संभागीय परिवहन विभाग की अनोखी सुविधा बनी लोगों की पसंद
गोरखपुर में संभागीय परिवहन विभाग द्वारा स्क्रैप नीति के तहत दी जा रही एक विशेष सुविधा का बड़ी संख्या में वाहन मालिक लाभ उठा रहे हैं। इस व्यवस्था के तहत लोग अपने पुराने और अनुपयोगी वाहन को स्क्रैप कराने के बाद उसी वाहन का पसंदीदा रजिस्ट्रेशन नंबर नए वाहन पर प्राप्त कर सकते हैं। इससे वाहन मालिकों को अपने पुराने नंबर से जुड़ाव बनाए रखने का अवसर मिल रहा है।
क्या है स्क्रैप नीति की यह सुविधा?
केंद्र और राज्य सरकार द्वारा लागू वाहन स्क्रैप नीति का उद्देश्य पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़क से हटाना है। इसी के तहत यदि कोई व्यक्ति अपने पुराने वाहन को अधिकृत स्क्रैप सेंटर में जमा करता है, तो उसे स्क्रैप प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। इसके आधार पर वह अपने पुराने वाहन का नंबर नए वाहन पर सुरक्षित रख सकता है।
वाहन मालिकों को मिल रही बड़ी राहत
कई वाहन मालिक अपने विशेष या वीआईपी नंबरों से भावनात्मक रूप से जुड़े रहते हैं। पहले पुराने वाहन के हटने के बाद ऐसे नंबरों को बचाना मुश्किल होता था, लेकिन अब स्क्रैप नीति के तहत यह संभव हो गया है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस सुविधा का लाभ लेने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
समय और धन दोनों की बचत
परिवहन विभाग लगातार अपनी सेवाओं को डिजिटल बना रहा है। ऑनलाइन प्रक्रियाओं और नई सुविधाओं के कारण वाहन मालिकों को कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ रहे हैं। इससे समय की बचत होने के साथ-साथ प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और सरल हुई है।
पर्यावरण संरक्षण को भी मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि स्क्रैप नीति से पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की संख्या कम होगी। इससे सड़क सुरक्षा में सुधार के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। पुराने वाहनों की जगह नए और आधुनिक वाहनों के उपयोग से ईंधन दक्षता भी बढ़ेगी।
डिजिटल परिवहन सेवाओं का बढ़ रहा दायरा
परिवहन विभाग ने हाल के वर्षों में कई सेवाओं को ऑनलाइन किया है।
ड्राइविंग लाइसेंस में संशोधन, वाहन स्थानांतरण और अन्य सेवाओं की तरह अब वाहन मालिकों को कई कार्य
घर बैठे करने की सुविधा मिल रही है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और गति दोनों आई हैं।
लोगों में बढ़ रही जागरूकता
गोरखपुर और आसपास के जिलों में अब लोग स्क्रैप नीति और
उससे मिलने वाले लाभों के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं। परिवहन विभाग भी समय-समय पर लोगों को
इस सुविधा के बारे में जानकारी दे रहा है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
गोरखपुर में स्क्रैप नीति के तहत पुराने वाहन का नंबर नए वाहन पर लेने की
सुविधा लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। इससे जहां
वाहन मालिकों को अपनी पसंद का नंबर सुरक्षित रखने का अवसर मिल रहा है,
वहीं पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा मिल रहा है। परिवहन विभाग की
यह पहल डिजिटल और नागरिक-केंद्रित सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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