उत्तर प्रदेश के आगरा में कैफे और मिनी मूवी सेंटरों की आड़ में कथित अनैतिक गतिविधियों की शिकायत के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सदर थाना क्षेत्र स्थित नंद प्लाजा में पुलिस और स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) की टीम ने एक साथ कई कैफे और मिनी सिनेमा सेंटरों पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 11 जोड़ों को हिरासत में लिया, जबकि मामले में नामजद आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। अदालत से चारों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, नंद प्लाजा में संचालित कुछ कैफे और मिनी मूवी स्टेशन में बने केबिनों को कथित तौर पर प्रति घंटे के हिसाब से बुक किया जाता था। छापे के दौरान पुलिस को इन केबिनों और आसपास आपत्तिजनक सामान मिलने का दावा किया गया है। कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन अब पूरे नंद प्लाजा को सील करने की तैयारी में है।
शिकायत के बाद गोपनीय तरीके से तैयार हुई छापेमारी की योजना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आसपास के लोगों की ओर से नंद प्लाजा में संचालित कैफे और मिनी मूवी सेंटरों को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों में कथित तौर पर कैफे की आड़ में अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की बात कही गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय खुफिया इकाई की सूचना पर अधिकारियों ने कार्रवाई की योजना बनाई। रिपोर्ट के मुताबिक, छापेमारी को गोपनीय रखा गया और संबंधित स्थानीय पुलिस को पहले से इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में टीम बनाकर नंद प्लाजा में एक साथ कई प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई।
एक साथ कई कैफे और मिनी सिनेमा सेंटरों पर कार्रवाई
रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस टीम ने नंद प्लाजा में स्थित कई कैफे और मिनी मूवी सेंटरों की जांच की। इनमें केव मिनी प्लैक्स, द रैपिड कैफे, मैक्स सिनेमा, रैपिड मूवी स्टेशन, द रैंप मिनीप्लेक्स, द रैंप कैफे और बैरिस्टा कैफे समेत कई प्रतिष्ठान शामिल बताए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि इन जगहों पर छोटे-छोटे केबिन बनाए गए थे। जांच के दौरान पुलिस को केबिनों के बाहर कूड़ेदान में कुछ आपत्तिजनक सामान मिलने का दावा किया गया।
इसके अलावा पुलिस ने केबिनों की बुकिंग से जुड़े ऑनलाइन भुगतान की जानकारी मिलने की बात भी कही है।
500 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से केबिन बुकिंग का दावा
पुलिस के अनुसार, कैफे में बने केबिनों को कथित तौर पर 500 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से बुक किया जाता था। अधिकारियों ने ऑनलाइन भुगतान से संबंधित जानकारी मिलने की बात कही है।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि कई जगहों पर ग्राहकों से संबंधित कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड नहीं मिला। ऐसे में अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन प्रतिष्ठानों में किस तरह की गतिविधियां चल रही थीं और उनका संचालन किस स्तर तक किया जा रहा था।
11 जोड़े हिरासत में, चार आरोपी जेल भेजे गए
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 11 जोड़ों को हिरासत में लिया। हालांकि, इन लोगों की पहचान या उनके खिलाफ कार्रवाई के संबंध में अंतिम स्थिति पुलिस की आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
वहीं, मामले में सात लोगों को नामजद किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने इनमें से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और अदालत में पेश किया। अदालत ने चारों को जेल भेज दिया। बाकी नामजद आरोपियों के संबंध में पुलिस की ओर से वांछित होने की बात कही गई है।
अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई
मामले में पुलिस की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कार्रवाई अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत की गई है।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि कैफे और मिनी मूवी सेंटरों का संचालन किन परिस्थितियों में किया जा रहा था और वहां बने केबिनों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से होता था।
कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस प्रतिष्ठानों के संचालन से संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है।
