उत्तर प्रदेश में अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और तेज कार्रवाई देखने को मिली है। बीते 48 घंटों में प्रदेश के 16 जिलों में यूपी पुलिस ने 35 एनकाउंटर कर अपराधियों के नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है। इस बड़े अभियान के बाद Rajeev Krishna ने साफ शब्दों में अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अपराधियों के लिए अब यूपी में कोई जगह नहीं बची है।
प्रदेशभर में चलाए गए इस हाई वोल्टेज ऑपरेशन ने अपराध जगत में खलबली मचा दी है। पुलिस की लगातार दबिश, रातभर छापेमारी और हाई अलर्ट के बीच कई कुख्यात बदमाश गिरफ्तार किए गए, जबकि कई अपराधी पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए। इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक सिर्फ यूपी पुलिस ऑपरेशन की चर्चा हो रही है।
16 जिलों में चला हाई अलर्ट ऑपरेशन
यूपी पुलिस ने जिन जिलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की, उनमें Lucknow, Gorakhpur, Meerut, Kanpur, Prayagraj, Varanasi, Noida, Ghaziabad, Bareilly, Ayodhya, Agra, Jhansi, Saharanpur, Kushinagar, Basti और Moradabad शामिल बताए जा रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक कई गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर और वांछित अपराधियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें बनाई गई थीं। इस अभियान में एक साथ कई स्थानों पर दबिश देकर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश की गई।
डीजीपी राजीव कृष्ण का बड़ा बयान
डीजीपी राजीव कृष्ण ने साफ कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए।
उन्होंने कहा कि जो अपराधी आत्मसमर्पण करेंगे, उनके खिलाफ कानून के दायरे में कार्रवाई होगी, लेकिन जो पुलिस पर हमला करेंगे या कानून को चुनौती देंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उनके इस बयान को यूपी पुलिस का बड़ा संदेश माना जा रहा है।
योगी सरकार की सख्त नीति का असर
Yogi Adityanath पहले ही साफ कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश में माफिया, गैंगस्टर और संगठित अपराध के लिए कोई जगह नहीं है। अब 48 घंटे में हुए 35 एनकाउंटर को उसी नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले समय में अपराध के खिलाफ और बड़े अभियान देखने को मिल सकते हैं। प्रदेश सरकार लगातार कानून व्यवस्था को अपनी प्राथमिकता बता रही है और इसी वजह से पुलिस को खुलकर कार्रवाई करने की छूट दी गई है।
अपराधियों में डर, जनता में बढ़ा भरोसा
लगातार पुलिस कार्रवाई के बाद आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
कई जिलों में लोगों ने खुलकर यूपी पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है।
दूसरी ओर अपराधी गिरोहों में डर का माहौल देखा जा रहा है। कई वांछित अपराधियों के
भूमिगत होने की खबरें सामने आ रही हैं। पुलिस रिकॉर्ड के
अनुसार कुछ अपराधियों ने कोर्ट में सरेंडर की तैयारी भी शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ऑपरेशन
यूपी पुलिस ऑपरेशन से जुड़े वीडियो, तस्वीरें और अपडेट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर लोग लगातार इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
कुछ लोग इसे “ऑपरेशन क्लीन यूपी” बता रहे हैं तो कुछ
इसे अपराधियों के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान मान रहे हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों की राय
सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार और समन्वित कार्रवाई से
अपराध नेटवर्क कमजोर होता है। हालांकि विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि
कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया का पालन भी बेहद जरूरी है।
फिलहाल यूपी पुलिस हर जिले में निगरानी बढ़ा रही है और अपराधियों की संपत्ति,
गैंग नेटवर्क और आर्थिक गतिविधियों की जांच भी तेज कर दी गई है।
48 घंटों में 35 एनकाउंटर और 16 जिलों में बड़े पुलिस ऑपरेशन ने यह साफ कर दिया है कि
उत्तर प्रदेश में अपराध के खिलाफ बेहद सख्त रणनीति लागू की जा रही है।
डीजीपी राजीव कृष्ण के अल्टीमेटम के बाद अपराधियों में खौफ और जनता में भरोसा बढ़ता दिखाई दे रहा है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि यूपी पुलिस का यह अभियान आगे कितनी
बड़ी कार्रवाई में बदलता है और अपराध जगत पर इसका कितना असर पड़ता है।
