गोरखपुर: SSP से शिकायत, चौकी प्रभारी पर घर में घुसकर नाबालिग को उठाने, मारपीट और फर्जी कार्रवाई कराने का आरोप

एडवोकेट चंद्रिका भारती की रीपोर्ट

गोरखपुर से सामने आया जमीन विवाद का मामला

राजघाट में जमीन विवाद को लेकर SSP से शिकायत

गोरखपुर। राजघाट थाना क्षेत्र में पुश्तैनी जमीन के विवाद को लेकर एक परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गोरखपुर से न्याय की गुहार लगाई है। शिकायतकर्ता रामजतन पुत्र श्याम लाल ने प्रार्थना पत्र देकर स्थानीय पुलिस और कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि उनकी पुश्तैनी जमीन पर कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।

पुश्तैनी जमीन पर कब्जे की कोशिश का आरोप

प्रार्थना पत्र के अनुसार शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति समुदाय से हैं। उनका कहना है कि उनकी पुश्तैनी जमीन पहले एक किरायेदार के कब्जे में थी, लेकिन बाद में कथित तौर पर फर्जी वसीयत तैयार कर दूसरे व्यक्ति ने उस पर अपना दावा कर दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस भूमि विवाद का मामला वर्ष 2022 से सिविल न्यायालय में विचाराधीन है और अभी न्यायालय में लंबित है।

स्थानीय पुलिस पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्थानीय पुलिस ने विरोधी पक्ष के प्रभाव में आकर कार्य किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, कई बार पुलिस की मौजूदगी में जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया, जिसका परिवार ने विरोध किया। उनका आरोप है कि पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय विरोधी पक्ष का साथ दिया।

घर में घुसकर नाबालिग को ले जाने का आरोप

प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि 5 जुलाई 2026 को चौकी बसंतपुर के प्रभारी उपनिरीक्षक पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच के नाम पर घर में प्रवेश कर उनके नाबालिग बेटे सचिन को जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर थाने ले जाया गया। परिवार का कहना है कि इस दौरान बच्चे के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।

थाने में मारपीट और धमकी देने का आरोप

परिवार का आरोप है कि थाने में नाबालिग के साथ मारपीट की गई, जिससे उसे चोटें आईं। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। उनका कहना है कि इस घटना के बाद परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है।

फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस ने नाबालिग और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की, जो तथ्यों के विपरीत और दुर्भावनापूर्ण थी। आवेदन में यह भी कहा गया है कि चालान में जातिसूचक शब्द का प्रयोग किया गया, जिसे उन्होंने अपमानजनक और आपत्तिजनक बताया है।

वायरल वीडियो और दस्तावेज SSP को सौंपे

शिकायतकर्ता ने अपने प्रार्थना पत्र के साथ कथित पुलिस चालान की प्रति और घटना से जुड़े वायरल वीडियो भी संलग्न किए हैं। उनका कहना है कि इन साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों एवं अन्य आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

उनका कहना है कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद निष्पक्ष जांच से ही है।

पुलिस का पक्ष आना बाकी

फिलहाल, यह सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा SSP गोरखपुर को दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए हैं।

इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष

अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और

पुलिस के आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

निष्कर्ष

राजघाट थाना क्षेत्र का यह मामला एक बार फिर भूमि विवाद और पुलिस

कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े करता है। हालांकि, निष्पक्ष जांच और दोनों पक्षों की बात

सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

FAQ

Q1. मामला किस थाना क्षेत्र का है?
उत्तर: यह मामला गोरखपुर के राजघाट थाना क्षेत्र का है।

Q2. शिकायत किसे दी गई है?
उत्तर: शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) गोरखपुर को प्रार्थना पत्र के माध्यम से दी गई है।

Q3. शिकायतकर्ता ने क्या आरोप लगाए हैं?
उत्तर: उन्होंने पुश्तैनी जमीन पर कब्जे की कोशिश, नाबालिग को घर से ले जाने, मारपीट, फर्जी मुकदमा दर्ज कराने और पुलिस की पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के आरोप लगाए हैं।

Q4. क्या पुलिस का पक्ष सामने आया है?
उत्तर: समाचार लिखे जाने तक संबंधित पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।

Q5. मामले की वर्तमान स्थिति क्या है?
उत्तर: शिकायत SSP को दी गई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने और आधिकारिक निष्कर्ष आने के बाद स्पष्ट होगी।

👉 इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर लिखें।

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