दुबई में गोरखपुर के युवक की मौत से मचा कोहराम, शव भारत लाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने विदेश मंत्री को लिखा पत्र

राकेश शर्मा की रिपोर्ट

शव भारत लाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने विदेश मंत्री को लिखा पत्र

गोरखपुर। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रोजगार के सिलसिले में रह रहे गोरखपुर के एक युवक की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया है। बांसगांव संसदीय क्षेत्र के नौवाडीह बुजुर्ग गांव निवासी दुर्गेश यादव पुत्र राजमंगल यादव का दुबई में निधन हो गया। परिजनों को 13 अगस्त 2026 को दूरभाष के माध्यम से उनके निधन की सूचना मिली। विदेश में हुई इस दुखद घटना के बाद परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

दुबई में रोजगार के लिए रह रहे थे दुर्गेश यादव

बताया गया कि दुर्गेश यादव रोजगार के सिलसिले में संयुक्त अरब अमीरात के दुबई स्थित अजीजी गार्डेनिया में रहकर काम कर रहे थे। इसी दौरान उनके निधन की सूचना परिवार तक पहुंची। अचानक मिली इस खबर ने परिजनों को झकझोर कर रख दिया। परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता अब दुर्गेश यादव के पार्थिव शरीर को दुबई से भारत लाकर पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कराने की है।

पत्नी ने शव भारत लाने के लिए लगाई मदद की गुहार

मृतक की पत्नी सोनी ने अपने पति का पार्थिव शरीर दुबई से भारत लाने के लिए मदद की गुहार लगाई है। विदेश में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद शव को स्वदेश लाने के लिए कई प्रशासनिक और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। ऐसे में परिवार के सामने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने और पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने की चुनौती बनी हुई है।

परिजनों की इच्छा है कि संबंधित स्तर पर जल्द से जल्द कार्रवाई पूरी हो और दुर्गेश यादव का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव नौवाडीह बुजुर्ग पहुंचाया जाए। परिवार चाहता है कि उन्हें अपने प्रियजन का अंतिम दर्शन करने और गांव में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने का अवसर मिल सके।

बांसगांव सांसद ने विदेश मंत्री को लिखा पत्र

परिवार की परेशानी को देखते हुए ग्रामीण विकास राज्य मंत्री एवं बांसगांव सांसद कमलेश पासवान ने मामले में पहल की है। केंद्रीय मंत्री ने 16 अगस्त 2026 को विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र भेजकर दुर्गेश यादव के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

पत्र के माध्यम से केंद्रीय मंत्री ने पूरे मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कराने का आग्रह किया है। उद्देश्य यह है कि शोकाकुल परिवार को उनके प्रियजन का अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार करने का अवसर मिल सके।

गांव में शोक का माहौल

दुर्गेश यादव के निधन की खबर से नौवाडीह बुजुर्ग गांव में भी शोक का माहौल है।

गांव के लोग परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। वहीं, परिजन लगातार

इस इंतजार में हैं कि दुर्गेश यादव का पार्थिव शरीर जल्द से जल्द भारत पहुंचे।

परिवार की मांग है कि विदेश में संबंधित औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा कराकर

पार्थिव शरीर भारत लाने की व्यवस्था की जाए। परिजनों का कहना है कि

अंतिम संस्कार अपने पैतृक गांव में ही किया जा सके,

इसके लिए प्रशासनिक और राजनयिक स्तर पर जल्द मदद मिलना बेहद जरूरी है।

अब भारत वापसी की उम्मीद

दुर्गेश यादव के परिवार को अब केंद्रीय स्तर पर की गई

पहल से उम्मीद जगी है। विदेश मंत्री को भेजे गए

पत्र के बाद परिजन आवश्यक कार्रवाई और पार्थिव शरीर की भारत वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय है और उनकी सबसे बड़ी इच्छा यही है कि दुर्गेश यादव का

अंतिम दर्शन कर उन्हें अपने पैतृक गांव की मिट्टी में अंतिम विदाई दी जा सके।

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