राकेश शर्मा की रिपोर्ट
गोरखपुर जनपद के गोला तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दीपगढ़ में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के प्रथम दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीधाम वृंदावन से पधारीं प्रसिद्ध कथा व्यास श्रीमती अनुराधा तिवारी ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा का अमृतपान कराते हुए श्रीमद् भागवत महापुराण के महत्व और उसकी महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया।
कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भक्ति भाव से कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया। कथा स्थल पर पूरे वातावरण में भक्तिमय माहौल देखने को मिला।
श्रीमद् भागवत है कलियुग में मोक्ष का मार्ग
कथा व्यास श्रीमती अनुराधा तिवारी ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद् भागवत महापुराण केवल एक ग्रंथ नहीं बल्कि भगवान श्रीकृष्ण का वाङ्मय स्वरूप है। उन्होंने कहा कि कलियुग में मनुष्य के उद्धार और कल्याण का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण है।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति भाव से श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करता है, उसके समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे परम तत्व की प्राप्ति होती है। कथा सुनने मात्र से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा उसका मन भगवान की भक्ति में लगने लगता है।
भागवत महात्म्य का किया विस्तार से वर्णन
प्रथम दिवस की कथा में कथा व्यास ने श्रीमद् भागवत महात्म्य का विस्तृत वर्णन करते हुए बताया कि भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। यह ग्रंथ व्यक्ति को धर्म, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब व्यक्ति मानसिक तनाव, भौतिकता और स्वार्थ के जाल में फंसता जा रहा है, तब श्रीमद् भागवत महापुराण जीवन को आध्यात्मिक शांति और संतुलन प्रदान करता है।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ कथा का शुभारंभ
श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के आरंभ से पूर्व वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजन-अर्चन संपन्न कराया गया। आचार्य अमित त्रिपाठी ने मंगलाचरण और स्वास्तिक वाचन कर पूरे वातावरण को भक्तिमय एवं पवित्र बनाया।
इसके पश्चात मुख्य सेवक सुभाष विश्वकर्मा एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती विंध्यवासिनी देवी द्वारा सर्वप्रथम गौरी-गणेश पूजन कराया गया। साथ ही नवग्रह शांति पूजन और श्रीमद् भागवत महापुराण का पंचोपचार पूजन संपन्न कराया गया।
पूजन कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रों और जयघोषों के बीच भगवान का स्मरण किया।
व्यास पीठ पर विराजमान हुईं कथा व्यास
पूजन-अर्चन के उपरांत कथा व्यास श्रीमती अनुराधा तिवारी को विधिवत व्यास पीठ पर
विराजमान कराया गया। श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा,
भक्ति की शक्ति और भागवत कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि
भागवत श्रवण से मनुष्य के जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान संभव है।
महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन
प्रथम दिवस की कथा समाप्ति के बाद भव्य महाआरती का आयोजन किया गया।
उपस्थित श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लेकर भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की।
महाआरती के पश्चात सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
श्रद्धालुओं ने कथा स्थल पर पहुंचकर आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का अनुभव किया।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
ग्राम दीपगढ़ में आयोजित इस धार्मिक आयोजन को लेकर क्षेत्र के लोगों में
विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। कथा स्थल पर दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और
भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन होकर कथा का श्रवण कर रहे हैं।
आयोजकों का कहना है कि आगामी दिनों में भी कथा के माध्यम से भगवान
श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं और भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा।
ग्राम दीपगढ़ में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का प्रथम दिवस भक्ति,
श्रद्धा और आध्यात्मिक संदेशों से परिपूर्ण रहा। कथा व्यास श्रीमती
अनुराधा तिवारी ने श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत के महत्व से अवगत कराते हुए बताया कि
भागवत कथा का श्रवण मानव जीवन को सफल और सार्थक बनाता है। कथा के
माध्यम से लोगों को धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिल रही है
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