राकेश शर्मा की रिपोर्ट
जनपद के दक्षिणांचल क्षेत्र में स्थित तहसील मुख्यालय गोला का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC Gola) इन दिनों डॉक्टरों और अन्य महत्वपूर्ण पदों की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुपलब्धता के साथ-साथ कई प्रशासनिक और स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़े पद भी लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। इसका सीधा असर मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं और सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी संचालन पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही रिक्त पदों पर नियुक्तियां नहीं की गईं तो ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से मरीज सबसे अधिक परेशान
30 शैय्या वाले सीएचसी गोला में प्रतिदिन बड़ी संख्या में गोला, बड़हलगंज, उरुवा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। लेकिन अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी सबसे बड़ी समस्या बनी हुई है। महिला रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, सर्जन और अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में मरीजों को जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।
इस स्थिति का सबसे अधिक असर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर पड़ रहा है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए अतिरिक्त खर्च और लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
तीन महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त
सीएचसी गोला में केवल चिकित्सकों की ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पद भी लंबे समय से खाली पड़े हैं। इनमें—
- मुख्य सहायक शोध अधिकारी
- स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी
- ब्लॉक प्रोग्राम प्रबंधक
जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इन पदों के रिक्त रहने से अस्पताल का प्रशासनिक संचालन प्रभावित हो रहा है और कई सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी कठिनाइयां आ रही हैं।
सहायक शोध अधिकारी की कमी से प्रभावित हो रही रिपोर्टिंग
मुख्य सहायक शोध अधिकारी टीकाकरण कार्यक्रमों की निगरानी, एएनएम की रिपोर्ट तैयार कराने, स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का संकलन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की समीक्षा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाता है।
यह पद खाली होने के कारण टीकाकरण रिपोर्टिंग, डाटा संकलन और स्वास्थ्य कार्यक्रमों की निगरानी प्रभावित हो रही है, जिससे योजनाओं के प्रभावी संचालन में दिक्कतें आ रही हैं।
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी नहीं होने से जनजागरूकता अभियान प्रभावित
स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी का कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाना, विभिन्न सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना, आईजीआरएस, आरटीआई, जनसूचना, स्वास्थ्य कार्यक्रमों का समन्वय और विभिन्न विभागों के साथ पत्राचार करना होता है।
अधीक्षक की अनुपस्थिति में यही अधिकारी ब्लॉक, तहसील और जिला स्तर की बैठकों में अस्पताल का प्रतिनिधित्व भी करता है। पद रिक्त होने के कारण स्वास्थ्य विभाग की कई महत्वपूर्ण गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और योजनाओं की जानकारी समय पर ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रही है।
ब्लॉक प्रोग्राम प्रबंधक का पद खाली होने से प्रभावित हो रहा NHM संचालन
ब्लॉक प्रोग्राम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से जुड़ी योजनाओं के संचालन, पोर्टल पर डाटा अपडेट करने, स्वास्थ्य कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग, क्षेत्रीय निरीक्षण और जिला स्तर पर समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी निभाता है।
इस पद के खाली रहने से डाटा प्रबंधन, सरकारी योजनाओं की समीक्षा और विभिन्न कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
ग्रामीणों तक समय पर नहीं पहुंच रही स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा संचालित कई स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी
समय पर ग्रामीण क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पाती। जनजागरूकता की कमी के कारण पात्र लाभार्थी भी
कई योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और आम जनता के बीच
समन्वय कमजोर होने से शिकायतों के निस्तारण में भी देरी की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
मानक के अनुरूप नहीं हुई नियुक्तियां
क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि सीएचसी गोला में वर्षों से स्वीकृत पदों के अनुरूप डॉक्टरों और
कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। बढ़ती आबादी और मरीजों की संख्या के बावजूद
अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार अपेक्षित स्तर तक नहीं हो पाया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त डॉक्टरों और
अधिकारियों की नियुक्ति की जाती तो मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती थीं।
क्षेत्रवासियों ने शासन और स्वास्थ्य विभाग से की मांग
क्षेत्र के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और
उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि सीएचसी गोला में जल्द से जल्द विशेषज्ञ चिकित्सकों की
नियुक्ति की जाए। साथ ही स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, सहायक शोध अधिकारी और
ब्लॉक प्रोग्राम प्रबंधक जैसे महत्वपूर्ण रिक्त पदों को भी प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन पदों पर नियुक्तियां होने से
अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार होगा, सरकारी योजनाओं का बेहतर संचालन हो
सकेगा और ग्रामीण जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल अस्पताल भवन और चिकित्सा उपकरण पर्याप्त नहीं हैं। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के
लिए प्रशिक्षित चिकित्सकों, स्वास्थ्य अधिकारियों और प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों की उपलब्धता भी उतनी ही
आवश्यक है। यदि प्रशासनिक और चिकित्सा व्यवस्था मजबूत होगी, तभी
सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच सकेगा।
निष्कर्ष
सीएचसी गोला की वर्तमान स्थिति ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौतियों को सामने लाती है।
डॉक्टरों और महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों की कमी के कारण मरीजों को
समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज नहीं मिल पा रहा है। यदि शीघ्र ही रिक्त पदों पर
नियुक्तियां नहीं की गईं तो इसका सबसे अधिक असर गरीब और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों पर पड़ेगा।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के लिए आवश्यक है कि वह अस्पताल की
वास्तविक जरूरतों का आकलन कर विशेषज्ञ चिकित्सकों और अन्य अधिकारियों की
जल्द नियुक्ति सुनिश्चित करे, ताकि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रत्येक जरूरतमंद तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।
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