्तव को पहले ही निलंबित कर दिया था। जिलाधिकारी की संस्तुति पर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए थे। जांच के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक को नामित किया गया था और देवरिया बीएसए कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार दूसरे अधिकारी को सौंपा गया था।

गिरफ्तारी से पहले थीं फरार

एफआईआर दर्ज होने के बाद शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह फरार चल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। पुलिस ने दोनों पर

इनाम भी घोषित किया था और विभिन्न जिलों में उनकी तलाश की जा रही थी।

पुलिस जांच में जुटी

पुलिस ने मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, सुसाइड नोट, वीडियो और अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया है।

अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी

दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

निलंबित बीएसए की गिरफ्तारी के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि इसमें एक शिक्षक की

आत्महत्या, कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक जिम्मेदारी जैसे गंभीर सवाल जुड़े हुए हैं।

जांच आगे बढ़ने के साथ कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

गोरखपुर शिक्षक आत्महत्या मामला प्रदेश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा है। निलंबित बीएसए शालिनी

श्रीवास्तव की गिरफ्तारी को जांच में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और

अदालत की आगामी कार्यवाही पर टिकी है, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

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