डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय: डॉ. स्वर्णिमा सिंह बनीं भूगोल विभाग की नई अध्यक्ष, तीन वर्ष के लिए संभाला कार्यभार

डॉ. स्वर्णिमा सिंह ने संभाला विभागाध्यक्ष का कार्यभार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (डीडीयू) के भूगोल विभाग में नई प्रशासनिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। विभाग की सहयुक्त आचार्य डॉ. स्वर्णिमा सिंह ने प्रो. शिवकांत (एस.के.) सिंह से विभागाध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन के आदेश के अनुसार उन्हें तीन वर्षों के लिए विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विभाग की शैक्षणिक परंपरा को आगे बढ़ाने तथा शिक्षण, शोध और नवाचार को नई दिशा देने का संकल्प व्यक्त किया।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शोध होगी प्राथमिकता

डॉ. स्वर्णिमा सिंह ने कहा कि भूगोल विभाग की समृद्ध अकादमिक विरासत को और सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, आधुनिक शोध, नवाचार और तकनीक आधारित अध्ययन को प्राथमिकता देने की बात कही।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में भूगोल विषय केवल पारंपरिक अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि जलवायु परिवर्तन, भू-स्थानिक तकनीक (GIS), रिमोट सेंसिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

शोध और शिक्षण का समृद्ध अनुभव

डॉ. स्वर्णिमा सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय से परास्नातक, एम.फिल. और पीएचडी की उपाधियां प्राप्त की हैं। उन्हें लगभग 15 वर्षों का शिक्षण एवं शोध अनुभव है। इससे पहले वे दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों में अध्यापन कर चुकी हैं और वर्ष 2018 से डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय से जुड़ी हुई हैं।

उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु तथा WWF-India के साथ भी शोध कार्य किया है। उनके शोध के प्रमुख क्षेत्र जलवायु परिवर्तन, रिमोट सेंसिंग, जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (GIS), मशीन लर्निंग और पर्यावरणीय अध्ययन हैं।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां

डॉ. स्वर्णिमा सिंह की जलवायु परिवर्तन विषय पर पुस्तक प्रतिष्ठित प्रकाशन Springer Nature से प्रकाशित हो चुकी है।

उनके 20 से अधिक राष्ट्रीय तथा 25 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित हैं।

वर्ष 2025 में उन्हें आईसीएसएसआर (ICSSR) द्वारा लगभग 18 लाख रुपये का शोध प्रोजेक्ट भी स्वीकृत हुआ था।

उनके निर्देशन में दो शोधार्थी पीएचडी पूरी कर चुके हैं, जबकि कई शोधार्थी वर्तमान में शोध कार्य कर रहे हैं।

विश्वविद्यालय को नई दिशा मिलने की उम्मीद

शिक्षा जगत से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. स्वर्णिमा सिंह के नेतृत्व में

भूगोल विभाग में शोध, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के

उपयोग को और बढ़ावा मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ

राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध परियोजनाओं में भागीदारी के नए अवसर भी मिल सकते हैं।

निष्कर्ष

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग में डॉ. स्वर्णिमा सिंह का विभागाध्यक्ष के रूप में

कार्यभार संभालना विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि माना जा रहा है। उनके अनुभव,

शोध कार्य और नेतृत्व क्षमता से विभाग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने की उम्मीद है।

FAQ

Q1. डॉ. स्वर्णिमा सिंह ने किस विभाग का कार्यभार संभाला है?
उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष का कार्यभार संभाला है।

Q2. उन्हें कितने समय के लिए यह जिम्मेदारी दी गई है?
उन्हें तीन वर्ष के लिए विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

Q3. उनके प्रमुख शोध क्षेत्र कौन-कौन से हैं?
जलवायु परिवर्तन, रिमोट सेंसिंग, GIS, मशीन लर्निंग और पर्यावरणीय अध्ययन।

Q4. उनकी प्रमुख उपलब्धियों में क्या शामिल है?
Springer Nature से पुस्तक प्रकाशन, 45 से अधिक शोध पत्र और ICSSR का शोध प्रोजेक्ट।Department, शिक्षा समाचार

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