मोबाइल को लेकर मां-बेटी में विवाद, मामला पहुंचा मारपीट तक
गोरखपुर। तिवारीपुर थाना क्षेत्र में मोबाइल फोन को लेकर मां-बेटी के बीच हुआ विवाद उस समय गंभीर हो गया, जब 11 वर्षीय बच्ची घर से अचानक निकल गई। कक्षा छह में पढ़ने वाली बच्ची मां की डांट से नाराज थी। घर से निकलने के बाद करीब 72 घंटे तक उसका कोई पता नहीं चल सका। परिवार के लोग परेशान होकर उसकी तलाश में जुटे रहे। मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद तिवारीपुर पुलिस ने सर्विलांस और तकनीकी माध्यमों की मदद से बच्ची की तलाश शुरू की। लगातार प्रयास के बाद पुलिस ने बच्ची को बिहार स्थित उसके एक रिश्तेदार के घर से सुरक्षित बरामद कर लिया। बच्ची के सकुशल मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
मोबाइल चलाने को लेकर मां ने डांटा तो नाराज हुई बच्ची
जानकारी के मुताबिक 11 वर्षीय बच्ची मोबाइल फोन पर काफी समय बिता रही थी। इसी को लेकर उसकी मां ने उसे मोबाइल चलाने से मना किया और डांट दिया। मां की डांट से बच्ची नाराज हो गई। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान बच्ची ने कथित तौर पर अपनी मां पर हमला कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और महिला को बचाया। घटना के बाद घर का माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, बच्ची के इस व्यवहार के पीछे की वास्तविक वजह और घटनाक्रम को लेकर पुलिस आगे जांच कर रही है।
बैग लेकर अचानक घर से निकल गई बच्ची
विवाद के अगले दिन शाम करीब पांच बजे बच्ची घर में रखा एक छोटा बैग लेकर अचानक बाहर निकल गई। बैग में कुछ कपड़े और जरूरी सामान होने की जानकारी सामने आई है। बच्ची के बिना बताए घर से निकलने के बाद जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटी तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।
परिवार ने पहले अपने स्तर पर बच्ची को तलाशना शुरू किया। आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई और उन जगहों पर भी जानकारी ली गई जहां बच्ची के जाने की संभावना थी। लेकिन काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला।
रिश्तेदारों और संभावित ठिकानों पर तलाश
बच्ची के घर से गायब होने के बाद परिजनों ने रिश्तेदारों से संपर्क किया। परिवार को उम्मीद थी कि नाराज होकर बच्ची किसी परिचित या रिश्तेदार के घर पहुंच सकती है। कई संभावित ठिकानों पर जानकारी जुटाई गई, लेकिन तत्काल कोई सफलता नहीं मिली।
जब काफी प्रयास के बाद भी बच्ची का पता नहीं चला तो परिवार ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। नाबालिग बच्ची के अचानक लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उसकी तलाश शुरू कर दी।
अज्ञात नंबर से बातचीत ने बढ़ाई चिंता
बच्ची के लापता होने के बाद रात में एक अज्ञात नंबर पर बातचीत की जानकारी भी सामने आई। यह जानकारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग बनी। पुलिस ने इस संपर्क को गंभीरता से लेते हुए संभावित लोगों और संपर्कों की जांच शुरू की।
नाबालिग के मामले में पुलिस ने तकनीकी जानकारी जुटाने के साथ-साथ संभावित लोकेशन और संपर्कों को खंगालना शुरू किया। पुलिस का प्रयास था कि बच्ची को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जा सके।
सर्विलांस के सहारे पुलिस ने तेज की तलाश
तिवारीपुर पुलिस ने बच्ची की तलाश के लिए सर्विलांस समेत अन्य तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया। संभावित मोबाइल संपर्क, लोकेशन और अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया।
बच्ची की उम्र कम होने के कारण पुलिस ने मामले को संवेदनशीलता से लिया। लगातार करीब 72 घंटे तक पुलिस टीम बच्ची की तलाश में जुटी रही। अलग-अलग सुरागों को जोड़कर पुलिस उस स्थान तक पहुंचने की कोशिश करती रही जहां बच्ची के होने की संभावना थी।
72 घंटे बाद बिहार में सुरक्षित मिली बच्ची
पुलिस की लगातार कोशिश आखिरकार रंग लाई। करीब 72 घंटे बाद बच्ची को बिहार स्थित उसके एक रिश्तेदार के घर से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। बच्ची के मिलने की सूचना जैसे ही परिवार को मिली, उनकी चिंता दूर हुई और उन्होंने राहत की सांस ली।
