गोरखपुर: बारिश में धंसा रामजानकी मार्ग, निर्माण गुणवत्ता पर फिर उठे सवाल, लोगों ने जांच की उठाई मांग

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

भारी बारिश के बाद सड़क का हिस्सा धंसा

गोरखपुर जिले के गोला उपनगर में रविवार सुबह हुई बारिश के बाद गोला-उरुवा मार्ग स्थित रामजानकी मार्ग का एक हिस्सा अचानक धंस गया। पश्चिम चौराहे पर नाथे बैट्री की दुकान के सामने लगभग तीन फुट चौड़ा और तीन फुट लंबा हिस्सा धंसने से सड़क पर गहरा गड्ढा बन गया। घटना के बाद कुछ समय तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की।

सड़क धंसने से टला बड़ा हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क धंसने के बाद स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने आसपास लोगों को सतर्क किया तथा अस्थायी रूप से मार्ग को सुरक्षित बनाने का प्रयास किया। यदि समय रहते गड्ढे की जानकारी नहीं मिलती तो कोई बड़ा सड़क हादसा हो सकता था।

विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह मार्ग गोला क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग माना जाता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं।

निर्माण गुणवत्ता पर फिर उठे सवाल

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि रामजानकी मार्ग का निर्माण शुरू होने के समय से ही इसकी गुणवत्ता और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठते रहे हैं। लोगों के अनुसार निर्माण कार्य लंबे समय तक अधूरा रहा, कई स्थानों पर सड़क पूरी तरह तैयार होने से पहले ही डिवाइडर बना दिए गए और निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया।

बारिश के बाद सड़क धंसने की घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप

क्षेत्रवासियों का आरोप है कि यदि सड़क का निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार किया गया होता तो पहली ही तेज बारिश में सड़क इस तरह नहीं धंसती। कुछ लोगों ने आशंका जताई कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया हो सकता है या फिर जल निकासी व्यवस्था पर्याप्त नहीं बनाई गई।

हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

तकनीकी जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से पूरे मार्ग की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार, निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

साथ ही लोगों ने क्षतिग्रस्त सड़क की शीघ्र मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की भी मांग की है।

मानसून में बढ़ सकती हैं मुश्किलें

मानसून के दौरान लगातार बारिश होने की संभावना को देखते हुए स्थानीय लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और गुणवत्ता की जांच नहीं हुई तो

अन्य हिस्सों में भी सड़क धंसने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी स्थिति में सड़क की आधार परत,

जल निकासी प्रणाली और मिट्टी की मजबूती की तकनीकी जांच आवश्यक होती है।

प्रशासन से लोगों की अपेक्षा

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केवल गड्ढा भर देना पर्याप्त समाधान नहीं होगा।

पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की

पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

लोगों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करते हुए सुरक्षित, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण सड़क उपलब्ध कराने की मांग की है।

निष्कर्ष

गोरखपुर के गोला उपनगर में रामजानकी मार्ग का बारिश के बाद धंसना

स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल क्षेत्रवासी सड़क की मरम्मत के

साथ-साथ निर्माण गुणवत्ता की निष्पक्ष तकनीकी जांच की मांग कर रहे हैं।

अब सभी की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी है।

FAQ

प्रश्न 1: सड़क कहां धंसी है?
उत्तर: गोरखपुर के गोला उपनगर में गोला-उरुवा मार्ग स्थित रामजानकी मार्ग पर पश्चिम चौराहे के पास।

प्रश्न 2: सड़क का कितना हिस्सा धंसा?
उत्तर: लगभग तीन फुट चौड़ा और तीन फुट लंबा हिस्सा धंस गया।

प्रश्न 3: स्थानीय लोगों की मुख्य मांग क्या है?
उत्तर: सड़क की तत्काल मरम्मत, निर्माण गुणवत्ता की तकनीकी जांच और दोषियों पर कार्रवाई।

प्रश्न 4: क्या निर्माण में अनियमितता की पुष्टि हो गई है?
उत्तर: नहीं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाए हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

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