राकेश शर्मा की रिपोर्ट
बेवरी चौराहे से तहसील मुख्यालय तक निकाली गई विरोध रैली
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गोला तहसील मुख्यालय पर शुक्रवार को विभिन्न छात्र एवं सामाजिक संगठनों ने जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता बेवरी चौराहे पर एकत्र हुए, जहां से उन्होंने रैली निकालते हुए तहसील मुख्यालय तक मार्च किया।
रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। तहसील परिसर पहुंचने के बाद प्रदर्शन धरना में बदल गया, जहां वक्ताओं ने छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की।
बेवरी चौराहे से तहसील मुख्यालय तक निकाली गई रैली
प्रदर्शन की शुरुआत गोला क्षेत्र के बेवरी चौराहे से हुई। यहां विभिन्न सामाजिक संगठनों, छात्र नेताओं और युवाओं ने एकत्र होकर रैली निकाली। हाथों में बैनर और तख्तियां लिए प्रदर्शनकारी पूरे मार्ग में परीक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग करते रहे।
तहसील मुख्यालय पहुंचने पर प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण धरना दिया और कहा कि देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में शामिल NEET जैसी परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनका कहना था कि लाखों छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं, इसलिए परीक्षा प्रणाली पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।
निष्पक्ष जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आ सके। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति या संस्था दोषी पाई जाती है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने यह भी मांग उठाई कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। उनका कहना था कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से छात्रों और अभिभावकों का भरोसा प्रभावित हो रहा है। ऐसे में सरकार को परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
“छात्रों की मेहनत के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं” – साहिल विक्रम तिवारी
धरने को संबोधित करते हुए साहिल विक्रम तिवारी ने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक दिन-रात मेहनत कर NEET जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी करते हैं। यदि पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं तो सबसे अधिक नुकसान उन मेहनती छात्रों को होता है, जिन्होंने पूरी ईमानदारी से परीक्षा की तैयारी की होती है।
उन्होंने कहा कि सरकार को केवल दोषियों की पहचान करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत परीक्षा तंत्र विकसित करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि परीक्षा प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक,
कड़ी निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए ताकि छात्रों का विश्वास दोबारा स्थापित हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना और
उनका समाधान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध का उठाया मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान रणविजय बोध ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को
अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि छात्रों और सामाजिक
संगठनों द्वारा किए जा रहे शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान किया जाना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने अपने संबोधन के दौरान सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी,
प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज जैसे मुद्दों का भी
उल्लेख करते हुए विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि
लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को महत्व दिया जाना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों का समाधान बातचीत और
पारदर्शी कार्रवाई के माध्यम से किया जाना चाहिए।
एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपकर समाप्त हुआ प्रदर्शन
धरना समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के नाम संबोधित ज्ञापन
नायब तहसीलदार जयप्रकाश को सौंपा। ज्ञापन में NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच,
दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार तथा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
इस अवसर पर भीम कुमार यादव, कन्हैया, अमरजीत यादव, रामकिशुन यादव, रमाशंकर यादव,
आशुतोष राना, अधिवक्ता इम्तियाज अहमद, देवी लाल, सचिन कनौजिया, बिपिन शुक्ला, उमेश यादव,
राजन सोनकर सहित बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यक्रम समाप्त कर दिया गया।
अब प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई और सरकार के अगले कदम का इंतजार करेंगे।
FAQ
Q1. गोरखपुर में NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कहां हुआ?
उत्तर: प्रदर्शन गोरखपुर जिले के गोला तहसील मुख्यालय पर आयोजित किया गया। इसकी शुरुआत बेवरी चौराहे से निकाली गई रैली के साथ हुई।
Q2. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या थी?
उत्तर: प्रदर्शनकारियों ने NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
Q3. प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन किसे सौंपा गया?
उत्तर: उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के नाम संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार जयप्रकाश को सौंपा गया।
Q4. प्रदर्शन में किन लोगों ने भाग लिया?
उत्तर: प्रदर्शन में विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं, स्थानीय युवाओं और नागरिकों ने भाग लिया।
read this post :शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, NEET-UGC पेपर लीक विवाद और CJP आंदोलन के बीच बड़ा फैसला