गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक विवाहिता की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति सहित पांच लोगों के खिलाफ दहेज की मांग, मारपीट, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, जान से मारने की धमकी तथा घर से निकालने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विवाह के दो वर्ष बाद बढ़ा विवाद,
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, गोला थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर गड़री निवासी तन्नु प्रजापति का विवाह करीब दो वर्ष पहले हुआ था। विवाह के दौरान मायके पक्ष की ओर से नकद धनराशि, सोने-चांदी के आभूषण, घरेलू सामान, फर्नीचर और अन्य उपहार दिए गए थे।
विवाहिता का आरोप है कि बारात के दौरान ही ससुराल पक्ष ने विवाह में अधिक खर्च होने का हवाला देते हुए एक लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग की थी। हालांकि, बाद में आपसी समझौते के बाद विवाह संपन्न हो गया।
शादी के बाद शुरू हुई प्रताड़ना,
पीड़िता का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद उसके पति, सास, ससुर, देवर और अन्य परिजनों ने अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और लगातार दबाव बनाया गया।
विवाहिता ने बताया कि उसने इस संबंध में अपने मायके पक्ष को जानकारी दी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच पंचायत भी हुई। लेकिन पंचायत के बावजूद कथित प्रताड़ना बंद नहीं हुई।
पुत्री के जन्म के बाद बिगड़े हालात,
शिकायत में विवाहिता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके यहां पुत्री के जन्म के बाद ससुराल पक्ष का व्यवहार और अधिक खराब हो गया। इसके बाद दहेज की मांग और प्रताड़ना का सिलसिला और तेज हो गया।
पीड़िता के अनुसार, परिवार के लोगों ने उसे लगातार मानसिक दबाव में रखा और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया।
घर से निकालने और धमकी देने का आरोप,
विवाहिता का आरोप है कि 3 जून को उसके पति, सास, ससुर, देवर और आजिया सास ने उसके आभूषण और अन्य सामान अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उसे केवल पहने हुए कपड़ों में घर से बाहर निकाल दिया गया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपितों ने उसे जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद उसने पुलिस की शरण ली।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा,
गोला थाना पुलिस ने विवाहिता की तहरीर के आधार पर पति समेत पांच आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85, 115(2), 351(3) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए
जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
दहेज प्रताड़ना कानून क्या कहता है?
भारत में दहेज लेना और देना दोनों ही कानूनन अपराध हैं। दहेज प्रतिषेध
अधिनियम, 1961 के तहत दहेज मांगना, प्रताड़ित करना या दहेज के लिए
दबाव बनाना दंडनीय अपराध है। यदि किसी विवाहिता के साथ दहेज को लेकर
मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न किया जाता है तो वह पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकती है।
पुलिस की अपील,
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई को बढ़ावा न दें।
यदि किसी महिला के साथ दहेज के नाम पर उत्पीड़न होता है तो
वह तत्काल पुलिस या महिला हेल्पलाइन से संपर्क कर सकती है।
निष्कर्ष,
गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र में दर्ज यह मामला एक बार फिर दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई की
गंभीरता को सामने लाता है। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में
आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
FAQ,
दहेज उत्पीड़न का मामला कहां का है?
यह मामला गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र के रामपुर गड़री गांव का है।
पुलिस ने किन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है?
विवाहिता की शिकायत पर पति, सास, ससुर, देवर और
आजिया सास सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
किन धाराओं में केस दर्ज हुआ है?
बीएनएस की धारा 85, 115(2), 351(3) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम,
1961 की धारा 3 और 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
विवाहिता ने क्या आरोप लगाए हैं?
विवाहिता ने अतिरिक्त दहेज की मांग, मारपीट, मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना,
जान से मारने की धमकी और घर से निकालने का आरोप लगाया है।
पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साक्ष्यों और दोनों पक्षों के
बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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