
फत्तेपुर में हुए जानलेवा हमले ने बढ़ाई चिंता
गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र के फत्तेपुर गांव में दूध का पैसा मांगने जा रहे युवक रितेश यादव पर हुए कथित जानलेवा हमले का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गंभीर रूप से घायल रितेश यादव का इलाज लखनऊ के पीजीआई में चल रहा है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। इस बीच पीड़ित परिवार न्याय की मांग को लेकर अधिकारियों के दरवाजे खटखटा रहा है।
रितेश यादव की मां पानमती देवी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को प्रार्थना पत्र देकर मामले में अब तक गिरफ्तार न किए गए आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। परिवार का कहना है कि जब तक सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं होंगे, तब तक उन्हें न्याय मिलने का भरोसा नहीं होगा।
सात लोगों के खिलाफ दर्ज है मुकदमा
परिवार के अनुसार गांव के ही सात लोगों ने रितेश यादव पर जानलेवा हमला किया था। इस संबंध में गोला थाने में मुकदमा संख्या 230/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस जांच के दौरान मामले में धारा 109 की भी बढ़ोतरी की गई है।
अब तक पुलिस चार आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, लेकिन तीन नामजद आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं। यही वजह है कि पीड़ित परिवार लगातार अधिकारियों से कार्रवाई की मांग कर रहा है।
फरार आरोपितों पर धमकी देने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि शुभम पुत्र राम प्रताप, राम प्रवेश पुत्र स्वर्गीय रामलगन और गुड्डी देवी पत्नी स्वर्गीय शिवकुमार अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। परिवार का कहना है कि ये लोग लगातार धमकी दे रहे हैं, जिससे पूरे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो भविष्य में किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की है।
पीजीआई लखनऊ में चल रहा उपचार
हमले के बाद गंभीर रूप से घायल रितेश यादव को पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीजीआई लखनऊ रेफर कर दिया।
परिवार के मुताबिक रितेश यादव अभी भी जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। उनकी हालत में कोई बड़ा सुधार नहीं हुआ है। इलाज के बढ़ते खर्च और मानसिक तनाव के कारण परिवार आर्थिक संकट का भी सामना कर रहा है।

रोशन यादव के पिता ने भी उठाए सवाल
इसी घटना में घायल हुए रोशन यादव के पिता सरवन यादव ने भी क्षेत्राधिकारी गोला दरवेश कुमार को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि हमले में उनके बेटे को गंभीर चोटें आई हैं और उसका पैर टूट गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अभिरक्षा में भेजे गए दो नाबालिग आरोपितों में से
एक वास्तव में बालिग है और उसका नाम मतदाता सूची में भी दर्ज है।
उन्होंने इस पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की है।
विवेचना की निष्पक्षता पर उठे सवाल
सरवन यादव ने मामले की जांच कर रहे एसएसआई की कार्यप्रणाली पर भी
सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि
वर्तमान विवेचक को हटाकर किसी अन्य अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
उनका कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होने पर ही वास्तविक तथ्य
सामने आएंगे और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिल सकेगी।
इस मांग के बाद मामले की जांच प्रक्रिया भी चर्चा का विषय बन गई है।
अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का भरोसा
एसएसपी कार्यालय और क्षेत्राधिकारी कार्यालय में दिए गए प्रार्थना पत्रों के
बाद अधिकारियों ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और
जो भी आरोपी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी कहा है कि फरार आरोपितों की तलाश जारी है
और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गांव में चर्चा का विषय बना मामला
फत्तेपुर गांव और आसपास के क्षेत्रों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
ग्रामीणों की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोग चाहते हैं कि
मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिले।
गांव के कई लोगों का मानना है कि यदि समय रहते आरोपितों की
गिरफ्तारी नहीं हुई तो क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन सकती है।
न्याय की उम्मीद में बैठा परिवार
रितेश यादव का परिवार फिलहाल न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। परिवार का कहना है कि
उन्हें प्रशासन और न्याय व्यवस्था पर भरोसा है,
लेकिन सभी आरोपितों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच के बाद ही उन्हें राहत महसूस होगी।
परिवार का दर्द केवल कानूनी लड़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि अस्पताल में
जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे रितेश यादव की हालत भी उन्हें लगातार परेशान कर रही है।
ऐसे में पूरा परिवार न्याय और बेटे के स्वस्थ होने की दोहरी उम्मीद में दिन गुजार रहा है।
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