भारत की समुद्री सीमा पर नशीले कारोबार को बड़ा झटका
गुजरात के मुंद्रा तट के पास गुजरात ATS और भारतीय तटरक्षक बल (Coast Guard) ने एक संयुक्त अभियान में 115 किलोग्राम कोकीन जब्त कर देश के सबसे बड़े ड्रग्स रोधी अभियानों में से एक को अंजाम दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत करीब 1150 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारत की समुद्री सीमाओं का इस्तेमाल करने वाले अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करों पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं।
खुफिया सूचना बनी बड़ी सफलता की कुंजी
अधिकारियों को समुद्री मार्ग से मादक पदार्थों की तस्करी की विशेष सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद गुजरात ATS और भारतीय तटरक्षक बल ने संयुक्त रणनीति तैयार कर संदिग्ध जहाजों की निगरानी शुरू की। कई घंटों तक चली निगरानी के बाद एक कंटेनर जहाज पर संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं, जिसके बाद ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
समुद्र में फेंके गए बैगों से मिला करोड़ों का नशा
जांच के दौरान कुछ संदिग्धों द्वारा समुद्र में बैग फेंके जाने की जानकारी सामने आई। सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए समुद्र में सर्च ऑपरेशन चलाया और पांच बैग बरामद किए। जब बैग खोले गए तो उनमें कोकीन के पैकेट मिले। प्रारंभिक जांच में बरामद पदार्थ को उच्च गुणवत्ता वाली कोकीन बताया गया।
ब्राजील से भारत तक पहुंची तस्करी की खेप
जांच एजेंसियों के अनुसार यह खेप दक्षिण अमेरिका से समुद्री मार्ग के जरिए भारत पहुंची थी। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि तस्करी नेटवर्क कई देशों और बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रहा था ताकि सुरक्षा एजेंसियों को भ्रमित किया जा सके। अब एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की अंतरराष्ट्रीय कड़ियों को खंगाल रही हैं।
ड्रग्स माफिया के खिलाफ बड़ा संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि यह जब्ती केवल एक खेप पकड़ने तक सीमित नहीं है बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स माफिया के लिए बड़ा संदेश है। हाल के वर्षों में समुद्री मार्गों के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में वृद्धि हुई है। ऐसे में यह कार्रवाई तस्करों के नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कई संदिग्ध एजेंसियों के रडार पर
इस मामले में कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर भारत में इस खेप की डिलीवरी किसे दी जानी थी और इसके पीछे कौन-सा गिरोह सक्रिय था। वित्तीय लेनदेन,
विदेशी संपर्क और स्थानीय नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
समुद्री सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी जीत
भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात ATS की इस कार्रवाई को समुद्री सुरक्षा व्यवस्था की
बड़ी सफलता माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह खेप
बाजार तक पहुंच जाती तो युवाओं और समाज पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता था।
समय रहते की गई कार्रवाई ने करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार को रोक दिया।
सरकार की ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति
केंद्र और राज्य सरकारें लगातार ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही हैं। हाल के वर्षों में
समुद्र और सीमावर्ती इलाकों से कई बड़ी ड्रग्स खेप पकड़ी गई हैं। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत
सुरक्षा एजेंसियों को आधुनिक तकनीक और खुफिया तंत्र से मजबूत किया गया है।
मुंद्रा तट के पास 115 किलो कोकीन की बरामदगी
केवल एक जब्ती नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क के
खिलाफ भारत की बड़ी सफलता है। गुजरात ATS और भारतीय तटरक्षक बल की सतर्कता ने करोड़ों रुपये के
नशीले कारोबार को नाकाम कर दिया। अब जांच एजेंसियों की नजर इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड और
इसके वैश्विक नेटवर्क पर है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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