ओमान तट पर अमेरिकी हमले में देवरिया के लाल की मौत! 5 साल का बेटा आज भी कर रहा पिता का इंतजार

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। ओमान तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए अमेरिकी सैन्य हमले में देवरिया के रहने वाले भारतीय नाविक शिवानंद चौरसिया की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। परिवार को जैसे ही मौत की सूचना मिली, घर में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

तेल टैंकर पर हुए हमले में गई जान

रिपोर्ट्स के अनुसार, ओमान तट के निकट होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक वाणिज्यिक तेल टैंकर पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई हुई थी। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि की गई, जिनमें देवरिया जिले के सुरौली गांव निवासी 31 वर्षीय शिवानंद चौरसिया भी शामिल थे।

बताया जा रहा है कि जहाज पर मौजूद भारतीय चालक दल के सदस्य हमले की चपेट में आ गए। घटना के बाद कई घंटों तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी, लेकिन बाद में भारतीय अधिकारियों ने मौत की पुष्टि कर दी।

5 साल का बेटा पूछ रहा- पापा कब आएंगे?

इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू शिवानंद का परिवार है। उनके पांच वर्षीय बेटे राजवीर और दो वर्षीय बेटी वानिका को अभी तक पूरी तरह समझ नहीं आ रहा कि उनके पिता अब कभी घर नहीं लौटेंगे। परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं और बच्चों की मासूमियत हर किसी की आंखें नम कर रही है।

गांव के लोगों का कहना है कि शिवानंद बेहद मेहनती और जिम्मेदार व्यक्ति थे। वे अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए समुद्री जहाजों पर नौकरी करते थे और अक्सर विदेशों में तैनात रहते थे।

पूरे गांव में पसरा मातम

जैसे ही शिवानंद की मौत की खबर गांव पहुंची, लोगों की भीड़ उनके घर के बाहर जुटने लगी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के बुजुर्गों और स्थानीय लोगों ने सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता और हर संभव मदद देने की मांग की है।

स्थानीय लोगों के अनुसार शिवानंद अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे।

उनकी असामयिक मौत से परिवार के सामने गंभीर आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

भारत सरकार ने जताया विरोध

इस घटना के बाद भारत सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी

कार्रवाई पर चिंता जताते हुए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। सरकार ने स्पष्ट कहा है कि

समुद्री जहाजों पर काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

सरकारी सूत्रों के अनुसार प्रभावित जहाज के अन्य भारतीय क्रू सदस्यों को

सुरक्षित निकाल लिया गया है और मामले की जांच जारी है।

समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर काम करने वाले

भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते

तनाव के कारण कई व्यापारिक जहाज जोखिम वाले क्षेत्रों से गुजर रहे हैं,

जिससे वहां कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा चिंता का विषय बन गई है।

देवरिया के शिवानंद चौरसिया की मौत केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अपूरणीय क्षति है।

ओमान तट पर हुए इस हमले ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया और

दो छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठा दिया।

अब गांव और परिवार को न्याय तथा सरकारी सहायता की उम्मीद है।

शिवानंद की यादें हमेशा उनके परिजनों और गांव वालों के दिलों में जीवित रहेंगी।

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