कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: नीरज चोपड़ा ने जीता रजत, भारत का शानदार प्रदर्शन; मुक्केबाजी में 10 भारतीय फाइनल में

ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के नौवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने कई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया। एथलेटिक्स, जूडो और मुक्केबाजी में भारत के खिलाड़ियों ने यादगार प्रदर्शन किया। ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा ने पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया, जबकि भारतीय मुक्केबाजों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए सभी 10 सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बनाई।

नीरज चोपड़ा ने जीता रजत पदक

भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। उनके साथ भारत के यशवीर सिंह ने शानदार अंतिम प्रयास के दम पर कांस्य पदक हासिल किया, जिससे भारत ने इस स्पर्धा में डबल पोडियम फिनिश दर्ज की। स्वर्ण पदक श्रीलंका के खिलाड़ी ने जीता।

मुक्केबाजी में भारत का दबदबा

भारतीय मुक्केबाजों ने नौवें दिन बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सभी 10 सेमीफाइनल मुकाबले जीत लिए। इसके साथ ही भारत के सभी 10 मुक्केबाज स्वर्ण पदक मुकाबलों में पहुंच गए। अनुभवी मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन सहित कई खिलाड़ियों ने शानदार जीत दर्ज कर भारत की पदक उम्मीदों को और मजबूत किया।

जूडो में ऐतिहासिक सफलता

जूडो में भी भारत के लिए यह दिन बेहद खास रहा। अस्मिता और हर्ष सिंह ने अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इसके अलावा यामिनी मौर्य ने रजत पदक हासिल कर भारत की पदक संख्या में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

तेजस्विन शंकर ने रचा इतिहास

एथलेटिक्स में तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर नया इतिहास बनाया। उनका यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है और इससे भारत की पदक तालिका भी मजबूत हुई।

भारत की पदक तालिका हुई मजबूत

दिन के अंत तक भारत ने कुल 23 पदक अपने नाम कर लिए। इनमें 5 स्वर्ण, 12 रजत और 6 कांस्य पदक शामिल हैं। लगातार अच्छे प्रदर्शन के चलते भारत पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने में सफल रहा है और अंतिम चरण में पदकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

फाइनल मुकाबलों पर टिकी निगाहें

अब सभी की नजर मुक्केबाजी के फाइनल मुकाबलों पर है, जहां भारत के 10 खिलाड़ी स्वर्ण पदक के लिए चुनौती पेश करेंगे। यदि भारतीय मुक्केबाज अपना प्रदर्शन बरकरार रखते हैं तो

भारत के पदकों की संख्या में बड़ा इजाफा हो सकता है।

भारतीय खिलाड़ियों का बढ़ा आत्मविश्वास

कॉमनवेल्थ गेम्स के अंतिम चरण में भारतीय खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी ऊंचा दिखाई दे रहा है।

एथलेटिक्स, जूडो और मुक्केबाजी में मिली सफलता ने पूरे दल का मनोबल बढ़ाया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले मुकाबलों में भी भारत कई और पदक जीत सकता है।

निष्कर्ष

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का नौवां दिन भारत के लिए बेहद सफल रहा। नीरज चोपड़ा का रजत पदक,

यशवीर सिंह का कांस्य, जूडो में दो स्वर्ण और मुक्केबाजी में सभी 10 खिलाड़ियों का फाइनल में पहुंचना

भारतीय खेलों के लिए बड़ी उपलब्धि है। अब देश की उम्मीदें अंतिम मुकाबलों पर टिकी हैं,

जहां भारत अपनी पदक संख्या में और इजाफा कर सकता है।

FAQ

Q1. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के नौवें दिन नीरज चोपड़ा ने कौन-सा पदक जीता?
नीरज चोपड़ा ने पुरुष भाला फेंक स्पर्धा में रजत पदक जीता।

Q2. भारत के कितने मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे?
भारत के सभी 10 मुक्केबाज सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में पहुंचे।

Q3. जूडो में भारत ने कैसा प्रदर्शन किया?
अस्मिता और हर्ष सिंह ने स्वर्ण, जबकि यामिनी मौर्य ने रजत पदक जीता।

Q4. कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के कुल कितने पदक हो गए हैं?
नौवें दिन के बाद भारत के खाते में कुल 23 पदक हैं।

Q5. तेजस्विन शंकर ने कौन-सी उपलब्धि हासिल की?
उन्होंने डेकाथलॉन में कांस्य पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की।

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