पुलिस टीम बच्ची को लेकर वापस गोरखपुर पहुंची। बच्ची के सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस ने उससे जुड़े घटनाक्रम की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। अब जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि बच्ची घर से निकलने के बाद किन परिस्थितियों में बिहार पहुंची और इस दौरान उसके संपर्क में कौन-कौन लोग रहे।
बच्ची की कराई जाएगी काउंसलिंग
पुलिस के अनुसार मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण संवेदनशीलता के साथ आगे की कार्रवाई की जा रही है। बच्ची की काउंसलिंग कराई जाएगी, ताकि उसके व्यवहार, मानसिक स्थिति और
घर से निकलने के पीछे की परिस्थितियों को समझा जा सके।
काउंसलिंग के जरिए यह जानने का प्रयास भी किया जाएगा कि मोबाइल को लेकर मां से हुए
विवाद के बाद बच्ची ने घर छोड़ने का फैसला क्यों लिया। पुलिस बच्ची से बातचीत और जांच के दौरान
सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई करेगी।
मोबाइल को लेकर बच्चों में बढ़ रहा विवाद चिंता का विषय
गोरखपुर की यह घटना बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल और परिवार में संवाद के महत्व को लेकर भी
कई सवाल खड़े करती है। आज के समय में मोबाइल फोन बच्चों की पढ़ाई,
मनोरंजन और दोस्तों से संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
लेकिन मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल कई बार परिवार में विवाद का कारण भी बन सकता है।
ऐसे मामलों में अभिभावकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बच्चों को मोबाइल के नुकसान और
सीमित इस्तेमाल के बारे में समझाने की होती है।
केवल डांट या सख्ती से समस्या का समाधान हमेशा नहीं होता। बच्चों की उम्र और
उनकी भावनात्मक स्थिति को समझते हुए बातचीत के जरिए नियम बनाना ज्यादा प्रभावी हो सकता है।
बच्चों के साथ संवाद रखना बेहद जरूरी
*बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे तो अभिभावकों को
उसके पीछे की वजह समझने की कोशिश करनी चाहिए। मोबाइल इस्तेमाल के लिए
परिवार में पहले से स्पष्ट नियम तय किए जा सकते हैं। पढ़ाई, मनोरंजन और
मोबाइल के इस्तेमाल के लिए समय निर्धारित करने से विवाद की संभावना कम हो सकती है।
बच्चों को यह समझाना भी जरूरी है कि मोबाइल का इस्तेमाल सीमित और जिम्मेदारी के
साथ किया जाना चाहिए। वहीं, यदि बच्चा किसी बात को लेकर नाराज या परेशान है तो
उससे बातचीत करके उसकी समस्या जानना भी महत्वपूर्ण है।
72 घंटे बाद परिवार को मिली बड़ी राहत
तिवारीपुर थाना क्षेत्र की इस घटना में परिवार के लिए सबसे बड़ी राहत यह रही कि
करीब 72 घंटे की तलाश के बाद 11 वर्षीय बच्ची बिहार से सुरक्षित बरामद हो गई।
बच्ची के अचानक घर से निकल जाने के बाद परिवार काफी चिंतित था।
पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों के चलते बच्ची तक पहुंचने में सफलता मिली।
अब पुलिस बच्ची की काउंसलिंग कराने के साथ ही पूरे घटनाक्रम के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
बच्ची के घर से निकलने से लेकर बिहार पहुंचने तक के घटनाक्रम को समझने के
लिए पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। अज्ञात नंबर से हुई बातचीत,
संभावित संपर्क और बच्ची के बताए तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है।
फिलहाल बच्ची सुरक्षित है और पुलिस पूरे मामले को संवेदनशीलता से देख रही है। जांच और काउंसलिंग के
बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्ची ने घर से निकलने का फैसला किन परिस्थितियों में लिया था।
निष्कर्ष
गोरखपुर के तिवारीपुर क्षेत्र में मोबाइल फोन को लेकर शुरू हुआ मां-बेटी का विवाद
11 वर्षीय बच्ची के घर से निकलने तक पहुंच गया। विवाद के बाद बच्ची बैग
लेकर घर से चली गई और करीब 72 घंटे तक उसका कोई पता नहीं चल सका।
परिवार की सूचना के बाद पुलिस ने सर्विलांस और तकनीकी माध्यमों से तलाश शुरू की।
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