राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोला तहसील में समाधान दिवस, शिकायतों के मुकाबले निस्तारण बेहद कम
गोरखपुर जिले की गोला तहसील में सोमवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में एक बार फिर शिकायतों के निस्तारण की धीमी रफ्तार देखने को मिली। समाधान दिवस में कुल 124 शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन इनमें से सिर्फ 9 मामलों का मौके पर निस्तारण हो सका। बाकी 115 शिकायतों को जांच और कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया।
मात्र लगभग 7 प्रतिशत शिकायतों का तत्काल समाधान होने से बड़ी संख्या में फरियादी मायूस होकर वापस लौटे। कई लोगों ने उम्मीद जताई थी कि उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान होगा, लेकिन अधिकांश मामलों में उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला।
उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुआ आयोजन
सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी अमित कुमार जायसवाल ने की। इस दौरान तहसीलदार सत्येंद्र कुमार मौर्य, नायब तहसीलदार बालचंद चौहान समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
राजस्व, पुलिस, विद्युत, आपूर्ति, बैंक, पेंशन और विकास विभागों से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
महिला ने लगाया शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप
समाधान दिवस में सबसे संवेदनशील शिकायत बड़हलगंज थाना क्षेत्र की एक युवती की रही।
युवती ने प्रशासन को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि करीब दो वर्ष पहले उसकी पहचान बांसगांव थाना क्षेत्र के कनईल गांव निवासी एक युवक से हुई थी। दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रहने लगे। युवती का आरोप है कि गर्भवती होने के बाद आरोपी ने दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया और बाद में उसे छोड़कर गुजरात चला गया। अब वह साथ रखने से भी इनकार कर रहा है।
पीड़िता ने प्रशासन से न्याय दिलाने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बिजली बिल जमा, फिर भी जारी हो रहा बकाया
वार्ड नंबर-3 के निवासी सुधीर सिंह ने विद्युत विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने बताया कि बिजली बिल का भुगतान करने के बावजूद उनके नाम पर लगातार बकाया बिल जारी किया जा रहा है। इससे उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने अधिकारियों से रिकॉर्ड की जांच कर समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।
चकमार्ग निर्माण में देरी का आरोप
तीरागांव के पूर्व ग्राम प्रधान सूरज कुमार ने हल्का लेखपाल पर लापरवाही का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि चकमार्ग की मरम्मत का कार्य लंबे समय से लंबित है, लेकिन संबंधित लेखपाल की उदासीनता के कारण विकास कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
आठ महीने से बंद है पेंशन
तीरागांव निवासी और रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी कुशहर ने भी अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी।
उन्होंने बताया कि उनकी पेंशन पंजाब नेशनल बैंक, गोपालपुर शाखा के माध्यम से आती है, लेकिन जीवित प्रमाण पत्र समय पर अपडेट न होने के कारण पिछले आठ महीनों से पेंशन बंद है।
उन्होंने कहा कि पेंशन ही उनकी आय का मुख्य स्रोत है और भुगतान बंद होने से आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
कई विभागों की शिकायतें पहुंचीं
समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, बिजली, आपूर्ति, पेंशन, बैंकिंग और विकास विभाग से संबंधित अनेक शिकायतें दर्ज की गईं।
अधिकारियों ने संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से शिकायतों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। हालांकि मौके पर सीमित मामलों का समाधान होने से लोगों में असंतोष देखने को मिला।
समाधान दिवस का उद्देश्य क्या है?
सम्पूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का एक ही स्थान पर त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है।
इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहते हैं ताकि जनता को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। लेकिन जब बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित रह जाती हैं तो इस व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगते हैं।
जनता को समयबद्ध समाधान की उम्मीद
स्थानीय लोगों का कहना है कि समाधान दिवस तभी सार्थक होगा
जब शिकायतों का मौके पर अधिक से अधिक निस्तारण हो।
फरियादियों का मानना है कि यदि विभागीय अधिकारी समय पर कार्रवाई करें तो
लोगों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होगा।
गोला तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में 124 शिकायतें दर्ज होना यह दर्शाता है कि
आम नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन पर भरोसा करते हैं। लेकिन केवल 9 मामलों का
तत्काल निस्तारण होने से लोगों में निराशा भी दिखाई दी। अब सभी की निगाह संबंधित विभागों पर है कि
वे लंबित शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करें।
FAQ
1. गोला तहसील समाधान दिवस में कुल कितनी शिकायतें आईं?
कुल 124 शिकायतें दर्ज की गईं।
2. मौके पर कितने मामलों का निस्तारण हुआ?
केवल 9 शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया गया।
3. सबसे प्रमुख शिकायतें कौन-सी थीं?
महिला उत्पीड़न, बिजली बिल, पेंशन, चकमार्ग निर्माण और राजस्व से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
4. समाधान दिवस की अध्यक्षता किसने की?
उपजिलाधिकारी अमित कुमार जायसवाल ने।
5. बाकी शिकायतों का क्या हुआ?
उन्हें जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया।
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