कैफे में केबिन और बेड देखकर पुलिस ने की जांच तेज
पुलिस की जांच में कैफे और मिनी मूवी सेंटरों के अंदर बने केबिन सामने आए। कुछ स्थानों पर केबिनों में बेड जैसी व्यवस्था होने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।
पुलिस का कहना है कि इन व्यवस्थाओं और अन्य बरामद सामान की जांच मामले की परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
हालांकि, इन चीजों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था, इसकी अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संचालकों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
कम उम्र की लड़कियों को काम पर रखने का भी दावा
पुलिस के मुताबिक, कुछ कैफे में साफ-सफाई और वेटर से जुड़े काम के लिए
कम उम्र की लड़कियों को नौकरी पर रखा गया था। इस पहलू की भी जांच की जा रही है।
यदि जांच में उम्र या रोजगार से जुड़े नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित
लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार अतिरिक्त कार्रवाई हो सकती है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पुलिस ने नाबालिग या कम उम्र के
कर्मचारियों से जुड़े पहलुओं की जांच की बात कही है।
2018 में बनाए गए थे कई केबिन
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ कैफे और
मिनी मूवी सेंटरों में केबिन वर्ष 2018 से बने हुए थे।
पुलिस के अनुसार, इन केबिनों को घंटों के हिसाब से उपलब्ध कराया जाता था।
अब पुलिस इन प्रतिष्ठानों के संचालन की पूरी व्यवस्था और वहां चल रही गतिविधियों की जांच कर रही है।
पूरे नंद प्लाजा को सील करने की तैयारी
कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने पूरे नंद प्लाजा को सील करने की तैयारी शुरू कर दी है।
अधिकारियों के अनुसार, इसके लिए संबंधित प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पुलिस आयुक्त की ओर से यह भी कहा गया है कि शहर के अन्य हिस्सों में भी यदि
इस तरह की शिकायतें मिलती हैं तो संबंधित थाना पुलिस को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इससे संकेत मिल रहा है कि नंद प्लाजा की कार्रवाई के बाद आगरा के
अन्य कैफे और मिनी मूवी सेंटर भी पुलिस जांच के दायरे में आ सकते हैं।
स्थानीय शिकायतों के बाद पुलिस की कार्रवाई से बढ़ी हलचल
नंद प्लाजा में हुई इस कार्रवाई के बाद कैफे संचालकों और
आसपास के कारोबारियों में भी चर्चा तेज हो गई है।
पुलिस का कहना है कि कार्रवाई किसी एक शिकायत तक सीमित नहीं है,
बल्कि कथित गतिविधियों से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद जांच की गई।
प्रशासन का रुख साफ है कि यदि किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान की आड़ में
कानून का उल्लंघन पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगी कार्रवाई?
अब पुलिस की जांच में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे। इनमें कैफे और मिनी मूवी सेंटरों के
संचालन की वास्तविक प्रकृति, केबिनों की बुकिंग व्यवस्था, ऑनलाइन भुगतान, ग्राहकों का रिकॉर्ड,
कर्मचारियों की उम्र और प्रतिष्ठानों के मालिकों की भूमिका जैसे पहलू शामिल हो सकते हैं।
इसके साथ ही पुलिस यह भी जांच करेगी कि नंद प्लाजा में इस तरह की
गतिविधियां कब से चल रही थीं और क्या अन्य लोग भी इसमें शामिल थे।
जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां या अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
निष्कर्ष: आगरा में कैफे और मिनी सिनेमा सेंटरों पर पुलिस की सख्ती
आगरा के नंद प्लाजा में पुलिस की छापेमारी ने कैफे और मिनी मूवी सेंटरों की
कार्यप्रणाली को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया है। पुलिस ने 11 जोड़ों को
हिरासत में लेने और चार आरोपियों को जेल भेजे जाने की जानकारी दी है।
कई प्रतिष्ठानों में बने केबिन, कथित आपत्तिजनक सामान और 500 रुपये प्रति घंटे की
बुकिंग व्यवस्था को जांच का अहम हिस्सा बनाया गया है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस की जांच और
न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि
आरोपों में कितनी सच्चाई है और संबंधित लोगों की वास्तविक भूमिका क्या थी।
प्रशासन की ओर से शहर के दूसरे हिस्सों में भी ऐसी शिकायतों पर जांच के निर्देश दिए गए हैं।
ऐसे में आने वाले दिनों में आगरा के अन्य कैफे और मिनी मूवी सेंटरों पर भी पुलिस की कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
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